चंद्रपुर में उत्सव के दौरान डॉल्बी, प्लाज्मा, प्रेशरमिड साउंड सिस्टम पर रोक
जिला मजिस्ट्रेट वसुमना पंत ने गणेशोत्सव, धम्मचक्र अनुप्रवर्तन दिन और दुर्गोत्सव के मद्देनजर प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है।
चंद्रपुर जिले में गणेशोत्सव, धम्मचक्र अनुप्रवर्तन दिन और दुर्गोत्सव के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है। जिला मजिस्ट्रेट वसुमना पंत ने डॉल्बी साउंड (टॉप, मिड, बेस मल्टी स्पीकर), प्लाज्मा साउंड सिस्टम और प्रेशरमिड साउंड सिस्टम के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही इन साउंड सिस्टम को ढोने के लिए इस्तेमाल होने वाली और उनमें बदलाव (मॉडिफाई) की गई गाड़ियों पर भी पाबंदी लगाई गई है। यह प्रतिबंधात्मक आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत जारी किया गया है।
यह आदेश 16 सितंबर 2026 की रात 24 बजे से लेकर 1 नवंबर 2026 की रात 11.59 बजे तक पूरे चंद्रपुर जिले में लागू रहेगा। इस दौरान जिले में गणेश मूर्ति के आगमन और विसर्जन के जुलूस, गणेशोत्सव, धम्मचक्र अनुप्रवर्तन दिन, दुर्गा मूर्ति के आगमन और विसर्जन के जुलूस समेत कई तरह के उत्सव और कार्यक्रम आयोजित होने वाले हैं। प्रशासन को आशंका है कि इन कार्यक्रमों के दौरान कुछ जगहों पर डॉल्बी साउंड के टॉप, मिड और बेस जैसे मल्टीस्पीकर सिस्टम की परत-दर-परत दीवार जैसी बनावट खड़ी करने के लिए गाड़ियों में बदलाव करके उनका इस्तेमाल किया जा सकता है।
आदेश में कहा गया है कि इतनी ज्यादा क्षमता वाले साउंड सिस्टम के इस्तेमाल को लेकर मंडलों के पदाधिकारी, कार्यकर्ता, अलग-अलग राजनीतिक पार्टियों और संगठनों के पदाधिकारी तथा पुलिस प्रशासन के बीच तनाव पैदा होने और कानून-व्यवस्था का सवाल खड़ा होने की संभावना है। साथ ही ऐसे साउंड सिस्टम से पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 और ध्वनि प्रदूषण (विनियमन व नियंत्रण) नियम, 2000 में तय की गई ध्वनि की सीमा के उल्लंघन की भी आशंका जताई गई है।
आदेश के मुताबिक डॉल्बी साउंड (टॉप, मिड, बेस मल्टी स्पीकर) सिस्टम, प्लाज्मा साउंड सिस्टम, प्रेशरमिड साउंड सिस्टम और ऐसी सिस्टम को ढोने के लिए इस्तेमाल होने वाली तथा बदली गई गाड़ियों के मालिकों और उन्हें रखने वालों को अपनी साउंड सिस्टम और गाड़ियां खुद अपने पास सील करके रखनी होंगी। प्रतिबंध की इस पूरी अवधि में इनका इस्तेमाल या उपयोग नहीं किया जाना चाहिए। यह निर्देश गणेशोत्सव और दुर्गादेवी मंडलों के पदाधिकारियों के साथ-साथ धम्मचक्र अनुप्रवर्तन दिन कार्यक्रमों के आयोजकों पर भी लागू होंगे।
वहीं, ध्वनि प्रदूषण (विनियमन व नियंत्रण) नियम, 2000 में तय ध्वनि की सीमा का उल्लंघन न करने वाली साउंड सिस्टम पर यह प्रतिबंधात्मक आदेश लागू नहीं होगा। जिला प्रशासन की तरफ से जिले के सभी संबंधित साउंड सिस्टम मालिकों, गाड़ी मालिकों, गणेश और दुर्गादेवी मंडलों के पदाधिकारियों तथा अलग-अलग कार्यक्रमों के आयोजकों से अपील की गई है कि वे जिला मजिस्ट्रेट के इस आदेश का सख्ती से पालन करें।
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