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WCL नागपुर मुख्यालय में धूम्रपान-नशे की जांच के लिए कोई समिति नहीं, यूनिफॉर्म के लिए 12,500 रुपये एडवांस

वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड ने RTI के जवाब में बताया कि नागपुर मुख्यालय में धूम्रपान और नशे की जांच के लिए कोई टीम या समिति नहीं है। कोल इंडिया ने यूनिफॉर्म के लिए सालाना 12,500 रुपये एडवांस का नियम भी बदला है।

WCL नागपुर मुख्यालय में धूम्रपान-नशे की जांच के लिए कोई समिति नहीं, यूनिफॉर्म के लिए 12,500 रुपये एडवांस तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (WCL) का मुख्यालय नागपुर में है। RTI के जवाब से पता चला है कि वहां दफ्तर में धूम्रपान और नशीले पदार्थों पर रोक के उल्लंघन की जांच के लिए प्रबंधन की ओर से कोई निरीक्षण टीम, समिति या फ्लाइंग स्क्वाड फिलहाल नियुक्त नहीं है।

यह जवाब नागपुर के रहने वाले राजीव रंजन कुशवाहा की RTI अर्जी पर दिया गया। उन्होंने यह अर्जी 3 सितंबर 2026 को दाखिल की थी। WCL के इंडस्ट्रियल रिलेशंस विभाग ने उनके पांच सवालों के जवाब में संबंधित ऑफिस नोटिंग शीट और दस्तावेज दिए। सवाल कर्मचारियों के यूनिफॉर्म नियम, कार्यस्थल पर पाबंदियों, अनुशासनात्मक प्रावधानों, जांच की व्यवस्था और साल-दर-साल कार्रवाई के रिकॉर्ड के बारे में थे।

लिखित जवाब में WCL प्रबंधन ने साफ कहा कि नागपुर के WCL मुख्यालय में प्रबंधन की ओर से फिलहाल कोई निरीक्षण टीम, समिति या फ्लाइंग स्क्वाड नियुक्त नहीं की गई है।

अर्जी में दफ्तर और खदान परिसर में सिगरेट-बीड़ी, शराब और दूसरे नशीले पदार्थों, गुटखा और पान मसाले पर रोक के नियम भी पूछे गए थे। WCL के जवाब के मुताबिक ये प्रावधान कंपनी के प्रमाणित स्टैंडिंग ऑर्डर्स में आते हैं, जो उसकी आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। उल्लंघन होने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए भी जवाब में इन्हीं स्टैंडिंग ऑर्डर्स का हवाला दिया गया।

चूंकि कोई निरीक्षण समिति बनी ही नहीं है, WCL ने कहा कि ऐसी समिति की जांच और सजा के साल-दर-साल ब्योरे का सवाल ही नहीं उठता। जवाब डिप्टी जनरल मैनेजर (इंडस्ट्रियल रिलेशंस) के दफ्तर से होकर पब्लिक इन्फॉर्मेशन ऑफिसर को भेजा गया। इसकी रसीद 17 सितंबर 2026 की है।

RTI के दस्तावेजों में कोल इंडिया लिमिटेड का संशोधित यूनिफॉर्म ड्रेस-कोड आदेश भी है। यह 28 अप्रैल 2026 के ऑफिस मेमोरेंडम से जारी हुआ। मेमोरेंडम का संदर्भ क्रमांक CIL/C-5B/JBCCI-XI/Uniform Dress-Code/20 है। उसमें लिखा है कि यह बदलाव कोल इंडिया के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की 490वीं बैठक में मंजूर हुआ और इससे 6 जून 2025 का पुराना आदेश बदल गया है।

नए प्रावधानों के तहत पात्र कर्मचारियों को तीन या ज्यादा जोड़ी यूनिफॉर्म के लिए सालाना 12,500 रुपये एडवांस मिलेगा। एडवांस मिलने के दो महीने के अंदर कर्मचारियों को यूनिफॉर्म खरीदी के GST बिल जमा करने होंगे। तय समय में बिल जमा न हुए तो एडवांस की रकम तनख्वाह से वसूली जा सकती है। रिटायरमेंट के करीब पहुंचे कर्मचारियों को एडवांस मिलने के दो महीने के अंदर या आखिरी तनख्वाह जारी होने से पहले, जो पहले हो, बिल जमा करने होंगे।

पुरुष कर्मचारियों के लिए तीन ग्रे फॉर्मल शर्ट और तीन काली फॉर्मल पैंट तय हैं। महिला कर्मचारियों के लिए तीन विकल्प हैं: ग्रे या मरून फॉर्मल शर्ट के साथ काली पैंट, ग्रे या मरून कुर्ता/कमीज के साथ काली सलवार और दुपट्टा, या ग्रे या मरून साड़ी के साथ काला ब्लाउज। वे इनमें से कोई एक विकल्प या मिला-जुला सेट चुन सकती हैं, बशर्ते कम से कम तीन जोड़ी हों।

रंग के कोड भी तय हैं। ग्रे के लिए PMS 444, काली पैंट के लिए PMS 426 और मरून के लिए PMS 209, जो सिर्फ महिला कर्मचारियों के लिए है। PMS यानी पैंटोन मैचिंग सिस्टम, जो रंगों को एक जैसा रखने के लिए इस्तेमाल होता है।

इन दस्तावेजों से WCL के कामकाज के दो अलग पहलू सामने आते हैं: यूनिफॉर्म की रकम की व्यवस्था और नागपुर मुख्यालय में जांच का इंतजाम। जवाब से यह साबित नहीं होता कि कार्यस्थल पर पाबंदियां हैं ही नहीं। WCL ने पाबंदियों और अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए अपने प्रमाणित स्टैंडिंग ऑर्डर्स को ही लागू ढांचा बताया है। यूनिफॉर्म के दस्तावेज नागपुर के सिविल लाइंस स्थित WCL मुख्यालय से सीनियर मैनेजर (HR/IR/SE) ने eOffice सिस्टम के जरिए जारी किए।

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