ऐप वाली टैक्सी और बाइक के ड्राइवरों की सख्त जांच के आदेश, परिवहन मंत्री सरनाईक ने दिए निर्देश
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महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने मोटर परिवहन विभाग को निर्देश दिया है कि रैपिडो, ओला और उबर जैसी ऐप आधारित यात्री सेवाओं से जुड़े ड्राइवरों की सख्ती से जांच की जाए। जो ड्राइवर नियम तोड़ते पाए जाएं, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू करने को भी कहा गया है।
मंत्री ने अफसरों से यह भी कहा कि जहां जरूरी हो वहां आपराधिक मामले दर्ज किए जाएं। साथ ही इस क्षेत्र पर निगरानी मजबूत करने के लिए संशोधित कानून लाने की संभावना भी टटोली जाए।
ये निर्देश मंगलवार को विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई बैठक में दिए गए। ऐप आधारित परिवहन प्लेटफॉर्म से चलने वाले ड्राइवरों के खिलाफ शिकायतें आ रही थीं, उसी पृष्ठभूमि में यह बैठक हुई।
बैठक से पहले मुंबई के माहिम इलाके में एंटी टेररिज्म स्क्वाड यानी एटीएस ने रैपिडो बाइक टैक्सी के एक ड्राइवर पर कार्रवाई की थी। उस पर सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए आपत्तिजनक सामग्री फैलाने का आरोप है और पुलिस मामले की जांच कर रही है। रिपोर्ट के मुताबिक शुरुआती जांच में इस व्यक्ति का पाकिस्तान के किसी व्यक्ति या संगठन से सीधा संबंध साबित नहीं हुआ है।
सरनाईक ने अफसरों से कहा कि रैपिडो, ओला, उबर और ऐसी दूसरी ऐप आधारित सेवाओं से जुड़े ड्राइवरों की पृष्ठभूमि की पूरी तरह पड़ताल की जाए। इस जांच में ड्राइविंग लाइसेंस, जरूरी कागजात, परमिट और लागू नियमों का पालन देखा जाएगा।
मंत्री ने कहा कि जो लोग नियम तोड़ते मिलें, उन पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। जहां कानून के तहत अपराध बनता हो, वहां आपराधिक मामले भी दर्ज किए जाएं।
उन्होंने यह भी जोर दिया कि कार्रवाई सिर्फ किसी एक घटना के बाद तक सीमित न रहे। प्रशासन को ऐप आधारित यात्री सेवाओं पर नियमित नजर रखनी चाहिए और गड़बड़ी को पहले ही रोकने की व्यवस्था मजबूत करनी चाहिए।
परिवहन मंत्री के मुताबिक ऐप आधारित यात्री सेवाओं का दायरा बढ़ने से असरदार नियमन और कार्रवाई की जरूरत पहले से ज्यादा हो गई है। अगर मौजूदा कानून और नियम इन सेवाओं से खड़ी हो रही चुनौतियों के लिए काफी नहीं हैं, तो अफसरों को संशोधित कानून लाने पर गंभीरता से विचार करना चाहिए, ताकि ड्राइवर कानूनी दायरे में ज्यादा असरदार ढंग से आ सकें और राज्य परिवहन प्राधिकरण की भूमिका मजबूत हो।
सरनाईक ने साफ कहा कि यात्रियों की सुरक्षा, परिवहन व्यवस्था में अनुशासन और कानून का पालन, इन पर कोई समझौता नहीं होगा। उन्होंने संबंधित विभागों को आपस में तालमेल से काम करने, शिकायतों को गंभीरता से लेने और दोषियों पर कानून के मुताबिक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
इन निर्देशों से राज्य सरकार का जोर ड्राइवरों के सत्यापन और ऐप आधारित परिवहन सेवाओं की निगरानी मजबूत करने पर दिखता है। ये सेवाएं यात्रियों के बीच सफर का लगातार लोकप्रिय साधन बनती जा रही हैं।
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