शुक्रवार, 6 नवंबर 2026

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शरद पवार अस्पताल में, राष्ट्रवादी में हलचल, अनिल देशमुख ने तटकरे से पूछे सवाल

शरद पवार अस्पताल में, राष्ट्रवादी में हलचल, अनिल देशमुख ने तटकरे से पूछे सवाल तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
सियासत PT24 राजनीति डेस्क

सुनील तटकरे ने कहा कि अजित पवार ने दोनों राष्ट्रवादी पार्टियों के विलय का विचार रखा था। शरद पवार गुट के नेता अनिल देशमुख ने इस पर तटकरे से सीधे सवाल किए।

वरिष्ठ नेता शरद पवार का अस्पताल में इलाज चल रहा है। कल रात राष्ट्रवादी के नेता प्रफुल्ल पटेल ने पवार से मुलाकात कर करीब एक घंटा बातचीत की। इसके बाद आज सुबह राष्ट्रवादी के प्रदेशाध्यक्ष सुनील तटकरे ने कहा कि अजित पवार ने दोनों राष्ट्रवादी पार्टियों के विलय का विचार सामने रखा था। इस बयान से राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई और प्रतिक्रियाएं आने लगीं।

शरद पवार गुट के नेता और पूर्व मंत्री अनिल देशमुख ने तटकरे से सीधे सवाल किए। देशमुख ने कहा कि अजितदादा ने विलय की तारीख तय की थी। उन्होंने पूछा कि विलय होने वाला है, यह हम तब कह रहे थे तो तटकरे उसे नकार क्यों रहे थे, और अब किस मकसद से विलय की बात कर रहे हैं।

देशमुख के मुताबिक अजित पवार और शरद पवार के बीच विलय को लेकर बैठकें हुई थीं और दोनों पार्टियों को साथ आना चाहिए, इस पर चर्चा हुई थी। उन्होंने कहा कि हम तब यही बता रहे थे, लेकिन सुनील तटकरे कह रहे थे कि ऐसी कोई चर्चा हुई ही नहीं, अजितदादा ने अलग कारणों से बैठकें की थीं और विलय के बारे में उनसे कभी कुछ नहीं कहा।

देशमुख ने कहा कि अब तटकरे को अचानक क्या हो गया। उन्होंने पूछा कि तब आप चर्चा से ही इनकार कर रहे थे, उस वक्त किसका एजेंडा चला रहे थे, यह पता नहीं। किसके कहने पर ऐसा बोल रहे थे और अब अलग रुख क्यों लिया है?

उन्होंने पूछा कि तटकरे को विलय की बात आज ही क्यों सूझी, और दोनों पार्टियों की बैठक की बात तब ही क्यों नहीं बताई। उनके मुताबिक हमने फोटो भी दिखाए थे। देशमुख ने कहा कि उनकी पार्टी में शायद कुछ नए बदलाव होने वाले हैं या कुछ चल रहा है, इसलिए वे बोल रहे होंगे। उन्होंने कहा कि 12 फरवरी को हम साथ आने वाले थे, तारीख भी तय थी, और तब तटकरे ने विरोध किया था।

देशमुख ने कहा कि मौजूदा हालात में दोनों पार्टियों के साथ आने का सवाल ही नहीं है और अब साथ आना आसान नहीं है। उनके अनुसार जब साथ आने का फैसला हुआ था, तब दादा के निधन के बाद इन्हीं लोगों ने विरोध किया था। उनकी पार्टी में अंदर क्या चल रहा है, यह उन्हें नहीं मालूम; देशमुख के मुताबिक वह उस पार्टी का निजी मामला है।

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