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21:46 IST

ट्रेन में फोन पर तेज आवाज में गाने बजाए तो जेल और जुर्माना, रेलवे ने सख्ती की

रेलवे ने ट्रेन और स्टेशन परिसर में मोबाइल पर लाउडस्पीकर चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई के नियम बताए हैं।

ट्रेन में फोन पर तेज आवाज में गाने बजाए तो जेल और जुर्माना, रेलवे ने सख्ती की तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

ट्रेन या स्टेशन पर मोबाइल का स्पीकर ऑन करके गाने सुनना या वीडियो देखना कई लोगों की आदत बन चुकी है। आसपास बैठे यात्रियों को इससे कितनी परेशानी होती है, इसकी तरफ ध्यान देते हुए भारतीय रेलवे प्रशासन ने अब कड़ा रुख अपनाया है। रेलवे परिसर में या चलती ट्रेन में मोबाइल लाउडस्पीकर पर चलाने वाले, या तेज आवाज में बातें करने वाले यात्रियों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पिछले कुछ समय में मोबाइल इंटरनेट का इस्तेमाल बहुत बढ़ा है। इसी वजह से कई लोग सार्वजनिक जगहों पर या ट्रेन में स्पीकर पर वीडियो और गाने बजाते दिखते हैं। इससे दूसरे यात्रियों के आराम और सफर पर बुरा असर पड़ रहा था। यात्रियों को कोई दिक्कत न हो, इसके लिए तुरंत असरदार इंतजाम की जरूरत महसूस की जा रही थी।

इसी पृष्ठभूमि में दक्षिण रेलवे के मुख्यालय ने हाल ही में सभी विभागों को एक परिपत्र जारी किया है। उसमें साफ कहा गया है कि स्टेशनों या ट्रेनों में यात्री मोबाइल पर स्पीकर ऑन करके ऑडियो या संगीत सुन रहे हैं, और इससे दूसरे यात्रियों का सफर आरामदेह नहीं रह पा रहा।

जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) कानून के तहत संशोधित 'रेलवे कानून, 1989' की धारा 145 (2) (ए) के आधार पर रेलवे प्रशासन ने ये नए नियम लागू करना शुरू किया है। नियम के मुताबिक, अगर कोई व्यक्ति सार्वजनिक जगह या ट्रेन में मोबाइल पर लाउडस्पीकर चलाकर या जोर से बोलकर सहयात्रियों को परेशान करता है या न्यूसेंस (Nuisance) पैदा करता है, तो उसे रेलवे परिसर से सीधे बाहर निकाला जा सकता है। उस पर 1,000 रुपये तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है।

इतना ही नहीं, रेलवे के अधिकृत अधिकारी के चेतावनी देने के बाद भी अगर वह व्यक्ति परेशान करना जारी रखता है, तो उसे 6 महीने तक की साधारण सजा, या 5,000 रुपये तक का जुर्माना, या दोनों हो सकते हैं। यह बात रेलवे प्रशासन ने साफ की है।

रेलवे मुख्यालय ने सभी विभागों को निर्देश दिया है कि यात्रियों में इस नियम को लेकर जागरूकता फैलाने के लिए नियमित रूप से सार्वजनिक घोषणाएं की जाएं। टिकट परीक्षक (TTE) या उससे ऊंचे पद के कमर्शियल कर्मचारियों को दंडात्मक कार्रवाई करने के अधिकार दिए गए हैं।

यह सवाल पिछले महीने तब फिर चर्चा में आया था, जब सांसद तेजस्वी सूर्य की पत्नी और मशहूर कर्नाटक संगीत गायिका शिवश्री स्कंदप्रसाद ने सोशल मीडिया पर अपने सफर का बुरा अनुभव साझा किया। एसी टू-टियर के 56 सीटों वाले कोच में करीब 40 यात्रियों का एक ग्रुप बहुत जोर से बातें कर रहा था, जिससे उन्हें काफी तकलीफ हुई। उन्होंने TTE से दूसरा बर्थ देने की गुजारिश की, लेकिन वह मिल नहीं सका।

इसी बीच 8 लोगों के एक और ग्रुप ने 'यूनो' (Uno) खेलना शुरू कर दिया था, पर TTE के कहने पर उन्होंने खेल बंद कर दिया। इस घटना के बाद स्कंदप्रसाद ने अफसोस जताते हुए लिखा था, "एक देश के तौर पर हम अपने सार्वजनिक बर्ताव में कब सुधरेंगे?" इसी पूरे संदर्भ में अब रेलवे प्रशासन ने यात्रियों के अनुशासन और सुरक्षा के लिए यह सख्ती शुरू की है।

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