पाथर्डी के पिरेवाडी में अक्टूबर में ही पानी खत्म, 65 एकड़ के फलबाग पर संकट
अहिल्यानगर जिले के पाथर्डी तालुका के पिरेवाडी में कुएं और बोअरवेल सूख गए हैं। 65 एकड़ के बाग में सिर्फ 15 से 20 दिन का पानी बचा है।
अहिल्यानगर जिले में सूखे की मार अब तेज होने लगी है। पाथर्डी तालुका में अक्टूबर के महीने में ही लोगों को पानी के लिए गुहार लगानी पड़ रही है। पिरेवाडी में 65 एकड़ पर लगे हजारों फलदार पेड़ों का भविष्य अब अधर में लटक गया है, क्योंकि वहां सिर्फ 15 से 20 दिन का पानी बचा है।
पिरेवाडी में 65 एकड़ के बड़े खेत में हजारों फलदार पेड़ों का हरा-भरा बाग खड़ा है। इस साल बारिश ने पूरी तरह मुंह फेर लिया। इसी वजह से इलाके के कुएं पूरी तरह सूख गए हैं और बोअरवेल ने भी पानी देना बंद कर दिया है।
बाग का हिसाब कुछ इस तरह है। फलों का कुल बाग 65 एकड़ का है। इसमें 4,500 आम के, 1,200 सीताफल के और 350 नारियल के पेड़ हैं। खेत के तालाब की क्षमता 3 करोड़ लीटर यानी 30 मिलियन लीटर है, लेकिन अभी जितना पानी बचा है, वह सिर्फ 15 से 20 दिन चलेगा।
किसानों के सामने सवाल यह है कि अक्टूबर से मई तक के सात-आठ महीने इतने बड़े बाग को पानी कहां से दिया जाए। इतना लंबा वक्त सामने है और पानी का कोई इंतजाम नहीं दिख रहा।
किसानों को डर है कि 14 साल की मेहनत मिट्टी में मिल जाएगी। सालों से बच्चों की तरह पाले गए पेड़ पानी के बिना आंखों के सामने सूखने लगे हैं। अगर आने वाले कुछ दिनों में पानी का बंदोबस्त नहीं हुआ, तो पिछले 14 साल से खड़ा किया गया यह कीमती बाग हमेशा के लिए खत्म हो सकता है। हजारों पेड़ों पर कुल्हाड़ी चलाने की नौबत आ सकती है, और किसानों को करोड़ों रुपये का नुकसान होने का डर है।
प्रभावित किसान संतोष गर्जे (पिरेवाडी) ने सरकार से सिर्फ एक मांग की है। उन्होंने कहा, "हमें सरकार से कोई पैसा नहीं चाहिए, बस इतना पानी दीजिए कि हमारे 14 साल पुराने ये पेड़ जिंदा रहें!"
सूखे की गंभीरता दिन-ब-दिन बढ़ रही है। पिरेवाडी के इन फलों के बागों को बचाने के लिए किसान टैंकर से या किसी खास योजना के जरिए फौरन पानी पहुंचाने की गुहार लगा रहे हैं। उनका कहना है कि वक्त पर मदद नहीं मिली तो पाथर्डी में खेती को ऐसा बड़ा नुकसान होगा, जिसकी भरपाई नहीं हो पाएगी।