फार्मर आयडी से अलग पहचान पत्र बनाने और बांटने पर रोक, गोंदिया में सेवा केंद्रों को निर्देश
केंद्र सरकार ने एग्रीस्टैक के फार्मर आयडी के आधार पर अलग पहचान पत्र बनाने, छापने और बांटने को अनधिकृत और नियमबाह्य बताया है।
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गोंदिया, 19 तारीख: केंद्र सरकार ने साफ किया है कि एग्रीस्टैक योजना में रजिस्टर्ड किसानों को जो फार्मर आयडी दिया गया है, उसके आधार पर अलग से पहचान पत्र बनाना, उसकी छपाई करना और उसे बांटना अनधिकृत और नियमबाह्य है। इसी के चलते गोंदिया जिले के सभी संबंधित सेवा केंद्रों को निर्देश दिया गया है कि वे ऐसा काम तुरंत बंद कर दें।
केंद्र सरकार की एग्रीस्टैक योजना के तहत किसानों का रजिस्ट्रेशन किया जा रहा है और उन्हें फार्मर आयडी दिए जा रहे हैं। यह फार्मर आयडी किसानों के रजिस्ट्रेशन से जुड़ा है। उसके आधार पर अलग पहचान पत्र बनाने, छापने या बांटने के लिए सरकार की अधिकृत मंजूरी जरूरी है। बताया गया है कि ऐसी मंजूरी के बिना अलग पहचान पत्र बनाना या बांटना नियमों के खिलाफ है।
इसी पृष्ठभूमि में जिले के सभी संबंधित सेवा केंद्रों से कहा गया है कि फार्मर आयडी के आधार पर अलग पहचान पत्र बनाने, उसकी छपाई करने और उसे बांटने की प्रक्रिया तुरंत रोक दें। साथ ही सरकार की ओर से जारी अधिकृत मार्गदर्शक सूचनाओं और सक्षम प्राधिकारियों के आदेशों का सख्ती से पालन करने का भी निर्देश दिया गया है।
किसानों से भी अपील की गई है कि वे इन सूचनाओं को ध्यान में रखें और फार्मर आयडी के आधार पर अलग पहचान पत्र बनाकर देने के नाम पर किए जा रहे दावों से सतर्क रहें। जिन पहचान पत्रों को सरकार की अधिकृत मंजूरी नहीं है, उनके लिए कोई कार्यवाही न करें। किसान सिर्फ अधिकृत जानकारी और सूचनाओं पर ही भरोसा करें। यह अपील जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी, गोंदिया ने की है।
कुल मिलाकर संदेश यह है कि फार्मर आयडी अपनी जगह है, पर उसके आधार पर अलग पहचान पत्र बनाने, छापने या बांटने का काम बिना सरकारी मंजूरी के नहीं किया जा सकता। गोंदिया जिले के सेवा केंद्र इसे फौरन बंद करें और किसान ऐसे दावों के झांसे में न आएं।