गोंदिया में 108 रुग्णवाहिका से अब तक 2.95 लाख से ज्यादा मरीजों को मिली तुरंत मदद
मार्च 2014 से सितंबर 2026 के बीच गोंदिया जिले में 108 आपत्कालीन रुग्णवाहिका सेवा का 2 लाख 95 हजार 7 मरीजों ने लाभ लिया।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
गोंदिया जिले में 108 नंबर की आपत्कालीन रुग्णवाहिका सेवा का अब तक 2 लाख 95 हजार 7 मरीजों ने लाभ लिया है। यह आंकड़ा मार्च 2014 से सितंबर 2026 के बीच का है। सार्वजनिक आरोग्य विभाग ने यह सेवा 1 मार्च 2014 से शुरू की थी, ताकि इमरजेंसी में मरीजों को वक्त पर मेडिकल मदद मिल सके।
यह जानकारी जिला शल्यचिकित्सक डॉ. पुरुषोत्तम पटले ने दी। उनके मुताबिक इस सेवा के जरिए हादसे के शिकार लोगों, गर्भवती महिलाओं और दूसरे गंभीर मरीजों को तुरंत मदद मिली है। राष्ट्रीय ग्रामीण आरोग्य अभियान और आरोग्य विभाग के सहयोग से यह सेवा चल रही है।
डॉ. पटले ने बताया कि जिले में फिलहाल 15 रुग्णवाहिकाएं चल रही हैं। ग्रामीण, शहरी और अतिदुर्गम इलाकों के लोगों को यह सेवा मुफ्त दी जाती है। रोड एक्सीडेंट, आग में झुलसने, हार्ट अटैक, जहर के असर और प्रसूति से जुड़ी इमरजेंसी में 108 नंबर पर संपर्क किया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि ये रुग्णवाहिकाएं आधुनिक मेडिकल उपकरणों से लैस हैं और मरीज को अस्पताल में भर्ती करने से पहले ही उसे प्राथमिक उपचार दिया जाता है। इससे मरीज को वक्त पर इलाज मिलने में मदद होती है। जीपीआरएस प्रणाली से रुग्णवाहिका की लोकेशन तय करके उसे घटनास्थल पर भेजने की व्यवस्था है।
डॉ. पटले के अनुसार ये रुग्णवाहिकाएं के.टी.एस. सामान्य जिला अस्पताल, बाई गंगाबाई स्त्री अस्पताल, उपजिला अस्पताल तिरोड़ा, ग्रामीण अस्पताल देवरी, आमगाव, सड़क अर्जुनी, अर्जुनी मोरगाव, नवेगाव बांध, गोरेगाव, सौंदड, चिचगड, सालेकसा और रजेगाव, साथ ही प्राथमिक आरोग्य केंद्र एकोडी और डव्वा में तैनात हैं।
सुबह और रात की शिफ्ट में वाहनचालक और मेडिकल अधिकारी इस सेवा के लिए काम कर रहे हैं। मरीज या किसी और की तरफ से 108 पर कॉल आने पर पहले यह पता किया जाता है कि कॉल किस जगह से है। फिर जीपीएस की मदद से देखा जाता है कि उस इलाके में कौन सा अस्पताल है, और वहां के ग्रामीण या उपजिला अस्पताल अथवा प्राथमिक आरोग्य केंद्र को खबर दी जाती है। इसके बाद ध्यान रखा जाता है कि रुग्णवाहिका कम से कम वक्त में मरीज तक पहुंचे।
जिला आरोग्य अधिकारी डॉ. अभिजीत गोल्हार ने लोगों से अपील की है कि वे इमरजेंसी में इस सेवा का लाभ लें। डॉ. पटले ने यह भी बताया कि लोगों में जागरूकता बढ़ाकर इस सेवा को और मजबूत करने के लिए आने वाले दिनों में कदम उठाए जाएंगे।