मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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20:18 IST

दिवाली से पहले मुंबई की सड़कों पर पटाखे फोड़ने पर रोक, 4 दिसंबर तक लागू रहेगा आदेश

मुंबई पुलिस ने सार्वजनिक सड़कों और गलियों में पटाखे, तेज लेजर लाइट और सर्चलाइट पर 60 दिन की पाबंदी लगाई है।

दिवाली से पहले मुंबई की सड़कों पर पटाखे फोड़ने पर रोक, 4 दिसंबर तक लागू रहेगा आदेश
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

दिवाली को अब कुछ ही दिन बचे हैं और इसी बीच मुंबई पुलिस ने शहर के लोगों के लिए एक सख्त आदेश निकाला है। बढ़ते प्रदूषण और सार्वजनिक सुरक्षा के खतरे को देखते हुए मुंबई की सार्वजनिक सड़कों और गली-मोहल्लों में पटाखे फोड़ने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।

पटाखों के साथ-साथ आंखों को तकलीफ देने वाली हाई-इंटेन्सिटी लेजर लाइट और सर्चलाइट के इस्तेमाल पर भी पुलिस ने पाबंदी लगाई है। मुंबई पुलिस आयुक्तालय की तरफ से जारी ये बंदिशें आज यानी 6 अक्टूबर 2026 की आधी रात से लागू होंगी। ये 4 दिसंबर 2026 की आधी रात तक, यानी पूरे 60 दिन चलेंगी।

इस आदेश के पीछे मुंबई उच्च न्यायालय का एक निर्देश है। पर्यावरण से जुड़ी एक सुओ मोटो जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने 22 सितंबर 2026 को अहम निर्देश दिए थे। हवा और ध्वनि प्रदूषण पर काबू पाना और सड़कों पर पटाखे फोड़ने और तेज रोशनी से पैदा होने वाले खतरों को रोकना इस फैसले का मकसद है। हाईकोर्ट की सूचना के मुताबिक ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने सड़कों पर पटाखे फोड़ने और हाई-इंटेन्सिटी लाइट शो पर तुरंत रोक लगाने का फैसला किया।

मुंबई पुलिस आयुक्तालय की हद में आने वाली सभी सार्वजनिक सड़कों, गलियों और हाइवे पर आम लोग पटाखे, रॉकेट या किसी भी तरह की आतिशबाजी नहीं फोड़ सकेंगे। पुलिस के मुताबिक सड़कों पर पटाखे फूटने से राहगीरों की सुरक्षा खतरे में पड़ती है, बड़े पैमाने पर ध्वनि और वायु प्रदूषण होता है और ट्रैफिक में भी रुकावट आती है।

तेज क्षमता वाली लेजर लाइट, हाई-इंटेन्सिटी ल्यूमेन लाइट और सर्चलाइट पर भी सार्वजनिक जगहों पर पूरी तरह रोक है। ऐसी चकाचौंध करने वाली रोशनी का रुख सड़कों की तरफ हो, तो गाड़ी चलाने वालों और पैदल चलने वालों की आंखें चुंधिया सकती हैं और भयानक हादसा हो सकता है। इसलिए इस नियम को सख्ती से मानने के आदेश दिए गए हैं।

मुंबई पुलिस ने साफ चेतावनी दी है कि आदेश तोड़ने वाले किसी भी व्यक्ति या आयोजक पर कानूनी कार्रवाई होगी। अपराध की प्रकृति देखकर दोषियों पर अलग-अलग कानूनों के तहत मामले दर्ज किए जाएंगे। इनमें ध्वनि प्रदूषण (नियंत्रण व नियमन) नियम, 2000, पर्यावरण (संरक्षण) कानून, 1986, भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 और स्फोटक कानून, 1884 शामिल हैं।

एक और रोक का जिक्र यहां जरूरी है। मुंबई पुलिस ने पिछले महीने 'INS शिक्रा' नेवल एयर स्टेशन और उसके आसपास के इलाके में पतंग उड़ाने पर 60 दिन की पाबंदी लगाई थी। यह फैसला विमानों और हेलिकॉप्टरों की सुरक्षित उड़ान के लिए लिया गया।

यह आदेश 'INS शिक्रा' नेवल एयर स्टेशन के हवाई क्षेत्र और मुंबई पुलिस आयुक्तालय की हद में आने वाले आजाद नगर और सुंदर नगर इलाकों पर लागू है। वजह यह है कि पश्चिमी नौसेना कमान (Western Naval Command) के तहत टेक-ऑफ, लैंडिंग और रोज की उड़ानों के वक्त पतंग या उसका धागा विमानों की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है। यह आदेश 16 सितंबर 2026 की आधी रात से लागू हुआ है और 14 नवंबर 2026 की आधी रात तक, कुल 60 दिन चलेगा।

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