गोंदिया में महिला ग्रामसेवक और उसके पति को ACB ने 1 लाख की रिश्वत लेते पकड़ा
गोंदिया में भ्रष्टाचार प्रतिबंधक विभाग ने महिला ग्रामसेवक और उसके पति को एक पूर्व सैनिक से 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा, दोनों हिरासत में हैं।
गोंदिया में भ्रष्टाचार प्रतिबंधक विभाग (ACB) ने एक महिला ग्रामसेवक और उसके पति को 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ने की कार्रवाई की है। आरोप है कि एक पूर्व सैनिक से पांच एकड़ कृषि भूमि के प्रस्ताव से जुड़े काम के बदले 5 लाख 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई थी। दोनों को पुलिस ने हिरासत में लिया है।
शिकायत करने वाले पूर्व सैनिक 48 साल के हैं और सेवानिवृत्त हो चुके हैं। उन्होंने पूर्व सैनिक होने के नाते शासन से पांच एकड़ कृषि भूमि पाने के लिए गोंदिया के जिलाधिकारी के सामने प्रस्ताव रखा था। इसी प्रस्ताव के सिलसिले में ग्राम पंचायत का प्रस्ताव पारित कराना था और अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) के दस्तावेज भी तैयार करवाने थे।
आरोप है कि इस काम के लिए आमगांव तहसील के ग्राम मानेगांव (वर्ग-3) की ग्रामसेवक उषा जयकृष्ण पाटील (42) और उनके पति रमाकांत ग्यानीराम मोटघरे (54) ने रिश्वत मांगी। आरोप के मुताबिक दोनों ने ग्राम पंचायत के सरपंच और सदस्यों के नाम पर 5 लाख 50 हजार रुपये की मांग की थी। इसके अलावा काम शुरू करवाने के लिए अपने लिए अलग से 1 लाख रुपये भी मांगे गए।
पूर्व सैनिक रिश्वत देने को तैयार नहीं थे। इसलिए उन्होंने 9 अक्टूबर को गोंदिया के ACB दफ्तर में शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत की जांच के दौरान ACB ने पंचों और वॉयस रिकॉर्डर की मदद से रिश्वत की मांग की पुष्टि की। इसमें सामने आया कि आरोपियों ने कथित तौर पर काम करवाने के लिए 5.50 लाख रुपये और अपने लिए अलग से 1 लाख रुपये मांगे थे।
इसके बाद ACB ने आगे की कार्रवाई की योजना बनाई। मंगलवार 13 अक्टूबर को शिकायतकर्ता को पंच और वॉयस रिकॉर्डर के साथ गोंदिया में आरोपियों के घर भेजा गया। आरोप है कि इस दौरान महिला ग्रामसेवक ने अपने पति को इशारा किया। जैसे ही पति ने शिकायतकर्ता से 1 लाख रुपये की रकम ली, वहां मौजूद ACB की टीम ने दोनों को रंगेहाथ पकड़ लिया।
लोकसेवक पद का दुरुपयोग करने के आरोप में दोनों के खिलाफ गोंदिया शहर पुलिस स्टेशन में अपराध क्रमांक 844/26 के तहत भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 और 12 में मामला दर्ज किया गया है। आरोपी दंपति को हिरासत में लिया गया है।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक दिगंबर प्रधान, अपर पुलिस अधीक्षक माधुरी बाविस्कर और विजय माहुलकर के मार्गदर्शन में हुई। इसका नेतृत्व पुलिस उपअधीक्षक नीलेश लोधी ने किया। कार्रवाई में पुलिस निरीक्षक अरविंद राऊत और उमाकांत उगले के साथ पुलिस हवलदार बोहरे, कहालकर, शेंडे, बोपचे, काटकर, सोनवाने, बटबर्वे, पटले, डांगे और अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे।