कर्जत में 32,490 पेड़ काटने का आदेश, संजय राउत ने सरकार से पूछे सवाल
रायगढ़ जिले के कर्जत में पंप्ड स्टोरेज प्रोजेक्ट के लिए पेड़ों की कटाई के वन विभाग के पत्र पर शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत ने महाराष्ट्र सरकार को घेरा है।
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शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत ने रायगढ़ जिले के कर्जत में 32,490 पेड़ तुरंत काटने के आदेश को लेकर महाराष्ट्र सरकार से सवाल किए हैं। यह आदेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित 3 नवंबर 2026 के दौरे से पहले दिया गया है। यह दौरा 3,000 मेगावाट के पंप्ड स्टोरेज हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट से जुड़ा है।
राउत ने X पर एक पत्र शेयर किया, जो 14 अक्टूबर की तारीख का है। पत्र कर्जत ईस्ट के रेंज फॉरेस्ट ऑफिसर समीर शिंदे ने जारी किया है। इसमें कहा गया है कि प्रस्तावित सैदोंगर-I कर्जत ऑफ-स्ट्रीम ओपन लूप पंप्ड स्टोरेज प्रोजेक्ट से प्रभावित 32,490 पेड़ हटाने की इजाज़त दी गई है। इस प्रोजेक्ट की योजनाबद्ध क्षमता 3,000 मेगावाट है।
पत्र में प्रोजेक्ट के लिए 233 हेक्टेयर वन भूमि के डायवर्जन की मंज़ूरियों का ज़िक्र है। इसमें 197.0272 हेक्टेयर आरक्षित वन, 26.066 हेक्टेयर निजी वन और 9.9068 हेक्टेयर संरक्षित वन शामिल है। प्रोजेक्ट टॉरेंट PSP 3 प्राइवेट लिमिटेड बना रही है। यह काम कर्जत तालुका के पाली, कोटल खलाटी, सैदोंगर और ढाक गांवों में हो रहा है।
पत्र के मुताबिक पेड़ों की कटाई सिर्फ उन्हीं 32,490 पेड़ों तक सीमित रहनी चाहिए, जो मंज़ूर प्रस्ताव में आते हैं। अधिकारियों को यह भी देखना है कि कोई अतिरिक्त पेड़ न कटे और मंज़ूर प्रस्ताव की शर्तों का उल्लंघन न हो।
पत्र में कहा गया है कि 3 नवंबर 2026 को प्रधानमंत्री मोदी के प्रोजेक्ट के उद्घाटन समारोह के लिए प्रस्तावित दौरे को देखते हुए प्रोजेक्ट क्षेत्र के प्रभावित पेड़ तुरंत हटाए जाएं। संबंधित वन रक्षक को यह भी निर्देश है कि कटे हुए पेड़ों से मिली लकड़ी और दूसरे सामान को ठीक से वर्गीकृत करके किसी उचित जगह पर रखे।
पत्र में साफ तौर पर प्रभावित पेड़ों का ही ज़िक्र है। इसमें भीमाशंकर इलाके के सारे पेड़ काटने का निर्देश नहीं दिया गया है।
पत्र शेयर करते हुए राउत ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री के दौरे से पहले पेड़ काटने का आदेश दिया जा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से जवाब मांगा और पूछा कि क्या यह आदेश सच है। राउत ने यह भी कहा कि जंगल, पानी और ज़मीन भाजपा की नहीं हैं।
राउत ने वरिष्ठ वकील और भाजपा की ओर से नामित राज्यसभा सांसद उज्ज्वल निकम को भी टैग किया। उन्होंने निकम से कहा कि वे जनता के वकील बनें, और जिन पर उन्होंने हरियाली उजाड़ने का आरोप लगाया है, उनकी पैरवी न करें।
इस प्रोजेक्ट के लिए कर्जत इलाके में जंगल कम होने की आशंका पर विपक्षी नेता और पर्यावरण कार्यकर्ता आलोचना कर रहे हैं। विवाद की जड़ हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट के लिए इतने बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई और उसके पर्यावरण पर संभावित असर को लेकर है।
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