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वृक्षतोड पर भड़के जरांगे पाटील, साय डोंगर इलाके का दौरा करेंगे

मराठा आंदोलक मनोज जरांगे पाटील कर्जत-भीमाशंकर में पेड़ कटाई वाली जगह जाएंगे और सरकार पर तीखा हमला बोला।

वृक्षतोड पर भड़के जरांगे पाटील, साय डोंगर इलाके का दौरा करेंगे तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

कर्जत-भीमाशंकर इलाके में हो रही पेड़ कटाई का मुद्दा इन दिनों खूब गरमाया हुआ है। मराठा आंदोलक मनोज जरांगे पाटील इस वृक्षतोड से नाराज हैं और वे उस जगह जाकर स्थानीय लोगों से बात करेंगे। उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले अंग्रेजों से जितना तकलीफ नहीं होती थी, उतनी इन लोगों से हो रही है।

राज्य में अलग-अलग सवालों को लेकर आम लोगों में गुस्सा है। एक तरफ सूखे की वजह से किसान परेशान और बेहाल हैं, तो दूसरी तरफ कर्जत-भीमाशंकर की पेड़ कटाई का मामला जोर पकड़ रहा है। शिवसेना उबाठा पार्टी के विधायक आदित्य ठाकरे पहले ही कर्जत के साय डोंगर इलाके में जाकर स्थानीय लोगों से बात कर चुके हैं। अब जरांगे पाटील भी वहां जाकर लोगों से चर्चा करने वाले हैं।

जरांगे पाटील ने बताया कि वे कल बीड का दौरा करेंगे। वहां अंतरवाली आंदोलन में जान गंवाने वाले परिवार से मिलकर उन्हें सांत्वना देंगे और केज तालुका में सप्ताह कार्यक्रम में भी जाएंगे। इसके बाद वे अहिल्यानगर से कर्जत-भीमाशंकर की तरफ साय डोंगर इलाके में जाएंगे। उनके मुताबिक वे कल दोपहर 2 बजे के बाद बीड से रवाना होंगे और बुधवार 28 अक्टूबर को कर्जत-भीमाशंकर पहुंचेंगे।

जरांगे पाटील ने कहा कि जंगल और पेड़ कटाई के मामले में सरकार को लोगों की भावना का ख्याल रखना चाहिए, यह बात सरकार के दिमाग में क्यों नहीं आती। उनका कहना था कि एक तरफ 33 करोड़ पेड़ लगाने की बात की जाती है और दूसरी तरफ खुद ही पेड़ काटे जाते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार दादागिरी के तरीके से चल रही है। इसी बात को लेकर उन्होंने महायुती सरकार पर जोरदार हमला बोला।

किसान नेता रविकांत तुपकर ने भी इस पर चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि पहले से अल नीनो का संकट है, बारिश नहीं हो रही और विकास के नाम पर हजारों पेड़ काटे जा रहे हैं। उनके मुताबिक सरकार को प्रोजेक्ट जहां ले जाना है वहां ले जाए, लेकिन यह पेड़ कटाई रोके। तुपकर ने कहा कि सरकार के दिन भरते जा रहे हैं, हर बार पर्यावरण के अनुकूल प्रोजेक्ट बताकर धोखा दिया जाता है और हजारों पेड़ काट दिए जाते हैं। अगर सरकार ने इसे तुरंत नहीं रोका तो उसे बड़े पैमाने पर जनता के गुस्से का सामना करना पड़ेगा। यह इशारा उन्होंने भीमाशंकर की पेड़ कटाई पर दिया।

आदित्य ठाकरे ने भी सरकार को चेताया है। उन्होंने कहा कि हम महाराष्ट्र की जमीन बिकने नहीं देंगे, मरना पड़े तो भी चलेगा, लेकिन यह लड़ाई रुकनी नहीं चाहिए। स्थानीय लोगों की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि आपने पेड़ कटाई रुकवाई, इसके लिए बधाई, अब यहां चिपको आंदोलन भी कीजिए। जो कट्टर आएं उन्हें काटो, फेंको। अपने जंगल को हाथ लगाने नहीं देना है। इस तरह उन्होंने लोगों को आंदोलन और तेज करने की सलाह दी।

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