गोंदिया-भंडारा की सड़कों पर अफसरों के साथ सांसद पटेल की बैठक, चौपदरीकरण और बायपास पर चर्चा
सांसद प्रफुल पटेल ने गोंदिया में राष्ट्रीय महामार्ग, सार्वजनिक बांधकाम विभाग और वनविभाग के अफसरों की बैठक ली।
गोंदिया और भंडारा जिले में सड़कों का काम तेज करने और ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सांसद प्रफुल पटेल ने गंभीरता से पहल की है। इसी सिलसिले में आज गोंदिया में एक उच्चस्तरीय बैठक हुई, जिसमें राष्ट्रीय महामार्ग, सार्वजनिक बांधकाम विभाग और वनविभाग के प्रमुख अधिकारी शामिल थे। बैठक में सांसद राजेंद्र जैन भी खास तौर पर मौजूद रहे।
बैठक में बालाघाट टी पॉइंट पर एलिव्हेटेड रोटरी बनाने, कोहमारा-घोटी और घोटी-गोंदिया मार्ग का चौपदरीकरण करने और भंडारा जिले के अटके पड़े रेलवे उड्डाणपुलों के कामों पर विस्तार से बात हुई।
बालाघाट टी पॉइंट के आसपास ट्रैफिक का बोझ दिन-ब-दिन बढ़ रहा है। इसे देखते हुए वहां एलिव्हेटेड रोटरी का प्रस्ताव तुरंत तैयार करने पर बैठक में विस्तार से चर्चा हुई।
कोहमारा से घोटी के बीच जो सड़कें वनक्षेत्र के बाहर (Non-Forest Stretches) आती हैं, उनकी जांच करके चौपदरीकरण का प्रस्ताव रखने के निर्देश दिए गए। घोटी से गोंदिया मार्ग के चौपदरीकरण के लिए भी उचित प्रस्ताव बनाकर विभाग को भेजने को कहा गया। सांसद पटेल ने साफ सूचना दी कि सड़क के जो हिस्से वनक्षेत्र में आते हैं, उनके लिए वनविभाग से तुरंत तालमेल बिठाया जाए और जरूरी मंजूरी की प्रक्रिया समय पर पूरी की जाए।
गोंदिया शहर का दायरा और आबादी दोनों बढ़ रहे हैं। आगे की ट्रैफिक जाम की समस्या सुलझाने के लिए शहर के बाहर से बायपास प्रस्तावित करने की दृष्टि से व्यवहार्यता जांच (Feasibility Study) करने का फैसला हुआ। इससे शहर के अंदर ट्रैफिक का दबाव कम होगा, भारी गाड़ियां बाहर से निकलेंगी और लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
गोंदिया और भंडारा जिले के अटके और पेंडिंग रेलवे उड्डाणपुलों के काम जल्द से जल्द पूरे हों, इसके लिए सभी संबंधित विभागों को आपसी तालमेल से काम करने और सारे पेंडिंग मामले तुरंत निपटाने के निर्देश दिए गए।
भंडारा और तुमसर-बपेरा-खापा इलाके के विकासकामों की अड़चनें भी समझी गईं। संबंधित अधिकारियों से कहा गया कि वे दूसरे विभागों से तालमेल बिठाकर सारे पेंडिंग काम तुरंत आगे बढ़ाएं।
इस अहम बैठक से दोनों जिलों में आने वाले समय में सड़क और बुनियादी सुविधाओं के विकास को बड़ी रफ्तार मिलेगी। लोगों का सफर ज्यादा सुरक्षित और आसान बनाने की दिशा में कदम उठाए गए हैं।