नई रेल लाइन के लिए जमीन अधिग्रहण पर गोंदिया के किसान नाराज, कौठकर की विदर्भ में आंदोलन की चेतावनी
शेतकरी संघटना (र.प. प्रणीत) के विदर्भ अध्यक्ष लक्ष्मीकांत कौठकर ने भूमि अधिग्रहण कानून के गलत इस्तेमाल का आरोप लगाया है और जिलाधिकारी को निवेदन देकर चेतावनी दी है।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
गोंदिया: शेतकरी संघटना (र.प. प्रणीत) के विदर्भ अध्यक्ष लक्ष्मीकांत कौठकर ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पूरे राज्य में पहले से सूखे जैसे हालात हैं और किसान-खेतमजदूर मुश्किल में हैं। ऐसे वक्त में सरकार भूमि अधिग्रहण कानून का गलत इस्तेमाल करके विदर्भ के किसानों की जमीन जबरदस्ती ले रही है।
कौठकर ने जिलाधिकारी को दिए निवेदन में चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने यह जबरदस्ती नहीं रोकी, तो भूमि अधिग्रहण कानून के खिलाफ पूरे विदर्भ में तीव्र आंदोलन खड़ा किया जाएगा।
गोंदिया जिले के गुदमा, दागुटोला, खमारी, हलबीटोला, तुमखेडा खुर्द, कारंजा, डव्वा, गनखेरा, हिरडामाली और गोरेगाव गांवों में इस वक्त नई रेलवे लाइन के लिए भूमि अधिग्रहण का काम चल रहा है। स्थानीय किसान इस भूमि अधिग्रहण का कड़ा विरोध कर रहे हैं।
मीडिया से बात करते हुए कौठकर ने कहा, "किसानों के पास कमाई और संपत्ति का एकमात्र साधन खेती ही है। आने वाली पीढ़ी का रोजगार और स्थावर संपत्ति भी खेती पर ही टिकी है। इस साल सूखे की वजह से किसान पहले ही परेशान है, ऐसे में उनकी जमीनें छीनना अन्याय है।"
निवेदन में कई बातें रखी गई हैं। पहली बात, भूमि अधिग्रहण कानून 2013 के मुताबिक उपजाऊ खेती की जमीन न लेकर, अगर विकल्प मौजूद हो तो पड़ती जमीन का अधिग्रहण होना चाहिए। कानून में यह साफ दर्ज है।
दूसरी बात, कानूनी प्रावधान के तहत 70 प्रतिशत किसानों की सहमति लेना जरूरी है।
तीसरी बात, इस प्रस्तावित रेलवे लाइन का असल में कितने लोगों को फायदा होगा और कितने लोगों का पुनर्वास करना पड़ेगा, इसकी उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।
कौठकर ने 2018 के कानूनी बदलाव पर भी सवाल उठाया। राज्य सरकार ने 2018 में इस कानून में बदलाव करके यह प्रावधान किया कि 'विशेष कारण' हो तो खेती की जमीन ली जा सकती है। इस पर कौठकर ने पूछा, "यह 'विशेष कारण' आखिर कौन सा है, सरकार यह साफ करे। वैकल्पिक पड़ती जमीन उपलब्ध होते हुए कानून का डर दिखाकर किसान परिवारों के साथ अन्याय न किया जाए।"
उन्होंने दोहराया कि गोंदिया जिले के सभी प्रभावित किसानों के पीछे शेतकरी संघटना मजबूती से खड़ी रहेगी।
इस मौके पर 'जमीन बचाव समिति' के सदस्य और गुदमा, दागुटोला, खमारी, हरबीटोला, तुमखेडा खुर्द, कारंजा, डव्वा, गनखेडा, हिरडामाली और गोरेगाव गांवों से सैकड़ों किसान, महिलाएं और गांव वाले बड़ी संख्या में मौजूद थे।
कौठकर ने कहा, "भूमि अधिग्रहण कानून का हथियार इस्तेमाल करके सरकार विदर्भ के गोंदिया जिले के किसानों पर अन्याय करेगी, तो पूरे विदर्भ में इस कानून के खिलाफ तीव्र आंदोलन छेड़ा जाएगा।"
खबर छप चुकी है, लेकिन लाइव थ्रेड अभी शुरू नहीं हुआ। डेस्क कोई अपडेट डालते ही वह यहाँ दिखेगा।