येरवडा में गहरे गड्ढे में गिरकर बुजुर्ग की मौत, ठेकेदार से सारे काम वापस लेगी पुणे महापालिका
ड्रेनेज के लिए खोदे गए करीब 15 फुट गहरे गड्ढे में गिरने से बुजुर्ग की जान गई। आयुक्त नवल किशोर राम ने ठेकेदार को कारण बताओ नोटिस दिया है और पुलिस में शिकायत भी दी गई है।
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पुणे के येरवडा इलाके में ड्रेनेज के काम के लिए खोदे गए करीब 15 फुट गहरे गड्ढे में गिरने से एक बुजुर्ग की मौत हो गई। इस हादसे के बाद पुणे महापालिका प्रशासन ने संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। ठेकेदार को कारण बताओ नोटिस भेजा गया है। महापालिका आयुक्त नवल किशोर राम ने बताया कि उसे काली सूची में डालने के साथ उसके पास चल रहे सारे काम वापस लिए जाएंगे। केस दर्ज करने के लिए पुलिस में शिकायत भी दी जा चुकी है।
आयुक्त के मुताबिक, मौके पर गड्ढे के चारों तरफ जो बैरिकेडिंग थी, वह मजबूत नहीं थी। वहां फायबर की बैरिकेडिंग लगाई गई थी, इसलिए हादसे के वक्त वह पूरी सुरक्षा नहीं दे पाई। उन्होंने कहा कि ठेकेदार का काम तय लक्ष्य के हिसाब से तेजी से चल रहा था, लेकिन सुरक्षा के इंतजाम में जो चूक हुई, वह गंभीर है। आयुक्त ने साफ कहा कि अगर मजबूत बैरिकेडिंग होती तो बुजुर्ग की जान बच सकती थी।
आमतौर पर किसी ठेकेदार को काली सूची में डालने की कार्रवाई किसी एक प्रोजेक्ट तक सीमित रहती है। इस मामले में महापालिका ने उसके पास चल रहे सारे काम वापस लेने का फैसला किया है। आयुक्त ने बताया कि कार्रवाई से पहले ठेकेदार को कारण बताओ नोटिस देकर अपनी बात रखने का मौका दिया जाएगा। उसके बाद नियम के मुताबिक आगे का फैसला होगा।
महापालिका अब यह जानकारी जुटा रही है कि इस ठेकेदार के पास शहर में कितने काम चल रहे हैं। शहर में कई जगह ड्रेनेज और दूसरे बुनियादी ढांचे के काम चल रहे हैं। राम ने बताया कि संबंधित अधिकारियों को सुरक्षा के इंतजाम को लेकर और चौकस रहने के निर्देश दिए जाएंगे। जांच में जो खामियां सामने आएंगी, उनके आधार पर नई मानक कार्यप्रणाली बनाई जाएगी।
हादसे के बाद बुजुर्ग को राजीव गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। आयुक्त ने कहा कि उन्हें किन हालात में अस्पताल से छुट्टी दी गई और उसी रात उनकी मौत कैसे हो गई, इसकी भी जांच जरूरी है। पुलिस को इसकी जानकारी लेने को कहा गया है। हादसे में वाहन चालक या मृतक की कोई गलती थी या नहीं, यह पुलिस जांच में देखेगी। लेकिन आयुक्त ने साफ किया कि ड्रेनेज के काम की जगह पर सुरक्षा इंतजाम में रही खामियों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
इस बीच महापौर की प्रतिक्रिया को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। येरवडा में महापालिका की मलनिस्सारण लाइन के काम के लिए खोदे गए गड्ढे में बुजुर्ग की मौत से शहर की सुरक्षा का सवाल गरमा गया है। एक पत्रकार ने इस घटना पर प्रतिक्रिया मांगी तो पुणे की महापौर मंजूषा नागपुरे ने जवाब देने के बजाय उलटे सवाल किए: "क्या मैं ठेकेदार हूं? क्या मैंने उस आदमी को धक्का दिया? क्या मैं गाड़ी चला रही थी?" इसे लेकर आलोचना हो रही है कि उन्होंने जिम्मेदारी से हाथ झाड़ लिए। इस बातचीत की रिकॉर्डिंग सोशल मीडिया पर फैलने के बाद महापौर की प्रतिक्रिया पर विवाद बढ़ गया है।