सावली में आदमखोर बाघ T-122 को पकड़ने के लिए 30 बाय 30 फुट का पिंजरा लगा
सावली के सामदा इलाके में महीने भर में तीन चरवाहों की मौत के बाद वनविभाग ने बाघ T-122 को पकड़ने की मुहिम चलाई है।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
सावली वन परिक्षेत्र के व्याहाड उपवनक्षेत्र में आदमखोर बाघ T-122 को पकड़ने के लिए वन विभाग ने खास मुहिम शुरू की है। यह बाघ पिछले एक महीने से सामदा, निलसनी, पेडगाव, सोनापुर और वाघोली-बुटी इलाके में दहशत फैलाए हुए है और इंसानों पर हमले कर रहा है।
वन विभाग की जानकारी के मुताबिक, महीने भर में गाय-भैंस चराने जंगल गए तीन चरवाहों को इस बाघ ने मार डाला है। लगातार हुए इन जानलेवा हमलों से सामदा समेत आसपास के पूरे ग्रामीण इलाके में किसानों, चरवाहों और गांव वालों में भारी डर है। लोगों की सुरक्षा को देखते हुए वन विभाग ने 27 सितंबर 2026 से बाघ को पकड़ने की बड़ी मुहिम चला रखी है।
बाघ को ढूंढना, उसका पीछा करना और बेहोशी की दवा देकर पकड़ना बेहद पेचीदा और वक्त लेने वाला काम होता है। जंगली जानवर के लिए भी यह तकलीफदेह है। इसी वजह से चंद्रपुर वन विभाग ने एक नया तरीका आजमाया है। इंसान की आहट मिलते ही चकमा देने वाले इस बाघ के लिए 30 फुट x 30 फुट का हाईटेक और बड़ा पिंजरा सावली परिक्षेत्र के सामदा क्षेत्र में लगाया गया है। पिंजरे के अंदर चारे के तौर पर एक जानवर रखा गया है और उस पर 24 घंटे नजर रखने के लिए सौर ऊर्जा से चलने वाले सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।
यह पिंजरा चंद्रपुर के मुख्य वन संरक्षक श्री रामानुजम की अगुवाई और विभागीय वन अधिकारी श्री राजन तलमले के मार्गदर्शन में बना है। इसकी परिकल्पना चंद्रपुर के वन परिक्षेत्र अधिकारी श्री घनश्याम नायगमकर और ब्रम्हपुरी वन विभाग के जीव विज्ञानी श्री राकेश आहुजा की है।
मुहिम की सीधी कमान सहायक वन संरक्षक श्री विकास तरसे और सावली के वन परिक्षेत्र अधिकारी श्री विनोद धुर्वे के हाथ में है। बाघ की हर हरकत पर नजर रखने के लिए 9 सीसीटीवी गरुडा कैमरे, 20 ट्रैप कैमरे और 3 लाइव कैमरे लगाए गए हैं। इसके अलावा STPF टीम, RRU टीम, PRT दल और करीब 50 से 60 वन कर्मचारी और वन मजदूर दिन-रात पहरा दे रहे हैं।
मुहिम में इको प्रो चंद्रपुर के संस्थापक अध्यक्ष श्री बंडू भाऊ धोत्रे, मानद वन्यजीव रक्षक श्री मुकेश भांदककर, जीव विज्ञानी श्री अक्षय नारनवरे, सेवानिवृत्त सहायक आयुक्त डॉ. छोनकर और क्षेत्र सहायक श्री मारुती पुल्लेवाड भी शामिल हैं। स्थानीय वन रक्षक श्री इंगळे, श्री शेडमाके, श्री डांगे, श्री खुडे, श्री अक्षय मेश्राम, श्री नंदकिशोर चणकापुरे और श्री लंकेश आखाडे भी सक्रिय रूप से लगे हुए हैं।
वन विभाग के अफसरों और कर्मचारियों ने प्लान के साथ चल रही इस साझा कार्रवाई में जल्द कामयाबी मिलने का पक्का भरोसा जताया है। वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि जब तक बाघ पूरी तरह पकड़ा न जाए, वे जंगल की तरफ न जाएं और विभाग की हिदायतों का पूरी तरह पालन करके सहयोग करें।