किराय के फ्लैट से चल रहा था एमडी तस्करी का नेटवर्क
व्हाट्सऐप पर संचालित करता था फल्ली, जांच में होंगे चौकानेवाले खुलासे
नागपुर में नशे के कारोबार का ऐसा खेल सामने आया है, जिसने पुलिस को भी चौंका दिया. रिंग रोड स्थित किराय के फ्लैट में राजस्थान और मध्य प्रदेश से आने वाली एमडी की खेप को छोटी-छोटी पुड़ियों में पैकिंग कर बेचा जा रहा था. इस नेटवर्क की वाठोड़ा का कुख्यात अपराधी विशाल उर्फ फली गुप्ता संभाल रहा था. वह व्हाट्सऐप कॉल के जरिए अपने साथियों को निर्देश देता था. क्राइम ब्रांच ने नरेंद्र नगर के फ्लैट में छापा मारकर 1.54 करोड़ की एमडी बरामद की है.
नरेंद्र नगर रिंग रोड स्थित विजया अपार्टमेंट के निवासी एक फ्लैट में होनेवाली आवाजाही को परिसर के निवासी सामान्य तरीके से लेते थे. यहां से ही यह रैकेट चल रहा था. शुभम उर्फ डोरेमोन दिलीप नरवरिया ने रैकेट के मुखिया विशाल उर्फ फली गुप्ता के निर्देश पर फ्लैट किराए पर लिया था. यहां बाहर से ड्रग्स की खेप मंगाई जाती थी. उसे छोटी-छोटी पुड़ियों में बांटकर नागपुर के तस्करों को पहुंचाई जाती थी. इस नेटवर्क में राजस्थान से एमडी बुलाई जाती थी. कुछ मामलों में मध्य प्रदेश जाकर खेप लाई जाती थी. यह कारोबार ऑर्डर के आधार पर चलता था. नागपुर में बैठे कथित वितरक मांग बताते थे और इसके बाद सप्लायर गाड़ियों से एमडी लेकर फ्लैट तक पहुंचते थे. इसके बाद छोटे पैकेटों में बांटा जाता और आगे सप्लाई की तैयारी होती थी. इस रैकेट से जूड़े लोगों का पता लगाया जा रहा है.
व्हाट्सऐप से सरगना देता था निर्देश
रैकेट का सरगना विशाल उर्फ फली गुप्ता जांच के केंद्र में है. वह महाराष्ट्र के बाहर रहकर नेटवर्क की गतिविधियां संचालित कर रहा था. वह व्हाट्सऐप कॉल के जरिए अपने साथियों से संपर्क बनाए रखता. उन्हें एमडी की पैकिंग तथा सप्लाई से जुड़े निर्देश देता था. छापेमारी से करीब एक पखवाड़े पहले गुप्ता भी इस फ्लैट में आकर रुका था. जबकि पार्षद शुभम मोटघरे पर हुई फायरिंग में पुलिस को वांछित था. उसके खिलाफ मकोका की कार्रवाई भी की गई थी. वह प्रेमिका सहेली पंधराम के साथ तमिलनाडू के रामेश्वरम में घूम रहा था. वहां से दोनों को पकड़ा गया है. पुलिस फल्ली के संपर्क, मोबाइल रिकॉर्ड और सप्लाई से जुड़े लोगों का पता लगा रही है. पुलिस को उम्मीद है कि इन कड़ियों से नेटवर्क के दूसरे सदस्यों तक पहुंचने में मदद मिल सकती है. फल्ली के खिलाफ हत्या, हत्या का प्रयास, हफ्ता वसूली सहित कई मामले दर्ज है. उसके खिलाफ एमपीडीए की कार्रवाई भी की गई थी. कुछ समय पहले तक वह वाठोड़ा थाना परिसर का सामान्य अपराधी था. एमडी की तस्करी से उसने अपनी जड़े काफी मजबूत कर ली है.
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