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मूंगफली बेचने वाला बना एमडी का करोड़पति तस्कर

जुर्म PT24 टीम

खरबी चौक के ठेले से राजस्थान तक फैला नशे का नेटवर्क, लग्जरी कारें और लाखों के शौक, फल्ली की डायरी खोलेगी कई राज

नागपुर :

कभी खरबी चौक पर मूंगफली का ठेला लगाकर पेट पालने वाला विशाल उर्फ फल्ली गुप्ता देखते ही देखते एमडी ड्रग्स की दुनिया में करोड़ों के खेल तक पहुंच गया. जिस फल्ली की पहचान कभी सड़क किनारे मूंगफली बेचने वाले के रूप में थी, वही अब पुलिस की जांच में एमडी तस्करी के कथित बड़े नेटवर्क के प्रमुख चेहरे के रूप में सामने आया है. पांच-दस हजार रुपये से शुरू हुआ नशे का कारोबार इतना फैल गया था कि नागपुर से विदर्भ के कई जिलों तक उसकी जड़ें पहुंच गईं. कभी ठेले पर मूंगफली बेचने वाला फल्ली अब लग्जरी कारों में घूमने और ऐशो-आराम पर लाखों रुपये उड़ाने लगा था. फल्ली की गिरफ्तारी के बाद सामने आ रही जानकारियों ने इस काले कारोबार की चौंकाने वाली तस्वीर सामने रख दी है. करीब छह साल से सक्रिय बताए जा रहे इस नेटवर्क को ध्वस्त करने में क्राइम ब्रांच को बड़ी सफलता मिली है. पुलिस को उसके ठिकाने से गहने और एक डायरी मिली है। अब इसी डायरी में दर्ज नामों और जानकारियों के सहारे पुलिस नशे के इस कथित साम्राज्य की परतें उधेड़ने में जुटी है.

ठेले से शुरू हुआ सफर, अपराध की दुनिया में बनाया दबदबा!

फल्ली के परिवार की जड़ें उत्तर प्रदेश से जुड़ी बताई जाती हैं. उसके पिता आज भी फिंगर बेचकर गुजारा करते हैं. दूसरी ओर, फल्ली ने बड़ा आदमी बनने और अपराध जगत में अपना नाम स्थापित करने का रास्ता चुना. दसवीं तक पढ़ाई करने के बाद वह अपराध की दुनिया में सक्रिय हो गया. फल्ली पिछले एक दशक से आपराधिक गतिविधियों में लिप्त था. उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास और हफ्ता वसूली समेत 18 से अधिक मामले दर्ज हैं. अपराधों के जरिए इलाके में दहशत और दबदबा कायम करने के बाद उसने कथित तौर पर एमडी तस्करी के कारोबार में कदम रखा. इलाके में उसकी दहशत का ऐसा माहौल था कि लोग उसके खिलाफ खुलकर बोलने से भी कतराते थे. इसी बात का फायदा उठाकर उसने अपने नेटवर्क को विस्तार देना शुरू किया.

पांच-दस हजार से करोड़ों तक का खेल

एमडी की तस्करी में मोटा मुनाफा देखकर फल्ली ने इस कारोबार को बड़े स्तर पर फैलाने की तैयारी शुरू कर दी. शुरुआत में छोटे पैमाने पर शुरू हुआ यह धंधा धीरे-धीरे बड़े नेटवर्क में तब्दील हो गया. पहले वह मध्य प्रदेश से एमडी की खेप मंगवाता था. बाद में राजस्थान के भूपेंद्र सिंह समेत अन्य कथित तस्करों से संपर्क बढ़ाकर उसने सप्लाई नेटवर्क का विस्तार किया. नागपुर से विदर्भ के विभिन्न जिलों तक फैले इस नेटवर्क ने पुलिस के सामने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. आखिर इतने वर्षों तक नशे का यह कारोबार कैसे चलता रहा. एमडी की खेप किन रास्तों से नागपुर पहुंचती थी. इसके खरीदार कौन थे और इस पूरे खेल में और कितने लोग शामिल थे अब पुलिस इन सभी सवालों के जवाब तलाश रही है.

