गुरूवार, 29 अक्टूबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट

कर्जत पंप स्टोरेज प्रोजेक्ट पर राज ठाकरे: युवा आगे आएं, मैं साथ हूं

कर्जत पंप स्टोरेज प्रोजेक्ट पर राज ठाकरे: युवा आगे आएं, मैं साथ हूं तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
शहर PT24 शहर डेस्क

मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने कर्जत में 3,000 मेगावाट के प्रस्तावित प्रोजेक्ट के खिलाफ स्थानीय लोगों और युवाओं से एकजुट होकर आंदोलन की अगुवाई करने को कहा।

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने बुधवार को कर्जत के लोगों से, खासकर युवाओं से, अपील की कि वे एकजुट होकर 3,000 मेगावाट के प्रस्तावित पंप्ड स्टोरेज प्रोजेक्ट के खिलाफ आंदोलन की अगुवाई करें। प्रोजेक्ट की जगह पर पेड़ों की कटाई शुरू हो चुकी है। इसी के बाद ठाकरे ने यह अपील की।

ठाकरे ने दिन में प्रभावित इलाके का दौरा किया और फिर कर्जत में एक सभा को संबोधित किया। वहां उन्होंने कहा कि जो लोग इलाके के प्राकृतिक पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले प्रोजेक्ट का विरोध कर रहे हैं, उन्हें उनका समर्थन रहेगा। उन्होंने कहा, "कर्जत के लोग और युवा मिलकर इस प्रोजेक्ट के खिलाफ आंदोलन चलाएं, मैं उनके पीछे खड़ा रहूंगा।"

प्रोजेक्ट के लिए 32,490 पेड़ काटने पड़ेंगे। इसी वजह से स्थानीय लोग और राजनीतिक नेता इसका विरोध कर रहे हैं। उन्हें पर्यावरण पर असर की चिंता है, साथ ही गांव वालों के विस्थापित होने का डर भी है।

ठाकरे ने सोशल मीडिया पर मराठी में एक पोस्ट भी डाली। उसमें उन्होंने लिखा कि 28 अक्टूबर को कर्जत में टोरेंट कंपनी के बिजली प्रोजेक्ट के लिए जहां बेहिसाब जंगल कटाई चल रही है, उस जगह पर वे गए। उनका आरोप है कि गुजरात की एक कंपनी को काम दिलाने के लिए यह सारा झमेला हो रहा है। शाम को कर्जत में पुलिस ग्राउंड की सभा में वे विस्तार से बोलेंगे, यह भी उन्होंने लिखा।

साइट देखने का अनुभव बताते हुए ठाकरे ने कहा कि कटे हुए पेड़ों को देखकर उन्हें दुख हुआ। उनके शब्द थे, "जहां पेड़ कटे हैं वहां गया तो मरे हुए पेड़ों के ढेर दिखे। बुरा लगा, ऐसा लगा जैसे मैं पेड़ों की अंतिम यात्रा में आया हूं।" उन्होंने आरोप लगाया कि यह प्रोजेक्ट गुजरात के कारोबारियों को फायदा पहुंचाने के लिए हो रहा है।

ठाकरे ने प्रोजेक्ट की जरूरत पर ही सवाल उठाया। उन्होंने कहा, "मुझे समझ नहीं आता कि इस प्रोजेक्ट की जरूरत क्या है।" मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्रियों की भी उन्होंने आलोचना की कि वे इसके खिलाफ कोई रुख नहीं ले रहे।

भाषण में ठाकरे ने वाडा और जव्हार से आए उन मजदूरों से भी बात की, जिन्हें पेड़ काटने के काम के लिए यहां लाया गया था। उन्होंने चेताया कि आगे चलकर ऐसे ही प्रोजेक्ट उनके अपने इलाकों में पर्यावरण और रोजी-रोटी के लिए खतरा बन सकते हैं। उन्होंने कहा, "कल वाडा और जव्हार में आपके सामने भी ऐसा ही हाल हो सकता है।"

ठाकरे ने सह्याद्री और महाराष्ट्र के दूसरे हिस्सों में प्रस्तावित अक्षय ऊर्जा प्रोजेक्टों की सूची भी पढ़ी। उनका आरोप है कि सह्याद्री में प्रस्तावित 23 प्रोजेक्टों में से सिर्फ तीन केंद्र के हैं, बाकी 20 निजी संस्थाओं से जुड़े हैं। 236 अक्षय ऊर्जा प्रोजेक्टों का जिक्र करते हुए उन्होंने दलील दी कि आने वाले डेटा सेंटरों की बिजली की बढ़ती जरूरत इन प्रोजेक्टों को आगे बढ़ा रही है। उनका आरोप है कि विरोध करने वालों को सरकार बिजली की कमी का हवाला देकर समझाने की कोशिश कर सकती है।

पर्यावरण बचाने के लिए ठाकरे ने सोशल मीडिया पर भी युवाओं से अपील की। उन्होंने लोगों से कहा कि जिन प्रोजेक्टों से पर्यावरण को नुकसान होने की आशंका है, उनके खिलाफ एक हों। युवाओं को उन्होंने सलाह दी कि प्राकृतिक जगहों की फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर डालते समय सावधानी बरतें।

ठाकरे के मुताबिक मनसे, शिवसेना (यूबीटी) और शेतकरी कामगार पक्ष (PWP) मिलकर इलाके के प्राकृतिक पर्यावरण को बर्बाद करने का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि बाकी राजनीतिक पार्टियां इस आंदोलन में क्यों नजर नहीं आ रहीं। पुलिस से भी उन्होंने अपील की कि वह पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों का साथ न दे।

बुधवार को ही पहले ठाकरे उस साइट पर पहुंचे, जहां 3,000 मेगावाट के प्रस्तावित पंप्ड स्टोरेज प्रोजेक्ट के लिए पेड़ों की कटाई शुरू हुई है। वहां उन्होंने उन गांव वालों से बात की, जिन पर विस्थापन या जमीन खोने का खतरा बताया जा रहा है। उनके साथ मनसे नेता बाला नांदगांवकर, अविनाश जाधव और संदीप देशपांडे समेत कई लोग थे।

इससे पहले सोमवार को शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे, पार्टी सांसद संजय राउत और दूसरे नेता भी साइट पर गए थे और प्रभावित गांव वालों से मिले थे।

प्रोजेक्ट अब राजनीतिक खींचतान का मुद्दा बन गया है। विपक्षी पार्टियां पेड़ों की कटाई, जमीन अधिग्रहण और प्रस्तावित विकास के संभावित पर्यावरणीय नतीजों पर चिंता जता रही हैं।

उधर सत्ताधारी गठबंधन के नेताओं ने, जिनमें मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी शामिल हैं, विरोध करने वालों पर झूठा नैरेटिव फैलाने का आरोप लगाया है। उन्होंने महाराष्ट्र और यहां के लोगों को प्रोजेक्ट से होने वाले फायदे भी गिनाए हैं। दोनों तरफ के दावों ने सह्याद्री इलाके में अक्षय ऊर्जा ढांचे, विकास की जरूरतों और पर्यावरण की सुरक्षा के बीच संतुलन की बहस को और तेज कर दिया है।

#मुंबई#शहर#PT24#Civic#Mumbai

विज्ञापन

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप 'आप' पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे