नागपुर में राशन कार्ड कटे, फिर भी गोदामों से गेहूं-चावल का उठाव बढ़ा
दो महीनों में हजारों अपात्र परिवार सूची से बाहर हुए, पर सरकारी आंकड़ों में कई जोनल कार्यालयों में अनाज का उठाव बढ़ा है। ऑनलाइन सेवा बंद है और जिलाधिकारी ने जांच की बात कही है।
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नागपुर जिले के अन्न व नागरिक आपूर्ति विभाग में अनाज के वितरण को लेकर सवाल उठ रहे हैं। दावा किया गया है कि पिछले दो महीनों में केवाईसी और दूसरी वजहों से हजारों अपात्र राशन कार्डधारक परिवार लाभार्थियों की सूची से बाहर हो चुके हैं। यानी राशन लेने वाले कम हुए हैं।
ऐसे में अनाज का उठाव भी घटना चाहिए था। लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि सरकारी आंकड़ों में गोदामों से गेहूं और चावल का उठाव लगभग सभी जोनल कार्यालयों में बढ़ गया है। लाभार्थी घटे और राशन का उठाव बढ़ा, यही बात पूरे मामले को शक के घेरे में ला रही है।
इस हालत में सरकारी अनाज के वितरण पर संदेह की स्थिति बनती दिख रही है। जोनल अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
एक और बात यह है कि पिछले दो महीने से राशन विभाग में इंटरनेट सेवा बंद पड़ी है। इसी वजह से अनाज की आपूर्ति की बिल्टी कागज पर ही तैयार की जा रही है। ऑनलाइन सेवा बंद होने का असर यह है कि अनाज लादकर दुकानों तक ले जाने वाले वाहनों की लोकेशन भी ट्रैक नहीं हो पा रही है।
नागपुर शहर के राशन विभाग में अनाज वितरण में गड़बड़ी की शिकायतें पहले भी कई बार उठती रही हैं। एक मामले में विभागीय आयुक्त ने जांच के आदेश भी दिए थे। इतना ही नहीं, वर्ष 2024 के एक राशन वितरण में कथित गड़बड़ी का मामला आरटीआई के जरिए सामने आया था। उसी खुलासे के आधार पर शिकायत ACB तक पहुंची है।
बताया गया है कि मामले का संज्ञान लेते हुए कुछ दिन पहले संबंधित शिकायतकर्ता को बुलाकर पूछताछ की गई। अब देखना यह है कि ऑनलाइन सेवा ठप रहने के इन दो महीनों में शहर के राशन विभाग के सरकारी आंकड़ों में जो गड़बड़ी दिख रही है, उस पर जिला प्रशासन निष्पक्ष फिजिकल ऑडिट कराएगा या फाइलों को दबा दिया जाएगा।
इस बारे में नागपुर के जिलाधिकारी कुमार आशीर्वाद ने कहा कि शहर के राशन विभाग में अनाज वितरण में अनियमितता और विभाग की उदासीनता का मामला गंभीर है। उनके मुताबिक इस मामले की पूरी जांच की जाएगी और जिला प्रशासन जल्द ही इसे देखेगा।
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