गोंदिया के ब्राह्मणकर हॉस्पिटल में कामयाब ऑपरेशन, 65 साल की महिला के पित्ताशय से निकले 100 से ज्यादा स्टोन
गोंदिया के ब्राह्मणकर मल्टीस्पेशालिटी हॉस्पिटल में डॉक्टरों ने पदमपुर की 65 साल की महिला के शरीर से लैप्रोस्कोपी तकनीक से 100 से ज्यादा स्टोन निकाले।
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गोंदिया जिले के मेडिकल क्षेत्र से एक राहत देने वाली और काबिले-जिक्र खबर सामने आई है। गोंदिया के ब्राह्मणकर मल्टीस्पेशालिटी हॉस्पिटल में डॉक्टरों ने पदमपुर की रहने वाली एक 65 साल की महिला के शरीर से 100 से ज्यादा स्टोन निकाले हैं। महिला पिछले 6 महीने से पेट के असहनीय दर्द से परेशान थीं। अस्पताल के वरिष्ठ सर्जन डॉ. नोव्हिल ब्राह्मणकर और उनकी मेडिकल टीम ने लैप्रोस्कोपी, यानी कीहोल सर्जरी की तकनीक से यह पेचीदा ऑपरेशन पूरा किया।
मिली जानकारी के मुताबिक पदमपुर की यह महिला छह महीने से पेट दर्द की तेज तकलीफ झेल रही थीं। बेहतर इलाज की उम्मीद में वे मुंबई में रहने वाले अपने बेटे के पास गई थीं। वहां उन्होंने तीन अलग-अलग नामी डॉक्टरों से इलाज करवाया, लेकिन इसके बाद भी उनका दर्द कम नहीं हुआ। आखिर में निराश होकर वे गोंदिया लौट आईं और यहां के ब्राह्मणकर मल्टीस्पेशालिटी हॉस्पिटल से संपर्क किया।
अस्पताल के वरिष्ठ सर्जन डॉ. नोव्हिल ब्राह्मणकर ने महिला की सोनोग्राफी और दूसरी जरूरी जांचें करवाईं। रिपोर्ट में सामने आया कि उनके पित्ताशय (गॉलब्लैडर) में बड़ी तादाद में स्टोन हैं। महिला की बिगड़ती हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने फौरन ऑपरेशन करने का फैसला किया।
यह पेचीदा ऑपरेशन करीब 3 से 4 घंटे चला। इसमें डॉक्टरों ने लैप्रोस्कोपी तकनीक इस्तेमाल की। इस आधुनिक तरीके में शरीर पर बड़ा चीरा नहीं लगाया जाता और ऑपरेशन बहुत छोटे छेदों से किया जाता है। ऑपरेशन के दौरान महिला के शरीर से छोटे-बड़े मिलाकर 100 से ज्यादा स्टोन बाहर निकाले गए।
ऑपरेशन के सिर्फ दो दिन के अंदर महिला की तबीयत में तेजी से सुधार हुआ। लंबे वक्त तक असहनीय दर्द सहने के बाद इतना बड़ा आराम मिलने पर महिला और उनके रिश्तेदारों ने राहत की सांस ली।
मरीज और उनके परिवार वालों ने डॉ. नोव्हिल ब्राह्मणकर और अस्पताल के पूरे मेडिकल स्टाफ का दिल से शुक्रिया अदा किया। मरीज के रिश्तेदारों ने अपनी भावना जताते हुए कहा, "बड़े-बड़े शहरों में भटकने के बाद भी जो राहत नहीं मिली, वह गोंदिया में ही आधुनिक इलाज से मिल गई।"