मुख्यमंत्री फडणवीस ने मुंबई के तीन नए फ्लाईओवर जनता के लिए खोले
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गुरुवार को वर्षा बंगले से वर्चुअल तरीके से सायन, विद्याविहार और गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड के तीन पुलों का उद्घाटन किया।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गुरुवार को मुंबई में तीन फ्लाईओवर का वर्चुअल उद्घाटन किया। इनमें सायन और विद्याविहार स्टेशन के पास बने दो रेलवे ओवरब्रिज हैं और तीसरा गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड पर बना फ्लाईओवर है। ब्रिहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) का मकसद शहर में कनेक्टिविटी सुधारना और सफर का वक्त घटाना है।
उद्घाटन मुख्यमंत्री के सरकारी निवास वर्षा से हुआ। वहां उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार और दूसरे मान्यवर मौजूद थे। समारोह में बोलते हुए फडणवीस ने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर का काम ऐसा होना चाहिए जिससे मुंबईकरों की जिंदगी आसान हो। भीड़ कम हो, सफर का समय बचे और शहर के पूर्वी और पश्चिमी उपनगर, साथ ही उत्तरी और दक्षिणी हिस्से बेहतर तरीके से जुड़ें।
फडणवीस ने BMC को निर्देश दिया कि चल रहे प्रोजेक्ट तय समय के भीतर पूरे किए जाएं और क्वालिटी से समझौता न हो। उन्होंने यह भी कहा कि रुकावटें दूर की जाएं और एजेंसियों के बीच तालमेल बेहतर हो, ताकि काम में देरी न हो।
मुख्यमंत्री के मुताबिक मुंबई महाराष्ट्र की आर्थिक राजधानी है और देश की आर्थिक तरक्की का बड़ा इंजन भी। इसलिए शहर की योजना अगले 25 से 50 साल की जरूरतों को ध्यान में रखकर बननी चाहिए। मुंबई कोस्टल रोड, कंक्रीट की सड़कें, फ्लाईओवर और टनल अलग-अलग काम नहीं हैं। इन्हें एक जुड़े हुए ट्रांसपोर्ट नेटवर्क के हिस्से की तरह देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि जोर ट्रैफिक की अड़चनें और शहर के अलग-अलग हिस्सों के बीच सफर का समय घटाने पर है, साथ ही सड़क और रेलवे कनेक्टिविटी सुधारने पर भी।
मुंबई की मेयर ऋतु तावड़े ने कहा कि ये तीनों फ्लाईओवर लोगों का वह कीमती वक्त बचाएंगे जो ट्रैफिक में निकल जाता था। उनके मुताबिक सायन का पुल 112 साल पुराना, अंग्रेजों के जमाने का था। सुरक्षा की वजह से उसे बंद किया गया था। सेंट्रल रेलवे और BMC के इंजीनियरों ने उसे दोबारा बनाया और तय समय से चार महीने पहले खोल दिया।
तावड़े ने बताया कि विद्याविहार के दोनों तरफ के बीच का सफर पहले भीड़ में करीब 30 मिनट लगता था। अब वह करीब 10 मिनट में पूरा हो सकता है। गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड का फ्लाईओवर मुंबई के पूर्वी और पश्चिमी उपनगरों की कनेक्टिविटी मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि BMC गड्ढा-मुक्त सड़कों, 'पेडेस्ट्रियन फर्स्ट' नीति के तहत पैदल चलने वालों की सुरक्षा और 'ग्रीन मुंबई' पहल के जरिए पर्यावरण की हिफाजत पर भी ध्यान दे रही है।
उपमहापौर संजय घाडी ने कहा कि इन तीन प्रोजेक्ट से सफर आसान होगा और सफर का वक्त घटने से ईंधन की भी बचत होगी। उन्होंने दहिसर से मुंबई के दूसरे हिस्सों की तरफ जाने वालों की परेशानी का जिक्र किया, जहां कई बार सफर में दो घंटे तक लग जाते हैं। उनके मुताबिक ऐसी दिक्कतों के हल के लिए BMC ने कनेक्टिंग रोड, पुल और अंडरग्राउंड टनल के प्रोजेक्ट हाथ में लिए हैं।
BMC कमिश्नर अश्विनी भिड़े ने कहा कि ये तीनों प्रोजेक्ट मुंबई का ट्रांसपोर्ट नेटवर्क मजबूत करेंगे और लोगों को ज्यादा सुरक्षित और सुविधाजनक सफर देंगे। उन्होंने बताया कि तेजी से बढ़ते महानगर की जरूरतों के लिए महानगरपालिका सड़कें, पुल और दूसरा ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर बना रही है, जिसमें भीड़ घटाने और कनेक्टिविटी सुधारने पर जोर है।
कार्यक्रम में राज्य के मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा और आशीष शेलार, सांसद अनिल देसाई और रवींद्र वायकर, विधायक अमित साटम और दूसरे जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। वर्षा में कमिश्नर अश्विनी भिड़े और अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (प्रोजेक्ट्स) अभिजीत बांगर समेत वरिष्ठ अधिकारी हाजिर थे। बाकी civic अधिकारी और इंजीनियर वर्चुअल तरीके से जुड़े।
कमेंट
अभी कोई कमेंट नहीं। पहले आप लिखिए।