परभणी में सहल के लिए नए कपड़े न मिलने पर किसान के बेटे ने दी जान
परभणी तालुका में एक किसान के बेटे की मौत हुई। घर में पैसों की तंगी थी और सोयाबीन का भुगतान नहीं मिला था। राज्य के 265 तालुकों में सूखा घोषित है।
परभणी तालुका में एक किसान के बेटे ने अपनी जान दे दी। बताया गया है कि उसे सहल के लिए नए कपड़े चाहिए थे, लेकिन वे उसे नहीं मिल पाए। इसी वजह से उसने यह कदम उठाया।
घर में पैसों की तंगी थी। इसलिए किसान पिता ने बेटे से कहा था कि सोयाबीन बिकने के बाद जब पैसे आएंगे, तब कपड़े दिलाएंगे। लेकिन सोयाबीन बेचने के बाद भी पिता को वक्त पर पैसे नहीं मिले। इस निराशा में बेटे ने यह बड़ा कदम उठा लिया और अपनी जान गंवा दी।
ग्रामीण पुलिस स्टेशन में इस मामले की नोंद की गई है। पुलिस स्टेशन में लड़के को मृत घोषित किया गया और आकस्मिक मौत का मामला दर्ज किया गया। खबर में कहा गया है कि यह सिर्फ एक परिवार का दुख नहीं है। इससे गांवों में किसान परिवारों की आर्थिक परेशानी और खेती के माल को वक्त पर भाव न मिलने की गंभीर सच्चाई एक बार फिर सामने आई है।
इधर राज्य में अभी सूखे के हालात बने हुए हैं। बारिश कम हुई और जो बारिश हुई उसने लंबा खींच भी लिया। इसकी वजह से राज्य में ज्यादातर जगह पानी और खेती को बड़ा झटका लगा है और किसानों को सूखे का सामना करना पड़ रहा है।
राज्य सरकार ने 358 तालुकों में से 265 तालुकों में सूखा घोषित किया है। महाराष्ट्र का करीब 74 प्रतिशत हिस्सा इस वक्त सूखे की चपेट में है। मराठवाड़ा, विदर्भ, उत्तर महाराष्ट्र और पुणे विभाग के जिलों पर इसकी मार पड़ी है।
मराठवाड़ा के 8 जिलों में औसतन 38 प्रतिशत बारिश दर्ज हुई है, जबकि विदर्भ के 11 जिलों में औसतन 27 प्रतिशत। यवतमाल, जलगांव, अहिल्यानगर, नागपुर, अमरावती और नांदेड़ जिलों के हालात ज्यादा चिंताजनक बताए गए हैं।
बांधों और जमीन के नीचे पानी का स्तर तेजी से नीचे जा रहा है। कुछ इलाकों में पानी का स्टॉक बहुत कम बचा है। आने वाले दिनों में पीने के पानी और चारे की समस्या भी गंभीर होने की आशंका जताई जा रही है।