मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट
19:50 IST

लखनऊ के कैफे मालिक शिवा शर्मा की मौत: आरोपी श्रद्धा दुबे बहन और ड्राइवर समेत नागपुर में पकड़ी गई

उत्तर प्रदेश एसटीएफ और लखनऊ पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में श्रद्धा दुबे, बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर तनवीर अली उर्फ दानिश मंगलवार को पकड़े गए।

लखनऊ के कैफे मालिक शिवा शर्मा की मौत: आरोपी श्रद्धा दुबे बहन और ड्राइवर समेत नागपुर में पकड़ी गई तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

लखनऊ के कैफे मालिक शिवा शर्मा की मौत के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। मामले की मुख्य आरोपी बताई जा रही मॉडल और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर श्रद्धा दुबे को नागपुर से गिरफ्तार कर लिया गया है। अधिकारियों के मुताबिक मंगलवार, 20 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) और लखनऊ पुलिस ने मिलकर यह कार्रवाई की। एसटीएफ प्रमुख अमिताभ यश ने भी गिरफ्तारी की पुष्टि की है।

श्रद्धा अकेली नहीं पकड़ी गई। उसके साथ उसकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर तनवीर अली भी हाथ आए हैं। तनवीर को दानिश के नाम से भी जाना जाता है। तीनों 9 अक्टूबर को शिवा की मौत के बाद से फरार थे। पुलिस ने इनकी गिरफ्तारी में मदद करने वाली जानकारी देने पर हर एक के नाम 50,000 रुपये का इनाम रखा था।

पुलिस के मुताबिक आरोपियों की लोकेशन का सुराग नागपुर में मिला। वर्धा रोड के चिंचभवन इलाके के एक फ्लैट में वे छिपे थे। पुलिस को जैसे ही खबर लगी कि श्रद्धा नागपुर में है, यूपी की टीम ने यहां की पुलिस की मदद ली। नागपुर क्राइम ब्रांच ने उन्हें ढूंढने और पकड़ने में यूपी की टीमों का साथ दिया।

श्रद्धा और बाकी आरोपियों की तलाश करीब 11 दिन चली। इसमें एसटीएफ मुख्यालय, लखनऊ एसटीएफ, लखनऊ पुलिस और बनारस एसटीएफ की अलग-अलग टीमें लगी हुई थीं, जो लगातार उनकी लोकेशन पता करने में जुटी रहीं। इन सब टीमों की मिली-जुली मेहनत के बाद आखिरकार नागपुर में आरोपी पकड़े गए।

अब मामले की पूरी कहानी पर नजर डालें। शिवा शर्मा 28 साल के थे। बताया जाता है कि 9 अक्टूबर को लखनऊ के हजरतगंज में एक अपार्टमेंट बिल्डिंग की चौथी मंजिल से वे नीचे गिर गए। इसके बाद उनकी मां रंजना शर्मा ने पुलिस में शिकायत दी और कहा कि उनके बेटे की हत्या हुई है। हालात देखकर पुलिस ने इसे संदिग्ध हत्या मानकर जांच शुरू कर दी।

फरारी के दौरान श्रद्धा ने कथित तौर पर सोशल मीडिया पर वीडियो डाले। इनमें उसने शिवा की मौत में अपना हाथ होने से मना किया। उसका कहना था कि शिवा ने खुद जान दी थी, वे पैसों की तंगी से जूझ रहे थे और उन पर कर्ज भी था। ये बातें अभी तक सबूतों से साबित नहीं हुई हैं और जांच चल रही है।

पुलिस अब श्रद्धा से पूछताछ करेगी। वह यह जानना चाहेगी कि शिवा की मौत से पहले क्या-क्या हुआ था, 9 अक्टूबर को घटनाएं किस क्रम में हुईं और हर आरोपी की कथित भूमिका क्या थी। पुलिस यह भी पता करेगी कि गिरफ्तारी से बचने के लिए श्रद्धा कहां-कहां रुकी। फरारी के दिनों में उसने क्या किया और मामले से जुड़े दूसरे तथ्य क्या हैं, इसकी भी जांच हो सकती है। पूछताछ में जो बातें निकलेंगी, उन्हीं के आधार पर जांच आगे बढ़ेगी।

तीनों आरोपियों को आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई के लिए लखनऊ ले जाए जाने की उम्मीद है। पुलिस इसके लिए ट्रांजिट रिमांड की जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने में लगी है। इस पूरे मामले पर लोगों की नजर टिकी है और नागपुर की गिरफ्तारी को जांच का अहम मोड़ माना जा रहा है।

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप You पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे