रायगड के लिए 594.66 करोड़ का विकास फंड, पालकमंत्री गोगावले बोले- मार्च तक पूरा खर्च हो
जिला नियोजन समिति की बैठक में पालकमंत्री भरत गोगावले ने प्रशासन को फंड समय पर और अच्छी क्वालिटी के कामों पर खर्च करने के निर्देश दिए।
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अलिबाग: रायगड जिले के विकास के लिए करोड़ों रुपये का फंड मिल रहा है, तो उसका इस्तेमाल समय पर और अच्छे काम में होना जरूरी है। इसी बात को लेकर पालकमंत्री भरत गोगावले ने जिला योजना समिति की बैठक में प्रशासन को साफ निर्देश दिए।
गोगावले ने चेताया कि मार्च के अंत तक कोई भी फंड बिना खर्च हुए नहीं रहना चाहिए। मंजूर हो चुके विकास कामों को प्रशासनिक और तकनीकी मान्यता तुरंत दी जाए और कामों की क्वालिटी से कोई समझौता न किया जाए। साल 2026-27 के लिए जिले को कुल 594.66 करोड़ रुपये का विकास फंड मंजूर हुआ है और इसे 100 प्रतिशत खर्च करने की योजना बनाई गई है।
बैठक में उम्मीद जताई गई कि फंड के बंटवारे और जमीन पर काम पूरा होने के बीच कोई फासला न रहे। इसके लिए प्रशासन योजना बनाकर काम करे। पालकमंत्री ने यह भी कहा कि मंजूर कामों के टेंडर समय पर पूरे किए जाएं और प्रशासनिक और तकनीकी मान्यता तुरंत दी जाए।
गोगावले ने बताया कि जिले में सड़कें, पीने के पानी का इंतजाम, ग्रामीण विद्युतीकरण और गंदे पानी के प्रबंधन के काम पहले पूरे किए जाएं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की सुविधाएं सुधारने, दवाओं की पूरी सप्लाई पक्की करने और जिला परिषद के स्कूलों में भौतिक सुविधाओं के साथ शिक्षकों की हाजिरी पर ध्यान देने के निर्देश भी दिए गए।
किसानों के लिए योजनाएं, छोटे बांध, गाद से मुक्त तालाब और सिंचाई सुविधाओं के काम भी समय पर पूरे हों। उन्होंने कहा कि जिले में पर्यटन को बढ़ावा देने वाला बुनियादी ढांचा बने और नौजवानों के लिए स्वयंरोजगार की योजनाओं पर असरदार अमल हो।
राज्य में सूखे के हालात को देखते हुए पानी की किल्लत टालने के लिए फौरन कदम उठाने, लोगों को नियमित पानी सप्लाई करने और गांवों में पशुओं के लिए पानी और चारा मुहैया कराने पर जोर दिया गया है।
गोगावले ने कहा कि कामों की क्वालिटी बनाए रखने के लिए अधिकारी नियमित रूप से मौके पर जाकर जांच करें। वन विभाग, सार्वजनिक निर्माण विभाग, महावितरण और राजस्व विभाग के बीच तालमेल की कमी से कोई काम अटकना नहीं चाहिए। विधायक, सांसद और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सुझाए अहम कामों को प्राथमिकता देकर समय पर पूरा किया जाए। लोगों की शिकायतें स्थानीय स्तर पर ही जल्दी सुलझाने के लिए खास व्यवस्था बनाई जाए।
अब जिले के लोगों की नजर इस पर है कि 594 करोड़ के फंड का इस्तेमाल कितनी तेजी से होता है और रायगड के गांवों के साथ शहरी इलाकों की बुनियादी समस्याएं इससे कितनी सुलझती हैं।
जिला वार्षिक योजना का पिछला हिसाब भी सामने है। जिला वार्षिक योजना के सामान्य घटक के लिए 481 करोड़ रुपये, अनुसूचित जाति उपयोजना के लिए 28 करोड़ रुपये और आदिवासी उपयोजना के लिए 45.03 करोड़ रुपये रखे गए थे। कुल योजना 554.03 करोड़ रुपये की है। इसका वितरण 100 प्रतिशत हो चुका है और सितंबर 2026 के अंत तक असल खर्च 87.45 प्रतिशत रहा।