कर्जत पंप स्टोरेज से अगले 100 साल का नुकसान टलेगा, फडणवीस ने विपक्ष के आरोप नकारे
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि कर्जत के सायडोंगर में प्रस्तावित प्रोजेक्ट का विरोध बिना अध्ययन के हो रहा है और यहां का नुकसान अस्थायी है।
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रायगड जिले के कर्जत में सायडोंगर इलाके में गुजरात की टोरेंट पावर कंपनी की जलविद्युत ऊर्जा स्टोरेज परियोजना प्रस्तावित है। इसे लेकर राजनीति गरमा गई है। पर्यावरण से जुड़े कार्यकर्ताओं के साथ अब विपक्ष भी इस मुद्दे पर सरकार के खिलाफ आक्रामक दिख रहा है। इसी पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपनी सफाई दी है।
फडणवीस का कहना है कि इस परियोजना का विरोध बिना किसी अध्ययन के हो रहा है। उनके मुताबिक यहां जो नुकसान हो रहा है, वह अस्थायी है, लेकिन इसके जरिए आगे होने वाला कई हजार गुना नुकसान रोका जा रहा है। इस परियोजना के लिए सायडोंगर इलाके में पेड़ों की कटाई शुरू है और इसी बात पर पर्यावरण कार्यकर्ता और विपक्ष सरकार पर टूट पड़े हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा, "यह परियोजना पूरी तरह पर्यावरण के अनुकूल है। हम सोलर और विंड, ये दो तरह की ऊर्जा बनाते हैं, पर ये 24 घंटे नहीं मिलतीं। इसलिए ग्रिड पर असर पड़ता है। 24 घंटे साफ ऊर्जा पाने के लिए पंप स्टोरेज वाली ऊर्जा का इस्तेमाल होता है।" उन्होंने बताया कि इस परियोजना से 3 हजार मेगावाट ऊर्जा बनेगी। इतनी ऊर्जा कोयले से बनानी पड़े तो 28 करोड़ पेड़ लगेंगे।
फडणवीस ने जानकारी दी कि इस परियोजना के लिए 90 हजार पेड़ लगाए जाएंगे। परियोजना को जितनी जमीन दी जाएगी, उससे दोगुनी जमीन वन विभाग को दी जाएगी। उनके मुताबिक पंप स्टोरेज की उम्र 80 साल है और यह तकनीक पूरी तरह भारत में ही बनेगी। उन्होंने कहा कि इससे अगले 100 साल का नुकसान टाला जाएगा। अभी जो भी अस्थायी नुकसान हो रहा है, उसके कई हजार गुना नुकसान से हम बच जाएंगे।
विपक्ष पर निशाना साधते हुए फडणवीस बोले, "इस परियोजना पर जो भी आरोप लग रहे हैं, वे बिना अध्ययन के लग रहे हैं। विपक्ष पर्यावरण की परियोजना का विरोध करने की भूमिका ले रहा है। इसका ठीक से अध्ययन किया जाए तो साफ हो जाएगा कि यह विरोध कितना राजनीतिक है। कुछ लोगों का विरोध होगा तो हम उस पर विचार करेंगे। इससे बेहतर टेक्नोलॉजी हो तो वे हमें बताएं।"
कुछ लोग मांग कर रहे हैं कि कर्जत की यह परियोजना मराठवाड़ा या विदर्भ में ले जाई जाए। इस पर भी मुख्यमंत्री ने जवाब दिया। उन्होंने कहा, "पंप स्टोरेज कहीं भी नहीं बनाया जा सकता। इसके लिए कुछ चुनिंदा जगहें ढूंढी गई हैं। पंप स्टोरेज परियोजनाएं ग्रीन परियोजनाएं हैं, इसलिए उनका लाइफ साइकिल पर्यावरण के अनुकूल है। कर्जत की जगह इसके लिए सही है।"
फडणवीस ने आरे में पेड़ों की कटाई का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक वहां भी इसी तरह का विरोध हुआ था। आखिर में सर्वोच्च न्यायालय ने इस बारे में असली हालात सामने रखे और विरोध करने वालों को फटकार लगाई।
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