मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026

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19:04 IST

धाराशिव में 9 गावों को 12 टैंकर से पानी, 286 निजी कुओं का अधिग्रहण

धाराशिव जिले के ग्रामीण इलाकों में पानी की किल्लत को देखते हुए प्रशासन ने टैंकर और अधिग्रहित निजी कुओं से पीने के पानी की व्यवस्था बढ़ाई है।

धाराशिव में 9 गावों को 12 टैंकर से पानी, 286 निजी कुओं का अधिग्रहण तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

धाराशिव जिले के ग्रामीण इलाकों में पानी की किल्लत बढ़ने के बाद प्रशासन ने पीने के पानी की उपलब्धता बढ़ाने के लिए कदम तेज कर दिए हैं। टैंकर से सप्लाई और निजी कुओं के अधिग्रहण से लोगों को कुछ राहत मिली है। प्रशासन की कोशिश है कि गांवों में लोगों तक पीने का पानी पहुंचता रहे।

जिला प्रशासन की 17 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक जिले के नौ गावों में फिलहाल 12 टैंकर से पानी पहुंचाया जा रहा है। इसके अलावा जिले में 286 निजी कुओं का अधिग्रहण किया गया है।

टैंकर की सबसे ज्यादा जरूरत धाराशिव तालुका में दिख रही है। इस तालुका के पांच गावों में सात टैंकर चल रहे हैं। कौडगांव (बावी), कजरखेडा और बोरखेडा में एक-एक टैंकर लगा है। पळसप में तीन टैंकर चल रहे हैं, जबकि नांदुर्गा में एक टैंकर से पानी दिया जा रहा है।

उमरगा तालुका में चार टैंकर चल रहे हैं। यहां नारंगवाडी में दो टैंकर हैं, जबकि बलसूर और आनंदनगर में एक-एक टैंकर से सप्लाई हो रही है। लोहारा तालुका के सास्तूर गांव में एक टैंकर से पानी पहुंचाया जा रहा है।

रिपोर्ट में यह भी लिखा है कि तुळजापुर, कळंब, भूम, वाशी और परंडा, इन पांच तालुकाओं में अभी टैंकर से पानी की सप्लाई नहीं हो रही है।

प्रशासन ने टैंकर पर निर्भरता घटाने पर भी जोर दिया है। इसके लिए स्थानीय जलस्रोतों का इस्तेमाल करके पीने के पानी की जरूरत पूरी करने की कोशिश हो रही है। जिले में कुल 286 निजी कुओं का अधिग्रहण हुआ है। इनमें से नौ बोरवेल टैंकर से पानी देने के लिए लिए गए हैं, जबकि बाकी 277 कुएं टैंकर के अलावा दूसरी तरह की पानी सप्लाई के लिए अधिग्रहित किए गए हैं। इन कुओं के जरिए गांव के स्तर पर ही पानी मुहैया कराने की कोशिश चल रही है, और किल्लत झेल रहे गावों के लोगों को पीने के पानी का वैकल्पिक इंतजाम मिल रहा है।

पानी की किल्लत के दिनों में गांवों की महिलाओं, बुजुर्गों और छोटे बच्चों को पीने के पानी के लिए बहुत भागदौड़ करनी पड़ती है। इसीलिए गांवों में नियमित सप्लाई होना अहम है। टैंकर से पानी का बंटवारा ठीक से चलता रहे और अधिग्रहित कुओं से मिलने वाले पानी का सही इस्तेमाल हो, यह भी जरूरी बताया गया है।

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