बॉम्बे हाईकोर्ट का बड़ा आदेश: महाराष्ट्र में सार्वजनिक सड़कों पर पटाखों पर रोक, लेजर लाइट भी बैन
मुंबई/नागपुर, 23 सितंबर 2026:
त्योहारों के दौरान बढ़ते ध्वनि और वायु प्रदूषण को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। 22 सितंबर को न्यायमूर्ति गिरीश एस. कुलकर्णी और न्यायमूर्ति नीला के. गोखले की खंडपीठ ने महाराष्ट्र में धार्मिक जुलूसों और सार्वजनिक उत्सवों के दौरान सार्वजनिक सड़कों और रास्तों पर पटाखे फोड़ने पर रोक लगाने के निर्देश दिए।
लेजर लाइट पर भी प्रतिबंध
त्योहारों और धार्मिक जुलूसों के दौरान लेजर लाइट, हाई-इंटेंसिटी ल्यूमेन लाइट और बीम के इस्तेमाल पर भी रोक रहेगी। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित उपकरणों को जब्त किया जा सकता है।
DJ और तेज आवाज पर सख्ती
त्योहारों के नाम पर ध्वनि प्रदूषण के नियमों में छूट नहीं मिलेगी। DJ और अन्य साउंड सिस्टम को निर्धारित डेसिबल सीमा के भीतर ही चलाना होगा। पुलिस और प्रशासन को मौके पर ध्वनि स्तर की जांच करने और उल्लंघन होने पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
आयोजकों के लिए जरूरी निर्देश
कार्यक्रम और जुलूस में Decibel Measurement Meter की व्यवस्था।
साउंड सिस्टम में Internal Sound Limiter का इस्तेमाल।
जुलूस और लाउडस्पीकर की अनुमति सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करना।
नियमों का उल्लंघन होने पर साउंड सिस्टम और अन्य उपकरण जब्त किए जा सकते हैं।
Security Deposit भी देना होगा
निर्देशों के तहत समूह या मंडल के लिए Rs 1 लाख और व्यक्तिगत आयोजक के लिए Rs 50 हजार तक की सुरक्षा राशि का प्रावधान किया गया है। ध्वनि नियमों का उल्लंघन होने पर यह राशि जब्त की जा सकती है।
नागपुर पर भी पड़ेगा असर
सुनवाई के दौरान नागपुर में DJ और लेजर लाइट को लेकर लागू प्रतिबंधों का भी उल्लेख किया गया। ऐसे में आगामी त्योहारों और धार्मिक जुलूसों के दौरान नागपुर में पुलिस-प्रशासन द्वारा इन नियमों के पालन पर विशेष निगरानी की संभावना है।
हाईकोर्ट का स्पष्ट संदेश है कि धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन जारी रह सकते हैं, लेकिन उन्हें कानून और निर्धारित प्रदूषण मानकों के दायरे में आयोजित करना होगा।
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