घर में थी दंपति, स्टेशन डायरी में दर्ज किया 'ताला बंद'
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
क्राइम ब्रांच की दबिश से खुला मामला, हुड़केश्वर थाने का एएसआई निलंबित, अधिकारी की भूमिका पर नरमी
नागपुर.
जिस घर में आरोपी दंपति मौजूद थी, उसी घर के बाहर ताला लगा होने की एंट्री थाने की स्टेशन डायरी में दर्ज हो गई. लेकिन क्राइम ब्रांच ने आरोपी दंपति को पकड़कर अदालत में पेश कर दिया. गिरफ्तारी वारंट की तामील में हुई लापरवाही का यह मामला हुड़केश्वर पुलिस के गले की फांस बन गया है. पुलिस आयुक्त विश्वास नागरे पाटील ने हुड़केश्वर थाने के एएसआई विलास बागड़े को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया.
मामला मुंबई के चेक बाउंस प्रकरण से जुड़ा है. हुड़केश्वर निवासी विनोद बोकडे और उनकी पत्नी के खिलाफ अदालत ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया था. इस वारंट के तामील की जिम्मेदारी एएसआई विलास बागड़े को सौंपी गई थी. बागड़े वारंट की तामील के लिए बोकडे के घर पहुंचे. बोकडे दंपति के नहीं मिलने पर बागड़े ने थाने की स्टेशन डायरी में घर पर ताला लगा होने और आरोपियों के नहीं मिलने की जानकारी दर्ज की गई. वारंट की तामील में हो रही देरी का मामला पुलिस आयुक्त के संज्ञान में आया. उन्होंने क्राइम ब्रांच यूनिट-4 को आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए. क्राइम ब्रांच ने बोकडे दंपति को हिरासत में लेकर अदालत में पेश किया. इससे पुलिस आयुक्त बिफर गए. उन्होंने हुड़केश्वर पुलिस को फटकार लगाए. खूद की जिम्मेदारी से बचने के लिए हुड़केश्वर के अधिकारी ने बागड़े को बलि का बकरा बना दिया. उसने बागडे के खिलाफ रिपोर्ट भेजी. जिसके चलते बागड़े को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया. हुड़केश्वर थाना कुछ समय से अराजकता के लिए चर्चा में छाया हुआ है. यहां से अधिकारी को आला अधिकारियों ने दर्जन भर से अधिक 'डिफाल्ट नोटिस' दिए है. इसके बाद भी इस अधिकारी की कुर्सी बची हुई है. नेताओं के सामने शरणागत होनेवाले इस अधिकारी की भूमिका से थाने का हर कर्मचारी त्रस्त है. बागडे महज छह माह बाद ही सेवानिवृत्त होनेवाले थे. उनके खिलाफ कार्रवाई किए जाने से पुलिस कर्मियों में तीव्र असंतोष है. उनका कहना है कि 'डिफाल्ट नोटिस' का रिकार्ड बनानेवाले को अभयदान देनेवाले अधिकारी छोटे कर्मियों को ही सजा देते है.
कमेंट
अभी कोई कमेंट नहीं। पहले आप लिखिए।