मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026

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17:58 IST

त्योहारों की भीड़ से नागपुर के बाजार भरे, ट्रैफिक जाम में फंसे लोग

त्योहारी सीजन में नागपुर के बाजारों में खरीदारों की भीड़ बढ़ी है, और रास्ते बंद करने या ट्रैफिक डायवर्ट करने के तरीके से लोगों की परेशानी और बढ़ रही है।

त्योहारों की भीड़ से नागपुर के बाजार भरे, ट्रैफिक जाम में फंसे लोग तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

त्योहारों के दिन शुरू होते ही नागपुर के बाजारों में भीड़ बढ़ गई है। खरीदारी के जोश के साथ-साथ लोगों को ट्रैफिक जाम का भी सामना करना पड़ रहा है। नागरिकों का कहना है कि ट्रैफिक सुचारु करने के बजाय अलग-अलग रास्ते बंद करके या ट्रैफिक डायवर्ट करके हालात संभालने की कोशिश हो रही है, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ रही है।

सीताबर्डी, इतवारी, महाल, धरमपेठ, सदर और सक्करदरा जैसे बड़े कारोबारी इलाकों में त्योहारों के वक्त भीड़ बढ़ेगी, यह प्रशासन को पहले से मालूम रहता है। इसके बावजूद इसके लिए कोई स्थायी इंतजाम नजर नहीं आता। त्योहारों से पहले बैठकें होती हैं और ट्रैफिक प्लान की घोषणाएं की जाती हैं, लेकिन सड़कों पर हालात जस के तस रहते हैं।

इतवारी और सीताबर्डी में त्योहारों के दौरान खरीदारों की सचमुच भारी भीड़ उमड़ती है। इस पर मालवाहक गाड़ियों के साथ दोपहिया और चारपहिया वाहन भी आ जाते हैं, तो सड़कों पर जगह कम पड़ जाती है। इसके लिए मध्य प्रदेश के भोपाल के न्यू मार्केट का प्रयोग नागपुर के लिए रास्ता दिखा सकता है। वहां बाजार के प्रवेश द्वार पर बैरिकेड लगाकर गाड़ियों के आने पर वक्त की पाबंदी लगाई गई है। बाजार शुरू होने के बाद ग्राहकों को पैदल ही अंदर जाने दिया जाता है। नागपुर में भी ऐसी व्यवस्था लागू की जाए तो ट्रैफिक का दबाव कम हो सकता है।

ट्रैफिक कंट्रोल के नाम पर मुख्य रास्तों पर लोहे के बैरिकेड लगाकर सड़कें बंद करने का तरीका अब लोगों की दिक्कतें बढ़ा रहा है। एक रास्ता बंद होता है तो गाड़ियों का बोझ स्वाभाविक रूप से दूसरी सड़क पर चला जाता है। नागरिकों को लगता है कि ट्रैफिक सुचारु करने के लिए रास्ता बंद कर देने का आसान विकल्प चुना जा रहा है।

त्योहारों के दिनों में सबसे ज्यादा तकलीफ उन लोगों को होती है जो रोज के सफर पर निर्भर हैं। वक्त, ईंधन और मानसिक तनाव, इन तीनों मोर्चों पर लोगों को इसकी कीमत चुकानी पड़ रही है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि यह सब और कितने समय तक सहना होगा।

कस्तूरचंद पार्क इलाके में ट्रैफिक का हाल खास तौर पर गंभीर है। मैदान के चारों ओर के और उससे जुड़े मुख्य रास्ते गाड़ियों के बढ़ते दबाव की वजह से अटक गए हैं।

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