हत्या, हफ्ता वसूली और फायरिंग के मामले में भी नाम

फल्ली की कहानी केवल एमडी तस्करी तक सीमित नहीं है. उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास और हफ्ता वसूली जैसे 18 मामले दर्ज है. कांग्रेस पार्षद शुभम मोटघरे पर हुई फायरिंग का वह सूत्रधार है. इस मामले में फल्ली और उसके साथियों के खिलाफ मकोका के तहत कार्रवाई की गई. साल 2025 में एमपीडीए के तहत जेल जाने के बाद उसके नेटवर्क के कमजोर पड़ने की उम्मीद थी. लेकिन , जेल से बाहर आने के बाद उसने फिर से एमडी तस्करी के कारोबार को सक्रिय किया. नेटवर्क को पहले से अधिक मजबूत कर लिया. अनिकेत उर्फ अन्नी बिहारे, शुभम उर्फ डोरेमॉन नरवरिया और कुनाल समुद्रे की मदद से एमडी की तस्करी करने लगा था.

रामेश्वरम में दबोचा गया फल्ली, साथियों पर भी शिकंजा

फल्ली के फरार होने के बाद क्राइम ब्रांच उसकी जड़े खोद रही थी. इसी जांच के दौरान उसके कथित एमडी नेटवर्क का खुलासा हुआ. पुलिस ने 24 अक्टूबर को तमिलनाडु के रामेश्वरम में फल्ली और उसकी गर्लफ्रेंड सहेली पंधराम को गिरफ्तार किया. दूसरी ओर बेलतरोडी स्थित फ्लैट पर दबिस देकर अन्नू,

शुभम उर्फ डोरेमॉन नरवरिया कृष्णा वर्मा, तूफान सिंह सिसोदिया, राहुल गौंड और कुनाल समुद्रे को भी गिरफ्तार किया. फ्लैट से पुलिस ने 1.40 करोड़ रुपये कीमत की 1405 ग्राम एमडी बरामद की.

डायरी में छिपे हैं नेटवर्क के कई राज

फल्ली के ठिकाने से मिले गहनों और डायरी ने जांच को नया मोड़ दे दिया है. पुलिस अब डायरी में दर्ज नामों और जानकारियों के आधार पर फल्ली के पुराने साथियों तथा कथित नेटवर्क से जुड़े लोगों की पड़ताल कर रही है. जांच एजेंसियों के सामने अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या फल्ली इस पूरे कारोबार का अकेला बड़ा चेहरा था या उसके पीछे दूसरे लोग भी सक्रिय थे. एमडी की सप्लाई से लेकर वितरण और पैसों के लेन-देन तक की कड़ियां जोड़ने की कोशिश की जा रही है। डायरी से मिलने वाले सुराग इस कथित साम्राज्य के कई अनदेखे चेहरे सामने ला सकते हैं.

मूंगफली के ठेले से लग्जरी कारों तक

फल्ली के साथियों की जीवनशैली भी जांच का एक अहम पहलू बन गई है. पुलिस के अनुसार, उसके नेटवर्क से जुड़े अपराधी कम समय में ही महंगी गाड़ियों और महंगे शौक के साथ आलीशान जिंदगी जीने लगे थे. कुछ समय पहले ही फल्ली से जुड़नेवाला कुनाल समुद्रे ही लक्जरी वाहन में घूमता था. लोगों को अपना डीजे का कारोबार बताता था. कभी खरबी चौक पर मूंगफली बेचने वाला फल्ली आखिर एमडी की तस्करी के जरिए किस हद तक पहुंच गया, इसकी पूरी तस्वीर अब जांच के बाद ही स्पष्ट होगी. फिलहाल क्राइम ब्रांच की कार्रवाई ने नशे के कथित कारोबार पर बड़ा प्रहार किया है. अब निगाहें फल्ली की डायरी, आर्थिक लेन-देन और उन नामों पर टिकी हैं, जो इस नेटवर्क की अगली कड़ियां खोल सकते हैं.

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