ठाणे में हर बुधवार 24 घंटे पानी बंद, 28 अक्टूबर से शुरू, एल नीनो और सूखे का डर
TMC ने एल नीनो और सूखे की चिंता के बीच हर बुधवार सुबह 9 बजे से गुरुवार सुबह 9 बजे तक सप्लाई बंद रखने का फ़ैसला किया है।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
ठाणे के लोगों को अब हर हफ्ते एक दिन बिना नल के पानी के काटना पड़ेगा। ठाणे महानगरपालिका (TMC) ने ऐलान किया है कि शहर के कई इलाकों में हर बुधवार पानी की सप्लाई पूरे 24 घंटे बंद रहेगी। एल नीनो के असर और सूखे जैसे हालात की आशंका के बीच पानी का जो स्टॉक अभी है, उसे बचाकर रखने के लिए यह एहतियाती कदम उठाया गया है। एक रिपोर्ट के हिसाब से यह कुल मिलाकर करीब 10 फीसदी की कटौती बैठती है।
बंदी का समय बुधवार सुबह 9 बजे से गुरुवार सुबह 9 बजे तक तय हुआ है। पहली बार यह बुधवार 28 अक्टूबर को सुबह 9 बजे शुरू होगी और गुरुवार 29 अक्टूबर की सुबह 9 बजे खत्म होगी। यह नई व्यवस्था संशोधित जल प्रबंधन योजना का हिस्सा है। इसे महानगरपालिका के अपने नेटवर्क के साथ-साथ STEM वॉटर डिस्ट्रीब्यूशन एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर कंपनी प्राइवेट लिमिटेड के जरिए भी लागू किया जाएगा, यानी जिन इलाकों में पानी इन दोनों में से किसी से पहुंचता है, वहां असर दिखेगा।
किन इलाकों में पानी बंद रहेगा, इसकी सूची भी सामने आ गई है। इसमें घोड़बंदर रोड, लोकमान्य नगर, वर्तक नगर, साकेत, ऋतु पार्क, जेल परिसर, गांधी नगर, रुस्तमजी, सिद्धांचल, इंदिरा नगर, रूपादेवी, श्री नगर और समता नगर शामिल हैं। इनके साथ सिद्धेश्वर, एटर्निटी, जॉनसन परिसर और मुंब्रा व कळवा के कुछ हिस्से भी आते हैं। बताया गया है कि कुछ और जगहें भी इसकी जद में आ सकती हैं, इसलिए अपने मोहल्ले के बारे में पक्का करने के लिए TMC के ऐलान देखते रहना ठीक रहेगा।
यह फैसला अकेले ठाणे का नहीं है। महाराष्ट्र सरकार ने स्थानीय निकायों से कहा है कि पानी के संसाधन सावधानी से बरतें और पीने के पानी को सबसे पहले रखें। राज्य के प्रस्ताव में पूरे प्रदेश के लिए 31 अगस्त 2027 तक पानी के स्टॉक के सोच-समझकर और योजना से इस्तेमाल की बात है। निर्देश में अधिकारियों से ऐसे उपाय अपनाने को कहा गया है जिनसे किल्लत का खतरा कम हो और पानी जरूरत के हिसाब से बंटे।
ठाणे की अपनी हालत भी आसान नहीं है। शहर को रोज करीब 590 मिलियन लीटर प्रति दिन (MLD) पानी मिल रहा है, जबकि अनुमानित जरूरत 640 MLD की है। इस तरह हर दिन करीब 50 MLD की कमी बनी रहती है। इसी को देखते हुए म्युनिसिपल कमिश्नर सौरभ राव ने विभाग प्रमुखों और वार्ड अफसरों को वार्ड के हिसाब से एक्शन प्लान बनाने को कहा है। उन्हें इलाके के पानी के स्थानीय स्रोत, वितरण का नेटवर्क और वे जगहें परखनी हैं जहां सप्लाई अटकने का अंदेशा है। इस काम की प्रगति हर 15 दिन में देखी जाएगी और यह सिलसिला 30 जून 2027 तक चलेगा।
पानी की चोरी पर भी सख्ती की तैयारी है। हर वार्ड में खास दस्ते बनेंगे, जो नाजायज नल कनेक्शन ढूंढकर काटेंगे। जिन प्लंबरों पर बिना इजाजत कनेक्शन जोड़ने का शक है, उन पर भी कार्रवाई होगी। वाल्व चलाने वालों के काम पर ज्यादा निगरानी रखी जाएगी, महानगरपालिका के पानी के टैंकरों पर GPS से नजर रहेगी और प्राइवेट टैंकर भरने वाली जगहों की कड़ी चौकसी होगी। टैंकर की ऑनलाइन बुकिंग और रजिस्ट्रेशन का सिस्टम बनाने पर भी विचार हो रहा है।
पीने का पानी बचाने के लिए TMC ने अगले आदेश तक मेट्रो, एलिवेटेड कॉरिडोर, कोस्टल रोड और रिंग मेट्रो जैसे बड़े प्रोजेक्ट को शहर का पानी देना रोक दिया है। इन प्रोजेक्ट में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का साफ किया हुआ पानी काम में लिए जाने की उम्मीद है। इसके अलावा कार धोने के सेंटर, निर्माण स्थल, बगीचे और बाकी कारोबारी कामों में पीने के पानी का इस्तेमाल मना कर दिया गया है।
आम लोगों, हाउसिंग सोसाइटियों और दुकान-दफ्तर वालों से अपील है कि बंदी से पहले घर के जरूरी कामों भर का पानी भर लें, टंकी और स्टोरेज की जगहें पहले से देख लें और जरूरत से ज्यादा जमा न करें। बंदी के दौरान और सप्लाई लौटने के बाद भी पानी बेवजह न बहाएं। जो घर और दफ्तर महानगरपालिका के नेटवर्क के पानी पर टिके हैं, उन्हें रोज की सप्लाई रुकने की आदत डालकर अपना खर्च उसी हिसाब से तय करना होगा। आने वाले महीनों में पानी की उपलब्धता और घट सकती है, इसलिए प्रशासन चाहता है कि हर कोई पानी का हिसाब से इस्तेमाल करे। प्रभावित इलाकों, शेड्यूल या सप्लाई के इंतजाम में कोई बदलाव हो तो उसकी जानकारी के लिए TMC के आधिकारिक ऐलान पर नजर रखें।
कमेंट
अभी कोई कमेंट नहीं। पहले आप लिखिए।