कोंढाली-काटोल मार्ग पर क्रूजर और बाइक की भिड़ंत, देवी दर्शन से लौट रहे तीन युवकों की मौत
कलकुही-मेंढेपठार मोड़ के पास शनिवार रात हुए हादसे में दो सगे भाई और उनके दोस्त की मौके पर ही जान चली गई।
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नवरात्र के मौके पर पूरा इलाका देवी की भक्ति में डूबा हुआ है। इसी बीच शनिवार की आधी रात आई एक बुरी खबर ने दो परिवारों की खुशियां हमेशा के लिए छीन लीं। काटोल में मां जगदंबा के दर्शन करके कोंढाली लौट रहे तीन युवकों की कोंढाली-काटोल मार्ग पर हुए भीषण हादसे में मौके पर ही मौत हो गई।
मरने वालों में दो सगे भाई और उनका एक करीबी दोस्त है। इस घटना से कोंढाली और भाइयों के पैतृक गांव कारंजा (घाडगे) में मातम छा गया है।
मिली जानकारी के मुताबिक नागपुर ग्रामीण तहसील के शिवा सावंगा के रहने वाले हेमराज गणपत उईके (27) अपने परिवार के साथ क्रूजर गाड़ी क्रमांक एमएच 27 बीई 4389 से श्रीक्षेत्र पारडसिंगा और काटोल देवी दर्शन के लिए जा रहे थे। दूसरी तरफ कोंढाली के विकास नगर में रहकर काम करने वाले तीन युवक अपनी मोटरसाइकिल क्रमांक एमएच 31 बीडब्ल्यू 3404 से नवरात्र पर काटोल में देवी दर्शन करके कोंढाली लौट रहे थे।
शनिवार रात करीब 11.15 से 11.30 बजे के बीच कोंढाली-काटोल मार्ग पर कलकुही-मेंढेपठार मोड़ के पास दोनों गाड़ियां आमने-सामने टकरा गईं। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि मोटरसाइकिल के परखच्चे उड़ गए। उस पर सवार तीनों युवकों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
मरने वालों में कारंजा के रहने वाले दो सगे भाई दीपांशु दामोदर चाफले और रोशन दामोदर चाफले हैं। तीसरा युवक उनका दोस्त लोकेश जगदीश बारंगे था, जो आष्टी तहसील के माणिकवाडा का रहने वाला था। तीनों मूल रूप से वर्धा जिले की कारंजा और आष्टी तहसील के निवासी थे और रोजी-रोटी के सिलसिले में फिलहाल कोंढाली में रह रहे थे।
हादसे की खबर मिलते ही कोंढाली थाने के थानेदार सुमित परतेकी, हेड कांस्टेबल प्रमोद तभाने और उमेश गुरनुले पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। एम्बुलेंस चालक संजय गायकवाड़, सामाजिक कार्यकर्ता परिमल हिंगणकर और सागर भारसाकले ने भी फौरन राहत और बचाव के काम में मदद की।
पंचनामे के बाद तीनों युवकों के शव पोस्टमार्टम के लिए काटोल ग्रामीण अस्पताल भेजे गए। पुलिस ने क्रूजर के चालक को हिरासत में ले लिया है। हादसे का मामला दर्ज करके आगे की कानूनी जांच शुरू कर दी गई है।