शुक्रवार, 6 नवंबर 2026

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महायुति में अंदरूनी कलह के बीच रविंद्र चव्हाण को अमित शाह की अहम सूचना

महायुति में अंदरूनी कलह के बीच रविंद्र चव्हाण को अमित शाह की अहम सूचना
रवींद्र चव्हाण | फाइल फोटो | ABP Live
PT24 टीम

विधान परिषद चुनाव में महायुति को सिर्फ 2 सीटें मिलीं। इसके बाद रविंद्र चव्हाण ने दिल्ली में अमित शाह से मुलाकात की।

महाराष्ट्र में कुछ दिन पहले पांच सीटों पर विधान परिषद का चुनाव हुआ। इसमें महाविकास आघाड़ी ने अच्छा प्रदर्शन करते हुए पांच में से तीन सीटें जीतीं। महायुति को सिर्फ 2 सीटों पर संतोष करना पड़ा। दोनों शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में भाजपा जीती, लेकिन बाकी तीन सीटों पर महायुति के अंदर के मतभेद का नुकसान उठाना पड़ा, ऐसी चर्चा है।

नतीजों के बाद महाविकास आघाड़ी का आत्मविश्वास बढ़ा दिखा। यह नतीजा भाजपा के वरिष्ठ नेताओं तक पहुंचा। फिर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष रविंद्र चव्हाण ने दिल्ली में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की।

मुलाकात में चव्हाण ने विधान परिषद चुनाव में किए गए काम की रिपोर्ट भी सौंपी। महायुति को अभेद्य रखने पर दोनों नेताओं में बात हुई। शाह ने चव्हाण को अहम सूचनाएं दीं: महाविकास आघाड़ी के नैरेटिव को खारिज करें, विरोधियों को जैसे को तैसा जवाब दें और महायुति के तौर पर पूरी ताकत से पलटवार करें। इस मुलाकात की राजनीतिक गलियारों में जोरदार चर्चा है।

चुनाव के दौरान महायुति में क्या हुआ था? अंदरूनी मतभेद खुलकर सामने आ गए थे। चुनाव से पहले टिकट को लेकर शिंदे गुट और भाजपा में खींचतान चली। पुणे के शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में दोनों ने उम्मीदवार उतारे।

इसका असर पुणे के शिक्षक और स्नातक क्षेत्रों में दिखा। शिक्षक क्षेत्र में भाजपा जीती, पर स्नातक में उसके उम्मीदवार हार गए। मराठवाड़ा के स्नातक क्षेत्र में अजित पवार गुट के तत्कालीन मौजूदा विधायक को भी हार का सामना करना पड़ा।

नतीजों के बाद भाजपा के नवनाथ बन ने शिंदे गुट पर जमकर भड़ास निकाली और महायुति के प्रदर्शन के लिए उसे जिम्मेदार ठहराया। जवाब में शिंदे गुट के रवींद्र धंगेकर ने भी बन को खरी-खरी सुनाई, फिर भाजपा के प्रमुख नेताओं पर भी निशाना साधा।

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