नागपुर में मूंगफली का ठेला लगाने वाला 'फल्ली' करोड़ों के एमडी कारोबार तक पहुंचा, 6 गिरफ्तार
सड़क किनारे दिन के 300 रुपये कमाने वाले विशाल उर्फ 'फल्ली' गुप्ता पर पांच साल में नशे का करोड़ों का कारोबार खड़ा करने का आरोप है।
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नागपुर में कभी सड़क किनारे मूंगफली का ठेला लगाकर दिन के मुश्किल से 300 रुपये कमाने वाला विशाल उर्फ 'फल्ली' पृथ्वीलाल गुप्ता (25) आज करोड़ों रुपये के एमडी कारोबार के आरोप में पुलिस की पकड़ में है। मूंगफली की पुड़िया बांधने वाले हाथ आगे चलकर नशे की पुड़िया बांटने लगे।
पुलिस जांच में सामने आया है कि झटपट पैसा कमाने की चाह में उसने बेरोजगार नौजवानों की एक टोली खड़ी की और नागपुर समेत आसपास के इलाके में नशीले पदार्थों की सप्लाई की चेन बना ली। सिर्फ पांच साल में उसने नशे की खरीद-बिक्री और सप्लाई का करोड़ों का साम्राज्य खड़ा कर लिया, ऐसा जांच में निकला है।
पिता ने इस उम्मीद से ठेला लगवाया था कि बेटा काम करके घर चलाने में हाथ बंटाएगा। लेकिन ठेले पर आने वाले कुछ लोगों से मिलते-मिलते उसकी पहचान नशे के गैरकानूनी धंधे से हो गई। शुरुआत में नशीला माल इधर से उधर पहुंचाने और उसमें दूसरी चीजें मिलाने के काम के उसे दो से तीन हजार रुपये मिलते थे, ऐसा जांच में पता चला है। झटपट मिलने वाले पैसे की लत लगी तो मूंगफली का ठेला पीछे छूट गया और वह कथित तौर पर जुर्म की राह पर चल पड़ा।
पुलिस के मुताबिक फल्ली ने धीरे-धीरे अपना सिस्टम खड़ा कर लिया। राजस्थान और मध्य प्रदेश से नशीला माल नागपुर लाकर लोकल ग्राहकों तक पहुंचाने के लिए उसने बेरोजगार लड़कों को अपने जाल में फंसाया। क्राइम ब्रांच के सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर विनायक गोल्हे और उनकी टीम ने इस कथित चेन का पता लगाकर कार्रवाई की। मामले में उसके करीब 17 साथियों के खिलाफ केस दर्ज हैं और 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
जांच में यह भी निकला है कि फल्ली के पास लेन-देन की एंट्री वाली एक डायरी है। इन एंट्रियों से नशे के सप्लायर, ग्राहक और पैसों के लेन-देन के सुराग मिलने की संभावना है। पुलिस की नजर से बचने के लिए वह बार-बार मोबाइल फोन और सिम कार्ड बदलता रहता था, इसलिए उसकी हरकतों का पता लगाना पुलिस के लिए चुनौती था। फरार होने के बाद वह बचपन की दोस्त सहेली उर्फ सोनू के साथ कोराडी मंदिर में दर्शन करने गया और फिर तमिलनाडु की तरफ निकल गया।
जांच में सामने आई जानकारी के मुताबिक योजना यह थी कि राजस्थान से लाए गए करीब डेढ़ करोड़ रुपये के एमडी में दूसरी चीजें मिलाकर उसकी मात्रा बढ़ाई जाए और नागपुर में बेचकर ढाई से तीन करोड़ रुपये कमाए जाएं। हालांकि इस कथित सौदे का पूरा ब्योरा और इसमें हुआ कुल लेन-देन जांच से ही साफ होगा।
पुलिस जांच में पता चला है कि फल्ली खुद सामने आने से बचता था और अलग-अलग मोबाइल फोन और नंबर इस्तेमाल करके साथियों के संपर्क में रहता था। पुलिस का दावा है कि बचपन की दोस्त सहेली उर्फ सोनू पैसों का हिसाब-किताब संभालती थी। इसलिए पैसों के लेन-देन, सप्लायर और ग्राहकों की पूरी चेन खोलने में उससे पूछताछ अहम साबित होगी।
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