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05:26 IST

चुनाव आयोग ने SIR पर विवाद के बीच SSR का कार्यक्रम घोषित किया, 17 राज्यों में चलेगा

केंद्रीय चुनाव आयोग ने मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) का कार्यक्रम घोषित किया है। मसौदा सूची 12 नवंबर 2026 को और अंतिम सूची 4 जनवरी 2027 को आएगी।

चुनाव आयोग ने SIR पर विवाद के बीच SSR का कार्यक्रम घोषित किया, 17 राज्यों में चलेगा तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

देश में मतदाता सूची के विशेष सघन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर केंद्रीय चुनाव आयोग के खिलाफ राजनीतिक माहौल गरम है। कांग्रेस के साथ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की तरफ से भी आयोग के काम करने के तरीके पर सवाल उठाए जा रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि SIR प्रक्रिया के जरिए मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं। पश्चिम बंगाल में भी इससे पहले मतदाताओं के नाम कम किए जाने का आरोप लगाया गया था।

इसी पृष्ठभूमि में केंद्रीय चुनाव आयोग ने अब विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण यानी SSR का कार्यक्रम घोषित कर दिया है। यह प्रक्रिया केंद्रशासित प्रदेशों समेत 17 राज्यों में चलाई जाएगी। इसके अलावा जिन 5 राज्यों में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं, वहां भी यह प्रक्रिया होगी। बताया गया है कि जिन राज्यों में पहले SIR पूरा हो चुका है, वहां SSR कार्यक्रम चलाया जाएगा।

मतदाता सूची बनाना, उसकी गलतियां सुधारना और पात्र नागरिकों के नाम जोड़ना चुनाव प्रक्रिया के अहम काम हैं। लोकसभा और विधानसभा चुनावों के लिए मतदाता सूची जरूरी होती है। लोकप्रतिनिधित्व कानून, 1950 और मतदाता पंजीकरण नियमों के हिसाब से सूची बनाने और उसमें बदलाव करने की प्रक्रिया तय की गई है।

इस प्रक्रिया में नए मतदाताओं का पंजीकरण, पता बदलने पर जरूरी सुधार और अपात्र या मृत मतदाताओं के नाम नियम के मुताबिक हटाना शामिल है। पात्रता तय करने की तारीख 1 जनवरी 2027 रखी गई है।

आयोग के घोषित कार्यक्रम के मुताबिक पुनरीक्षण की प्रक्रिया नवंबर 2026 से शुरू होगी और जनवरी 2027 में अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होगी। 2 नवंबर 2026 को मतदान केंद्रों के पुनर्गठन की प्रक्रिया होगी। 12 नवंबर 2026 को मसौदा मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। 12 नवंबर से 11 दिसंबर 2026 तक सूची को लेकर दावे और आपत्तियां दाखिल की जा सकेंगी। दावों और आपत्तियों पर कार्रवाई पूरी करने की आखिरी तारीख 28 दिसंबर 2026 है। अंतिम मतदाता सूची 4 जनवरी 2027 को प्रकाशित होगी।

इस दौरान मतदाता देख सकेंगे कि उनके नाम की एंट्री सही है या नहीं। सूची में नाम न हो, या नाम और पता जैसी जानकारी में गलती हो, तो नियम के मुताबिक सुधार के लिए आवेदन किया जा सकेगा।

विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण का मुख्य मकसद मतदाता सूची को ज्यादा सही और अपडेटेड रखना है। जिन पात्र नागरिकों का नाम सूची में नहीं है, वे पंजीकरण के लिए आवेदन कर सकेंगे। नाम या दूसरी जानकारी में गलती हो तो सुधार की मांग की जा सकेगी। किसी मतदाता की मौत हो गई हो या नियम के मुताबिक उसका नाम हटाना जरूरी हो, तो संबंधित रिकॉर्ड की जांच की जाएगी। एक जगह से दूसरी जगह गए मतदाताओं के रिकॉर्ड पर भी नियम के हिसाब से कार्रवाई होगी।

मसौदा सूची आने के बाद नागरिकों के लिए अपना नाम और ब्योरा ध्यान से देखना जरूरी है। कोई गलती मिले तो तय मियाद में संबंधित अधिकारी के पास दावा या आपत्ति दाखिल की जा सकती है।

देश भर में SIR पर राजनीतिक विवाद चल ही रहा है कि SSR का कार्यक्रम घोषित हो गया, इसलिए सबकी नजर इस मुहिम पर है। विपक्ष का नाम हटाए जाने का आरोप और आयोग की सूची अपडेट करने की प्रक्रिया, दोनों मुद्दों पर चर्चा जारी है। SSR मतदाता सूची के नियमित पुनरीक्षण की प्रक्रिया है, जिससे पात्र मतदाताओं के नाम जुड़ने और रिकॉर्ड की गलतियां दूर होने की उम्मीद है। इसलिए मतदाताओं को घोषित कार्यक्रम के हिसाब से अपने नाम की जांच करनी चाहिए और जरूरत हो तो समय पर आवेदन करना चाहिए।

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