गुरूवार, 29 अक्टूबर 2026

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मालेगांव नगर निगम आयुक्त समेत तीन अफसर एसीबी की गिरफ्त में, 20 लाख के बिलों पर 4 फीसदी रिश्वत की मांग का आरोप

मालेगांव नगर निगम आयुक्त समेत तीन अफसर एसीबी की गिरफ्त में, 20 लाख के बिलों पर 4 फीसदी रिश्वत की मांग का आरोप तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
जुर्म PT24 टीम

नाशिक एसीबी ने मालेगांव नगर निगम के आयुक्त रवींद्र जाधव, उनके पीए निलेश पाटील और लेखापाल हरीश डिंबर को गिरफ्तार किया है। तीनों पर ठेकेदार के 20 लाख रुपये के बिल पास करने के बदले 4 फीसदी रिश्वत मांगने का आरोप है।

नाशिक के भ्रष्टाचार निरोधक विभाग यानी एसीबी ने मालेगांव नगर निगम के आयुक्त रवींद्र जाधव, उनके पीए निलेश पाटील और लेखापाल हरीश डिंबर को गिरफ्तार किया है। तीनों पर 20 लाख रुपये के बिलों के बदले 4 फीसदी रिश्वत मांगने का आरोप है। एसीबी का कहना है कि इन्हें रंगेहाथ पकड़ा गया। इस कार्रवाई से पूरे राज्य और प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है।

सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की है कि आयुक्त रवींद्र जाधव आने वाली 31 अक्टूबर को रिटायर होने वाले थे। यानी रिटायरमेंट के बिल्कुल मुहाने पर उन्हें हथकड़ी लग गई।

मामला क्या है, इसकी मिली जानकारी के मुताबिक मालेगांव नगर निगम इलाके में उद्यान की घास कटाई और पानी की पाइपलाइन की मरम्मत जैसे विकास के काम पूरे किए जा चुके थे। ये दो अलग अलग काम एक ही ठेकेदार के पास थे। इन दोनों कामों के कुल 20 लाख रुपये के बिल नगर निगम से मंजूर कराने थे। आरोप है कि बिल पास करने और फाइल आगे बढ़ाने के लिए 4 फीसदी रिश्वत की मांग की गई।

ठेकेदार यह रिश्वत देने के लिए तैयार नहीं था। इससे परेशान होकर उसने सीधे नाशिक के एसीबी में औपचारिक शिकायत दर्ज करा दी।

शिकायत को गंभीरता से लेते हुए नाशिक एसीबी की टीम ने पहले उसकी पड़ताल की। इसके बाद जाल बिछाया गया और मालेगांव नगर निगम आयुक्त रवींद्र जाधव, उनके पीए निलेश पाटील और लेखापाल हरीश डिंबर को रिश्वत लेते या रिश्वत मांगते हुए रंगेहाथ दबोच लिया गया। कार्रवाई के बाद तीनों को आगे की कानूनी पूछताछ के लिए तुरंत नाशिक में एसीबी के मुख्य दफ्तर लाया गया।

एसीबी के पुलिस अधीक्षक भारत तांगडे ने इस कार्रवाई की पुष्टि की है। उनके मुताबिक ठेकेदार के कामों के बिल चुकाने के लिए रिश्वत मांगे जाने की शिकायत एसीबी को मिली थी। पड़ताल के बाद नगर निगम आयुक्त समेत तीनों को गिरफ्तार किया गया है। तीनों के खिलाफ भ्रष्टाचार प्रतिबंधक कानून 1988 की धारा 7 और 12 के तहत मामला दर्ज हुआ है। मामले की आगे की जांच जारी है।

पिछले कुछ दिनों से नाशिक जिले और उत्तर महाराष्ट्र के अलग अलग सरकारी विभागों के अफसर और कर्मचारी एसीबी के जाल में फंसने की खबरें लगातार आ रही हैं। लेकिन नगर निगम के सबसे बड़े पद पर बैठे आयुक्त की ही रिश्वत के मामले में गिरफ्तारी को बेहद गंभीर घटना माना जा रहा है। रिटायरमेंट से ठीक पहले एक वरिष्ठ अफसर पर ऐसे आरोप लगने से नगर निगम के कामकाज और पारदर्शिता पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। इस सख्त कार्रवाई से रिश्वतखोरी के आरोपों में घिरने वाले अफसरों में खलबली है।

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