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05:27 IST

कोलकाता के चोरबागान पंडाल में भगदड़, 19 की मौत, पूजा समिति के 7 लोग गिरफ्तार

चोरबागान के दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार रात मची भगदड़ में 19 लोगों की जान गई और 25 लोग घायल हुए। पुलिस ने सात लोगों को गिरफ्तार किया है।

कोलकाता के चोरबागान पंडाल में भगदड़, 19 की मौत, पूजा समिति के 7 लोग गिरफ्तार तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

कोलकाता के चोरबागान इलाके में दुर्गा पूजा के पंडाल में मची भगदड़ ने 19 लोगों की जान ले ली। 25 से ज्यादा लोग घायल हैं और इनमें से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। पूरे शहर में मातम का माहौल है।

हादसा शनिवार, 17 अक्टूबर की शाम का है। गिरीश पार्क थाने के इलाके में आने वाले इस पंडाल में रात होते-होते देवी के दर्शन के लिए भारी भीड़ जमा थी। बताया गया है कि घटना शाम करीब 7.40 बजे की है। तभी अचानक जोरदार बारिश शुरू हो गई। बाहर खड़े लोग भीगने से बचने के लिए अंदर घुसने लगे और गेट पर धक्का-मुक्की होने लगी। थोड़ी ही देर में अंदर इतनी भीड़ हो गई कि लोग एक-दूसरे पर गिरने लगे।

एक चश्मदीद महिला के मुताबिक भीड़ बढ़ ही रही थी कि स्पीकर पर किसी ने एलान कर दिया कि पंडाल का कुछ हिस्सा गिर सकता है। यह सुनकर लोग घबरा गए और सब एक साथ बाहर की ओर भागे। शुरुआती खबरों में यह भी कहा गया था कि भीड़ के दबाव से पंडाल का एक हिस्सा गिर गया था। लेकिन एलान किसने किया, क्यों किया, पंडाल सच में गिरने वाला था या यह अफवाह थी, इसकी जांच अब पुलिस कर रही है।

इस हादसे में अपनी मां को खो देने वाले 25 साल के एक युवक ने उस शाम की आपबीती सुनाई। वह मां के साथ पूजा देखने गया था। भीड़ में वह नीचे दब गया, किसी तरह बाहर निकला और मां को ढूंढने लगा, लेकिन वे नहीं मिलीं। उसने कहा, "मैंने अपनी मां को अपनी आंखों के सामने मरते देखा, शायद मैं भी जिंदा नहीं बचता।"

पुलिस ने इंतजाम में कई कमियां पाई हैं। पंडाल के आने-जाने के दरवाजे बहुत तंग थे और इतनी भीड़ के लिए नाकाफी थे। सुरक्षा के लिए लोग कम लगाए गए थे और अंदर कैसे आना है, बाहर कैसे निकलना है, इसकी कोई योजना ही नहीं थी। इससे अफरातफरी और बढ़ गई।

गिरीश पार्क थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 105, 110 और 3(5) के तहत केस दर्ज हुआ है। पुलिस ने कुल 14 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिनमें से 7 को गिरफ्तार कर लिया गया। इनमें पूजा समिति के सचिव और उपाध्यक्ष समेत बड़े पदाधिकारी, पंडाल बनाने वाले और सुरक्षा संभालने वाले लोग शामिल हैं। पूजा के आयोजकों को थाने बुलाया गया था। मौके पर तैनात पुलिसवालों से भी पूछताछ की जाएगी। फॉरेंसिक टीम ने जगह की जांच कर कुछ अहम सबूत जुटाए हैं, सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और चश्मदीदों के बयान लिए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि गलती किसकी थी, यह तय होने पर दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।

घायलों को कोलकाता मेडिकल कॉलेज और अस्पताल पहुंचाया गया है, जहां इलाज की पूरी तैयारी है। पुलिस, आपदा प्रबंधन के अफसर और दमकल की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत का काम तुरंत शुरू हुआ। पंडाल की बिजली और रोशनी बंद करा दी गई, बाहर के रास्तों पर कुछ देर आवाजाही रोकी गई और मूर्ति के दर्शन फिलहाल बंद हैं। पश्चिम बंगाल सरकार ने मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर 18003455678 जारी किया है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों से बचने और भीड़ वाली जगहों पर सावधानी रखने की अपील की है।

मुख्यमंत्री शुभेंदू अधिकारी ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण घटना बताया है। उन्होंने कोलकाता हाईकोर्ट के जज की निगरानी में एसआईटी बनाने का एलान किया है और कहा है कि शहर के बाकी पंडालों की भी जांच होगी। राज्य सरकार मरने वालों के परिवारों को 25 लाख रुपये की मदद देगी। खबर है कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री घायलों से मिलने पहुंचने वाले हैं। कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी दुख जताया है और मदद के लिए आगे आए हैं। खुशी के त्योहार में गलत इंतजाम की वजह से 19 परिवारों पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा है।

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