बुरखे में छिपी थी 'लेडी डॉन'
फ्लैट का दरवाजा तोड़कर दबोची गई श्रद्धा दुबे, नागपुर क्राइम ब्रांच-लखनऊ पुलिस का संयुक्त ऑपरेशन, नेपाल से कानपुर और फिर नागपुर तक पुलिस को देती रही चकमा, 36 घंटे तक फ्लैट में डेरा, एआई और सीसीटीवी ने खोली पोल; दरवाजा नहीं खोला तो पुलिस ने तोड़कर निकाला बाहर
नागपुर। बुरखे की आड़, किराये की कार और बदलते ठिकाने! लखनऊ के बहुचर्चित शिवा शर्मा हत्याकांड में फरार चल रही मॉडल और इन्फ्लुएंसर श्रद्धा दुबे पुलिस से बचने के लिए हर पैंतरा आजमा रही थी। नेपाल से कानपुर और फिर नागपुर पहुंचकर उसने अपनी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर दानिश उर्फ तनवीर अली के साथ चिंचभवन के एक फ्लैट में पनाह ले रखी थी। उसे उम्मीद थी कि पुलिस की नजरों से बचकर वह एक बार फिर ठिकाना बदल लेगी, लेकिन लखनऊ पुलिस, एसटीएफ और नागपुर क्राइम ब्रांच की संयुक्त घेराबंदी ने उसके सारे दांव उलट दिए। 20 अक्टूबर को पुलिस ने फ्लैट का दरवाजा तोड़कर तीनों को दबोच लिया।
नौ अक्टूबर को शिवा शर्मा की हत्या के बाद से फरार श्रद्धा लगातार पुलिस को चकमा दे रही थी। मामला हाईप्रोफाइल होने के कारण उत्तर प्रदेश पुलिस पर आरोपियों तक पहुंचने का भारी दबाव था। आखिरकार नागपुर में उसकी फरारी का खेल खत्म हो गया।
नेपाल से भागी, कानपुर में कार बदली और नागपुर में छिप गई
पुलिस सूत्रों के अनुसार, शिवा शर्मा की हत्या के बाद श्रद्धा अपनी बहन और ड्राइवर के साथ नेपाल भाग गई थी। वहां कुछ समय बिताने के बाद जब उसे भनक लगी कि उत्तर प्रदेश पुलिस उसके करीब पहुंच रही है, तो तीनों ने नेपाल से निकलने का फैसला किया। वे कानपुर पहुंचे और वहां से स्विफ्ट डिजायर कार किराये पर लेकर सड़क मार्ग से नागपुर आ गए।
18 अक्टूबर की देर रात तीनों नागपुर पहुंचे। कार चालक उन्हें छोड़कर वापस कानपुर के िए रवाना हो गया। लेकिन उसे शायद अंदाजा नहीं था कि लखनऊ पुलिस और एसटीएफ की टीम पहले से ही कार का पीछा कर रही है। पुलिस ने नागपुर पहुंचते ही चालक को हिरासत में लिया और पूछताछ शुरू कर दी। चालक ने बताया कि उसने तीनों को रेलवे स्टेशन के पास छोड़ा था। यही जानकारी पुलिस के लिए सबसे बड़ा सुराग बन गई।
बुरखे ने छिपाई पहचान, सीसीटीवी ने खोल दी पोल
श्रद्धा ने अपनी पहचान छिपाने के लिए बुरखे का सहारा लिया था। उसे लगा होगा कि भेष बदलकर वह पुलिस की नजरों से बच निकलेगी, लेकिन रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी कैमरों ने उसकी चाल नाकाम कर दी। लखनऊ पुलिस ने नागपुर क्राइम ब्रांच की मदद से फुटेज खंगाले। इसमें दो महिलाओं और एक पुरुष के ई-रिक्शा में बैठकर रवाना होने की जानकारी मिली। फुटेज में बुरखा पहने एक महिला भी दिखाई दी, जबकि कार चालक पहले ही श्रद्धा के बुरखा पहनने की बात बता चुका था।
इसके बाद पुलिस ने ई-रिक्शा के रास्ते का पता लगाना शुरू किया। जांच की कड़ियां जुड़ती गईं और टीम चिंचभवन परिसर तक पहुंच गई। यहां तीनों ई-रिक्शा से उतरकर रिहायशी इलाके में दाखिल हुए थे। पुलिस ने 19 अक्टूबर की सुबह से ही आसपास के अपार्टमेंट और मकानों की छानबीन शुरू कर दी।
एआई की मदद से घेरा, दरवाजा तोड़कर फ्लैट में घुसी पुलिस
चिंचभवन के रिहायशी इलाके में छिपे आरोपियों तक पहुंचना आसान नहीं था। पुलिस एक-एक अपार्टमेंट और मकान की जानकारी जुटा रही थी। तलाशी के दौरान तकनीक और एआई की मदद भी ली गई। आखिरकार 20 अक्टूबर की दोपहर पुलिस एक अपार्टमेंट तक पहुंची, जहां पूछताछ में दो महिलाओं और एक पुरुष के ई-रिक्शा से आने की पुष्टि हुई।
पुलिस को यकीन हो गया कि फरार आरोपियों का ठिकाना यहीं है। टीम संबंधित फ्लैट तक पहुंची और दरवाजा खुलवाने की कोशिश की, लेकिन अंदर मौजूद श्रद्धा ने दरवाजा नहीं खोला। इसके बाद क्राइम ब्रांच के अधिकारियों ने वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क किया। निर्देश मिलने पर पुलिस ने दरवाजा तोड़ दिया। अंदर श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि और ड्राइवर दानिश उर्फ तनवीर अली मिल गए। तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया।
श्रद्धा पिछले करीब 36 घंटों से इसी फ्लैट में छिपी हुई थी। सूत्रों के अनुसार, वह जल्द ही यहां से निकलकर किसी दूसरे ठिकाने पर जाने की तैयारी में थी। इससे पहले ही पुलिस ने उसे घेर लिया।
रसूख की चर्चाएं, हत्याकांड ने बढ़ाई हलचल
श्रद्धा दुबे को लेकर उत्तर प्रदेश के राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में भी चर्चाएं रही हैं। सूत्रों के मुताबिक, उसके कई प्रभावशाली लोगों से संपर्क होने की बात सामने आती रही है। शिवा शर्मा हत्याकांड की जांच में पुलिस को श्रद्धा से जुड़े कई अहम सुराग मिलने की जानकारी भी सामने आई है। हालांकि, उसके कथित संपर्कों और अन्य लोगों की भूमिका को लेकर आधिकारिक जांच के निष्कर्ष सामने आना बाकी है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस हत्याकांड को गंभीरता से लिया है। ऐसे में लखनऊ पुलिस मामले की तह तक पहुंचने और हत्या के पीछे की पूरी साजिश उजागर करने में जुटी है।
नागपुर से लखनऊ ले गई पुलिस
नागपुर क्राइम ब्रांच ने श्रद्धा दुबे, उसकी बहन और ड्राइवर को लखनऊ पुलिस के हवाले कर दिया। अदालत से ट्रांजिट रिमांड हासिल करने के बाद तीनों को आगे की जांच के लिए लखनऊ ले जाने की प्रक्रिया पूरी की गई। अब पुलिस उनसे पूछताछ कर हत्या की वजह, कथित साजिश और अन्य संभावित संलिप्त लोगों की भूमिका का पता लगाने की कोशिश करेगी।
नागपुर में बुरखे की आड़ और छिपने का ठिकाना तो मिल गया, लेकिन शिवा शर्मा हत्याकांड की पूरी साजिश का पर्दाफाश होना अभी बाकी है।