मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026

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23:51 IST

अकोला में पानी का संकट गहराया, शहर में अब 10 दिन बाद आ रहा नल का पानी

काटेपूर्णा परियोजना में सिर्फ 16 प्रतिशत जल भंडार बचने से नगर निगम प्रशासन ने 4 अक्टूबर 2026 से 10 दिन के अंतर पर पानी की आपूर्ति शुरू की है।

अकोला में पानी का संकट गहराया, शहर में अब 10 दिन बाद आ रहा नल का पानी तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

इस साल बारिश बहुत कम हुई, जिससे पूरे राज्य में सूखे जैसे हालात बन गए हैं। अकोला जिले में भी इसकी गर्मी महसूस होने लगी है। शहर और जिले को पानी देने वाली परियोजनाओं में बहुत कम जल भंडार बचा है, इसलिए प्रशासन को सर्दी के मौसम में ही पानी की कटौती करनी पड़ी है। अकोला शहर में अब हर 10 दिन छोड़कर पानी की सप्लाई हो रही है। ग्रामीण इलाकों में भी थोड़े-बहुत फर्क के साथ यही हाल दिख रहा है।

शहर को पानी देने वाली काटेपूर्णा परियोजना बार्शीटाकली तहसील के महान में है। उसमें सिर्फ 16 प्रतिशत जल भंडार बचा है। इसी वजह से नगर निगम प्रशासन ने 10 दिन छोड़कर पानी की सप्लाई करने का फैसला लिया। काटेपूर्णा बांध के जल भंडार में दिन-ब-दिन साफ गिरावट आ रही है। पहले सात दिन छोड़कर, यानी आठवें दिन पानी मिलता था। अब 4 अक्टूबर 2026 से यह 10 दिन छोड़कर, यानी 11वें दिन किया गया है।

इस साल बारिश शुरू से ही गायब रही, इसलिए जल भंडारों में जितना पानी जमा होना चाहिए था, उतना नहीं हुआ। जिले की ज्यादातर परियोजनाएं आधे से भी कम भरी हैं। पिछले साल काटेपूर्णा परियोजना से दो-तीन बार पानी छोड़ना पड़ा था, लेकिन इस बार उसमें सिर्फ 16 प्रतिशत पानी बचा है। पानी की किल्लत का साया गहरा हो गया है और उपाय खोजने के लिए प्रशासन की भागदौड़ चल रही है।

शहर में पानी जलकुंभों से बांटा जाता है। मूल हद के इलाकों में महाजनी जलकुंभ, मोठी उमरी, गुडधी जलकुंभ, नेहरू पार्क जलकुंभ, तोष्णीवाल जलकुंभ, आदर्श कॉलनी जलकुंभ, केशवनगर जलकुंभ, रेलवे स्टेशन जलकुंभ, गंगानगर जलकुंभ, अकोट फैल जलकुंभ, जोगलेकर प्लॉट जलकुंभ और लोकमान्य नगर जलकुंभ से मलकापुर, शिवापुर, खडकी, शिवर, उमरी, गुडधी, न्यू तापडियानगर, हिंगणा, सोमठाणा, गीतानगर, गंगानगर, अयोध्यानगर, मेहरेनगर, गजानननगर, आश्रयनगर और डाबकी में सप्लाई होती है। हद बढ़ने के बाद जुड़े इलाकों में शिवनगर जलकुंभ, आश्रयनगर जलकुंभ, बस स्टैंड जलकुंभ और शिवणी जलकुंभ से पानी दिया जाता है।

लोगों की परेशानी बढ़ गई है। जुनेशहर, अकोला की प्रीती देशमुख कहती हैं कि पिछले कुछ दिनों से दस दिन छोड़कर, यानी ग्यारहवें दिन नल में पानी आ रहा है, जिससे दिक्कत हो रही है। उनका सवाल है कि पीने का पानी दस दिन के लिए कहां स्टोर करें। फिर भी जैसे बने वैसे पानी जमा करके वे पीने के पानी की जरूरत पूरी करते हैं।

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