मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट
AQI 270 | Poor 09:42 IST

फर्जी शालार्थ आईडी मामले में शिक्षा विभाग की कार्रवाई, कई शिक्षकों का वेतन रुका

शालार्थ आईडी घोटाले में शिक्षा विभाग ने संदिग्ध शिक्षकों का वेतन रोकने और मान्यता रद्द करने की कार्रवाई शुरू की है।

फर्जी शालार्थ आईडी मामले में शिक्षा विभाग की कार्रवाई, कई शिक्षकों का वेतन रुका तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

पूरे राज्य में हलचल मचाने वाले फर्जी शालार्थ आईडी घोटाले में अब शिक्षा विभाग ने प्रशासनिक कार्रवाई शुरू कर दी है। संदिग्ध शिक्षकों का वेतन रोका जा रहा है, उनकी वैयक्तिक मान्यता रद्द की जा रही है और नियमों के खिलाफ हुई नियुक्तियों की जांच का काम भी चल पड़ा है। माना जा रहा है कि इससे बोगस नियुक्तियों के जरिए सरकारी वेतन का फायदा उठाने वालों पर कार्रवाई तेज हो सकती है।

इस मामले की जांच नाशिक के पुलिस आयुक्त संदीप कर्णिक के मार्गदर्शन में विशेष जांच दल यानी एसआईटी कर रहा है। दल अलग-अलग कागजात की छानबीन कर रहा है और संदिग्ध नियुक्तियों की पड़ताल में लगा है।

जानकारी के मुताबिक नाशिक विभाग में पहले चरण में 150 शिक्षकों की मान्यता रद्द कर दी गई है और उनका वेतन भी बंद कर दिया गया है। पूरे विभाग में कुल 893 संदिग्ध मामलों की छानबीन चल रही है। जलगांव जिले में भी 132 लोगों की मान्यता रद्द करके वेतन रोकने के आदेश दिए जाने की बात कही जा रही है।

इस कार्रवाई की गूंज बीड और लातूर में भी सुनाई दे रही है। नागपुर में 632 कर्मचारियों के वेतन और उनकी नियुक्तियों का सवाल खड़ा हो गया है।

इस कार्रवाई से शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया, वैयक्तिक मान्यता और वेतन बांटने में पारदर्शिता का मुद्दा फिर से जोर पकड़ गया है। अगर फर्जी कागजात या नियमों के खिलाफ मान्यता साबित होती है, तो शिक्षकों के साथ-साथ संबंधित संस्थाचालकों और जिम्मेदार अधिकारियों पर भी आपराधिक कार्रवाई हो सकती है।

अब सबकी नजर इस पर है कि नाशिक के 893 मामलों की छानबीन में क्या जानकारी सामने आती है और शिक्षा विभाग आगे कौन से कदम उठाता है। जिले के शिक्षा क्षेत्र में इसे लेकर काफी उत्सुकता है।

शालार्थ प्रणाली की आईडी और उससे जुड़े शिक्षकों की नियुक्ति या वेतन के रिकॉर्ड में कथित गड़बड़ी के मामले को ही शालार्थ आईडी घोटाला कहा जाता है। जहां संदिग्ध नियुक्तियों या रिकॉर्ड की पड़ताल चल रही हो, वहां संबंधित शिक्षकों की नियुक्ति की वैधता पर सवाल उठ सकते हैं। हालांकि हर शिक्षक का मामला अलग से जांचना जरूरी है। वेतन के बारे में फैसला जांच, मौजूद सबूतों और लागू नियमों के हिसाब से लिया जा सकता है, इसलिए असली कार्रवाई के लिए आधिकारिक आदेश देखना अहम है।

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप You पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे