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सूखे का हवाला देकर जनमंच ने नागपुर का शीतकालीन अधिवेशन रद्द करने को कहा

जनमंच का कहना है कि अधिवेशन पर खर्च होने वाले करोड़ों रुपये सूखाग्रस्त किसानों के खातों में सीधे जमा किए जाएं।

सूखे का हवाला देकर जनमंच ने नागपुर का शीतकालीन अधिवेशन रद्द करने को कहा तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

महाराष्ट्र में सूखे के हालात को देखते हुए जनमंच ने मांग की है कि नागपुर में होने वाला शीतकालीन अधिवेशन इस बार रद्द कर दिया जाए। संगठन का कहना है कि अधिवेशन पर करोड़ों रुपये खर्च होते हैं और यह रकम बचाकर सूखे से प्रभावित किसानों को राहत के तौर पर दी जानी चाहिए।

जनमंच ने सरकार से अपील की है कि राहत की राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में जमा की जाए। संगठन ने यह भी मांग रखी है कि सूखाग्रस्त किसानों के लिए राहत पैकेज घोषित किया जाए।

जनमंच के अध्यक्ष एड. मनोहर रड़के और दूसरे पदाधिकारियों के मुताबिक इस साल बारिश कम होने से राज्य में सूखे की स्थिति गंभीर हो गई है। संगठन का दावा है कि महाराष्ट्र के कई हिस्सों में हालात 1972 के सूखे से भी ज्यादा चिंताजनक हैं।

जनमंच का कहना है कि अगस्त और सितंबर में पर्याप्त बारिश नहीं हुई। इसका बुरा असर विदर्भ और मराठवाड़ा समेत राज्य के अलग-अलग इलाकों में खरीफ की फसलों पर पड़ा है। सोयाबीन, कपास, अरहर, उड़द, मूंग और चना जैसी मुख्य फसलें सूखने या बर्बाद होने की कगार पर पहुंच गई हैं। संगठन के अनुसार इससे किसानों की आमदनी घटी है और गांवों की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है।

नागपुर करार का जिक्र करते हुए जनमंच ने कहा कि नागपुर में छह सप्ताह तक शीतकालीन अधिवेशन चलाने का आश्वासन दिया गया था। संगठन के मुताबिक पिछले कुछ सालों से अधिवेशन की अवधि घटकर एक से दो सप्ताह ही रह गई है।

संगठन का कहना है कि मौजूदा सूखे को देखते हुए इस साल अधिवेशन रद्द करके उसका खर्च किसानों की राहत में लगाया जाना चाहिए। जनमंच ने इसे किसानों तक फौरन आर्थिक मदद पहुंचाने का एक रास्ता बताया है।

जनमंच के अनुसार खरीफ सीजन बिगड़ने से सिर्फ किसान ही नहीं, बल्कि खेती के काम पर निर्भर मजदूर भी आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। खेतों में काम कम होने से उनकी रोजी-रोटी पर असर पड़ा है। संगठन ने कहा कि ऐसे वक्त में किसानों और गांव के परिवारों को तुरंत पैसों की मदद चाहिए।

इस मांग पर जनमंच के महासचिव एड. शेखर सुरजुसे के साथ नरेश क्षीरसागर, प्रह्लाद खरसाने, अरविंद पाटिल, प्रमोद पांडे, राजीव जगताप और दूसरे पदाधिकारियों ने भी जोर दिया है।

#नागपुर#PT24#Nagpur

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