चर्चगेट से विरार तक जमीन के नीचे चल सकती है लोकल, रेलवे में प्रस्ताव
पश्चिम रेलवे पर चर्चगेट से विरार के बीच भूमिगत उपनगरीय रेल नेटवर्क का प्रस्ताव आया है, जो अभी शुरुआती दौर में है।
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देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में एक और बड़ा प्रोजेक्ट लाने की तैयारी है। पश्चिम रेलवे पर चर्चगेट से विरार के बीच जमीन के नीचे उपनगरीय रेल नेटवर्क बनाने का प्रस्ताव दिया गया है। इससे लोकल से सफर करने वालों को बड़ी राहत मिल सकती है।
फिलहाल यह प्रस्ताव शुरुआती दौर में ही है। अगर रेलवे बोर्ड ने इसके लिए फंड मंजूर किया, तो यह जल्द आकार ले सकता है। इससे मुंबई की बढ़ती भीड़ के लिए एक बड़ा विकल्प तैयार होगा और मौजूदा लोकल पर पड़ रहा दबाव कम होगा।
पश्चिम रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी है। उनके मुताबिक सबसे पहले यह देखा जाएगा कि जमीन के नीचे लोकल का रूट बनाना तकनीकी और आर्थिक रूप से कितना मुश्किल है और यह हो भी सकता है या नहीं। इस रिपोर्ट के बाद अगर निर्माण विभाग को मंजूर फंड मिलता है, तो पहले मौके पर जाकर सर्वे होगा और रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
अगर इस अध्ययन के नतीजे अच्छे आए और व्यावहारिक बातें सामने आईं, तो उसके बाद विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनेगी। फिर इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाया जाएगा।
पश्चिम रेलवे पर अभी रोज 1414 लोकल फेरे चलते हैं। यात्रियों की बढ़ती तादाद की वजह से लोकल सेवाओं पर दबाव बना हुआ है। जमीन के नीचे रेल नेटवर्क बनने से बड़ा फायदा होगा।
इसमें आधुनिक स्टेशन, अंदर आने और बाहर निकलने के रास्ते, और यात्रियों की सहूलियत के हिसाब से इस्तेमाल पर विचार होगा। रेलवे स्टेशनों का भी ध्यान रखा जाएगा। मेट्रो स्टेशन के पास कनेक्टिविटी और दूसरी बातों पर भी गौर किया जाएगा।
पश्चिम रेलवे के साथ-साथ मुंबई रेल विकास महामंडल भी अलग से अध्ययन करेगा। एक अंतरराष्ट्रीय एजेंसी के जरिए चर्चगेट से विरार और छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस से परेल, इन दो अहम कॉरिडोर के लिए भूमिगत जोड़ का अध्ययन कराया जाएगा।
फिलहाल यह प्रोजेक्ट विचाराधीन है। सर्वे के बाद ही साफ होगा कि यह हकीकत में बनेगा या नहीं।
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