दशहरा मेले में उद्धव ठाकरे ने सुनाई परभणी के 14 साल के युवराज की कहानी
उद्धव ठाकरे ने दशहरा मेले में राज्य के सूखे का हाल बताया और परभणी के झरी गांव के 14 साल के युवराज बुधवर की आपबीती सुनाई।
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उद्धव ठाकरे ने दशहरा मेले में राज्य में सूखे के हालात पर बात की। इस दौरान उन्होंने राज्य सरकार के साथ केंद्र पर भी निशाना साधा। हालात समझाने के लिए उन्होंने परभणी के युवराज नाम के एक लड़के की कहानी सुनाई। यह घटना बताते हुए ठाकरे का गला भर आया, ऐसा दिखा।
युवराज की कहानी सुनते वक्त वहां मौजूद लोगों की आंखें भी नम होती दिखीं। ठाकरे ने सूखे में किसानों पर आई मुसीबत की तरफ लोगों का ध्यान खींचा।
भाषण में ठाकरे ने कहा, "यह सूखा बड़ा होने वाला है। हमारे यहां कहावत है, सूखे में तेरहवां महीना। वैसी ही यह सरकार है। डबल इंजन की सरकार सिर्फ घोषणाएं कर रही है। पिछले साल अतिवृष्टि में सब कुछ बह गया था। तब मुख्यमंत्री ने इतिहास का सबसे बड़ा 31 हजार करोड़ का पैकेज घोषित किया था। जिनकी जमीन बह गई, उन्हें साढ़े तीन लाख रुपये हेक्टेयर घोषित किए गए। वह कितने लोगों को मिले? फसल बीमा कितनों को मिला? अब जो 5 हजार की मदद की है, वह एहसान नहीं है क्या? बीमा के लिए जो मापदंड लगाए थे, वही हटा दिए ताकि नुकसान भरपाई देनी ही न पड़े। कर्जमाफी घोषित हुई, पर किसको मिली, कुछ पता नहीं। केंद्र की टीम आकर गई, क्या किया, किसी को पता नहीं।"
इसके आगे ठाकरे ने कहा, "किसानों की हालत इतनी खराब है। परभणी में झरी नाम का एक गांव है। उस झरी गांव में युवराज बुधवर नाम का 14 साल का लड़का था। स्कूल में पिकनिक थी, इसलिए युवराज अपने पिता के पीछे पड़ गया। पिता किसान हैं। उन्होंने कहा कि सोयाबीन बिकने पर पैसे आएंगे, उससे कपड़े दिलाकर तुझे पिकनिक पर भेजेंगे। लेकिन लड़के ने देखा कि सोयाबीन सूख गया है। फिर वह बिकेगा कैसे और पैसे कहां से आएंगे? इसलिए दोपहर को घर में कोई नहीं था, तब छत से साड़ी का फंदा बनाकर उसने फांसी लगा ली और आत्महत्या कर ली। बाप अपने बेटे को नए कपड़े नहीं दे सकता। सोचिए, जिस साड़ी को पहने मां से वह लिपटता था, उसी साड़ी के फंदे में अपने बेटे को देखकर उन मां-बाप के मन में क्या हुआ होगा। लेकिन उसे देखने कोई नहीं गया।"
यह हाल बताते ही ठाकरे का गला भर आया और वहां मौजूद लोगों की आंखें भी नम दिखीं।
ठाकरे ने आगे कहा, "यह मेरे महाराष्ट्र का गरीब किसान है। यहां के गरीब किसान ऐसे जीते हैं और उनके बच्चे ऐसे मरते हैं। उस युवराज ने कभी खिलौने वाला हेलिकॉप्टर भी नहीं लिया होगा, पर हमारे यहां गरीब किसान का बेटा ऐसा है, और फाइव स्टार खेत में हेलिकॉप्टर उड़ाकर जाया जाता है। यह क्या ढोंग चल रहा है?" यह कहते हुए उन्होंने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का नाम लिए बिना उन पर तंज कसा।