बीड में डॉल्बी साउंड की मांग पर अड़े गणेश मंडल, विसर्जन न करने की चेतावनी
अनंत चतुर्दशी पर गणेश विसर्जन जुलूस में डीजे-डॉल्बी पर बीड प्रशासन की पूरी पाबंदी, मंडलों ने रास्ता रोककर विरोध जताया।
आज अनंत चतुर्दशी है और बाप्पा को विदा करने के लिए हर साल गणेश भक्त बड़े जोश के साथ जुलूस निकालते हैं। इस जुलूस में ढोल-ताशे के साथ-साथ डीजे और डॉल्बी साउंड सिस्टम बजाना एक आम रिवाज बन गया है। मुंबई और पुणे में तो डीजे और डॉल्बी साउंड सिस्टम धड़ल्ले से बजाए जाते हैं, और इसी को देखते हुए बीड के सार्वजनिक गणेश मंडलों ने भी डॉल्बी साउंड सिस्टम की मांग शुरू कर दी है।
लेकिन बीड में इस बार प्रशासन ने डॉल्बी साउंड सिस्टम पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी है, जिसके विरोध में मंडलों ने आक्रामक रुख अपना लिया है। मंडल के कार्यकर्ताओं ने साफ धमकी दी है कि अगर उन्हें डॉल्बी बजाने की इजाजत नहीं मिली तो वे बाप्पा का विसर्जन नहीं करेंगे।
बीड जिला प्रशासन और पुलिस सिस्टम पूरी तरह एक्शन मोड में आ गए हैं। कानून व्यवस्था बनाए रखने और ध्वनि प्रदूषण रोकने के मकसद से प्रशासन ने इस साल डीजे और साउंड सिस्टम पर पूरी पाबंदी लगाई है। यह आदेश सिर्फ गणेश विसर्जन के लिए नहीं बल्कि शादी समारोह और दूसरे शुभ कार्यों पर भी लागू होता है। बिना परमिशन डीजे या डॉल्बी बजाने पर सीधे पुलिस कार्रवाई होगी। इसी सिलसिले में धानोरा रोड पर एक लॉन्स में शादी समारोह के दौरान डीजे बजाने पर पुलिस ने सिस्टम जब्त कर लिया। जनरेटर चलाने के लिए गाड़ियों में गैरकानूनी तरीके से फेरबदल करने वालों पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बीड में डॉल्बी साउंड के लिए गणेश मंडल आक्रामक हो गए हैं। मंडल कार्यकर्ताओं की मांग है कि जैसे मुंबई-पुणे, संभाजी नगर और कोल्हापुर में डॉल्बी साउंड बजाने की इजाजत दी गई, वैसी ही इजाजत उन्हें भी दी जाए। करीब 15 से 20 मंडलों ने डॉल्बी साउंड की मांग की है, और बीड के हिरालाल चौक पर ये सारे गणेश मंडल रास्ता रोककर बैठे हैं।
बीड प्रशासन और पुलिस ने विसर्जन जुलूस में डीजे बजाने पर पूरी पाबंदी लगाई है और नियम तोड़ने पर सीधे केस दर्ज करने की चेतावनी दी है। इसके तहत 1759 मंडलों को नोटिस जारी की गई हैं। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे जिले में पुलिस का चौकस बंदोबस्त किया गया है, जिसमें 4000 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। जुलूस पर नजर रखने के लिए एआई ड्रोन और हाईटेक सीसीटीवी कैमरों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। पुलिस ने ध्वनि प्रदूषण के नियमों का पालन करने की अपील करते हुए जुलूस में हलगी, ढोल-ताशा, लेझिम और पारंपरिक वाद्यों के साथ ही निकलने के निर्देश दिए हैं।
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