कर्जत पावर प्रोजेक्ट के लिए 32,490 पेड़ कटने के खिलाफ उतरे राज ठाकरे
कर्जत में प्रस्तावित 3000 मेगावॉट पंप स्टोरेज प्रोजेक्ट के लिए पेड़ों की कटाई पर विरोध तेज हो गया है। राज ठाकरे ने 28 अक्टूबर को कर्जत में जनसभा का ऐलान किया है।
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कर्जत में प्रस्तावित 3000 मेगावॉट के पंप स्टोरेज प्रोजेक्ट के लिए 32,490 पेड़ काटे जाने का मामला गरमा गया है। रविवार को कर्जत तालुका पर्यावरण बचाओ संघर्ष समिति के सदस्य महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे से दादर वेस्ट में उनके घर पर मिले। उन्होंने कटाई के खिलाफ ठाकरे का साथ मांगा।
समिति के लोगों ने ठाकरे को पूरा मामला समझाया और प्रोजेक्ट से जुड़े दस्तावेज दिखाए। इसके बाद ठाकरे ने इलाके के जंगल को नष्ट किए जाने का विरोध किया। उन्होंने 28 अक्टूबर को कर्जत में जनसभा करने का ऐलान भी किया।
समिति से जुड़े वकील कैलाश मोरे ने बताया कि ठाकरे पिछले दो-तीन दिनों से पेड़ कटाई की जानकारी जुटा रहे थे। मोरे के मुताबिक जनसभा से पहले मनसे प्रमुख प्रोजेक्ट वाली जगह का दौरा भी कर सकते हैं। वहीं वे अपना रुख बताएंगे और आगे के आंदोलन की योजना का ऐलान करेंगे।
मोरे ने कहा, "हमने राजसाहब को सारी जानकारी, तथ्य और दस्तावेज दिखाए तो उनका जवाब सकारात्मक रहा।" उन्होंने यह भी कहा कि एनसीपी-एसपी के नेता रोहित पवार के भी सभा में आने की संभावना है। मोरे के अनुसार महाराष्ट्र भर की कई राजनीतिक पार्टियों, नेताओं, संगठनों और संस्थाओं से जबरदस्त प्रतिसाद मिला है। सबका एक ही मत है कि उस इलाके के पुराने पेड़, पर्यावरण और प्रकृति को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए, और सबने इस पर नाराजगी जताई है।
आदित्य ठाकरे ने एक्स पर पोस्ट करके कटाई की दी गई मंजूरी पर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि स्थानीय लोगों और पर्यावरण कार्यकर्ताओं के विरोध के बावजूद प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाया जा रहा है।
रोहित पवार ने चेताया कि इस तबाही से भौंकने वाले हिरण, तेंदुए और जंगली सूअर जैसी प्रजातियों पर असर पड़ सकता है। उन्होंने औषधीय पौधों के खत्म होने का मुद्दा भी उठाया। साथ ही सुरंग बनाने के लिए होने वाले ब्लास्टिंग का पहाड़ियों पर असर और स्थानीय आदिवासी समुदायों पर पड़ने वाले नतीजों को लेकर भी चिंता जताई।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अंधाधुंध पेड़ कटाई के आरोपों को फर्जी नैरेटिव बताया। उनका कहना है कि सौर ऊर्जा का उत्पादन बंद होने के बाद पीक आवर्स में बिजली की जो कमी रहती है, यह प्रोजेक्ट उसे पूरा करेगा। फडणवीस ने कहा, "जो जमीन ली गई है वह सिर्फ पानी के जलाशयों के लिए है, और उसके बदले करीब तीन गुना जमीन वन विभाग को सौंपी गई है, साथ में 90,000 प्रतिपूरक पौधे भी दिए गए हैं। अगर यही क्षमता कोयले से बनाई जाती तो उस प्रदूषण की भरपाई के लिए 28 करोड़ पूरी तरह बढ़े पेड़ लगते, उत्सर्जन 40 लाख गाड़ियों के बराबर होता और हर साल 19 टीएमसी पानी खर्च होता। यह जगह भीमाशंकर जंगल से 16 किलोमीटर दूर है और केंद्र व राज्य की वन संस्थाओं की 18 महीने की सख्त जांच के बाद मंजूरी मिली है।"
सैदोंगर I कर्जत ऑफ-स्ट्रीम ओपन लूप पंप स्टोरेज प्रोजेक्ट कर्जत तालुका के पाली, कोटल खलाटी, सैदोंगर और ढाक गांवों में फैला है। दस्तावेजों के मुताबिक इसके लिए 233 हेक्टेयर वन भूमि का डायवर्जन करना होगा।
कर्जत ईस्ट के रेंज फॉरेस्ट ऑफिसर ने 14 अक्टूबर को एक पत्र जारी करके प्रोजेक्ट के लिए 32,490 पेड़ तुरंत काटने का निर्देश दिया था। स्थानीय लोगों का कहना है कि कटाई शुरू हो चुकी है। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया है कि प्रोजेक्ट को केंद्र और राज्य स्तर की मंजूरी मिल चुकी है। पर्यावरण कार्यकर्ताओं को डर है कि पेड़ों के कम होने से वन्यजीवों के ठिकाने उजड़ सकते हैं, जंगल के इलाके बंट सकते हैं और जैव विविधता से भरपूर सह्याद्री के पारिस्थितिक संतुलन पर असर पड़ेगा।
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