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गूगल में नौकरी चाहिए? कंपनी के रिक्रूटर बेन मीड के ५ सुझाव

गूगल के टेक्निकल रिक्रूटर बेन मीड ने उम्मीदवारों के लिए ५ सुझाव शेयर किए हैं।

गूगल में नौकरी चाहिए? कंपनी के रिक्रूटर बेन मीड के ५ सुझाव तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

चाहे IT वाला हो या Non-IT प्रोफेशनल, कभी न कभी हर किसी का सपना होता है कि गूगल में नौकरी मिल जाए। लेकिन वहां सिर्फ एक शानदार रेज्यूमे से बात नहीं बनती। सही रणनीति चाहिए, इंटरव्यू की अच्छी तैयारी चाहिए और कंपनी की सोच को समझना भी बहुत जरूरी है। गूगल के टेक्निकल रिक्रूटर बेन मीड ने गूगल में अप्लाई करने वालों के लिए ५ काम के सुझाव शेयर किए हैं।

बेन मीड ने फ्रैंकलिन पियर्स यूनिवर्सिटी से साइकोलॉजी में ग्रेजुएशन किया है। उनका मानना है कि गूगल में चुने जाने के लिए अपनी स्किल्स को सही तरीके से सामने रखना आना चाहिए। उनकी यह सलाह उम्मीदवारों के लिए गेमचेंजर साबित हो सकती है। गूगल हो या कोई और बड़ी टेक कंपनी, ड्रीम जॉब की कोशिश कर रहे हैं तो इन सुझावों से अपना रेज्यूमे बेहतर बना सकते हैं। गूगल में नौकरी की प्रक्रिया काफी लंबी और पेचीदा होती है। गूगल हो या माइक्रोसॉफ्ट जैसी बड़ी कंपनियां, वहां हाई-पेइंग नौकरी की तैयारी करने वालों के काम ये बातें आ सकती हैं।

पहला सुझाव AI टूल्स के स्मार्ट इस्तेमाल का है। बेन मीड कहते हैं कि पहले एक मास्टर रेज्यूमे बनाइए, जो ३ से ४ पन्नों का हो सकता है। उसमें अपने सारे अनुभव, प्रोजेक्ट्स और अचीवमेंट्स डाल दीजिए। फिर जिस पद के लिए अप्लाई कर रहे हैं, उसका जॉब डिस्क्रिप्शन गूगल के Gemini AI में डालकर मास्टर रेज्यूमे को उस रोल के हिसाब से कस्टमाइज कर लीजिए। इससे वक्त बचेगा और सही अनुभव उभरकर आएगा।

दूसरा सुझाव है कि सोच-समझकर अप्लाई करें। अक्सर लोग एक ही कंपनी की १५-२० अलग-अलग नौकरियों के लिए फॉर्म भर देते हैं। यह बड़ी गलती है और कंपनी की नजर में यह 'रेड फ्लैग' है। गूगल रिक्रूटर का कहना है कि २० अलग पदों पर अप्लाई करने के बजाय सिर्फ उन २ से ३ रोल पर ध्यान दीजिए जो आपके अनुभव से सबसे ज्यादा मेल खाते हों। फॉर्म भरने से पहले जॉब की न्यूनतम और पसंदीदा योग्यता भी ठीक से देख लीजिए।

तीसरा सुझाव STAR मेथड से इंटरव्यू की तैयारी का है। इंटरव्यू के सवालों के जवाब देने के लिए बेन मीड ने STAR फ्रेमवर्क अपनाने को कहा है। इसमें Situation यानी समस्या या हालात क्या थे, Task यानी आपकी जिम्मेदारी क्या थी, Action यानी आपने कौन से कदम उठाए, और Result यानी उसका क्या नतीजा निकला, ये चार बातें आती हैं। इस तरह दिया गया जवाब सिलसिलेवार और असरदार लगता है।

चौथा सुझाव प्रॉब्लम-सॉल्विंग अप्रोच दिखाने का है। गूगल के इंटरव्यूअर सिर्फ यह नहीं देखते कि आपको क्या आता है, वे यह भी परखते हैं कि आप सोचते कैसे हैं। कोई ओपन या मुश्किल सवाल आए तो सीधे जवाब देने के बजाय पहले अपनी मान्यताएं साफ कीजिए। फिर इंटरव्यूअर से सवाल पूछकर बात साफ कर लीजिए। अपने विचार लॉजिकल ढंग से रखना ही आपकी असली काबिलियत दिखाता है।

पांचवां सुझाव गूगल की वैल्यूज और टीम वर्क पर ध्यान देने का है। गूगल उन लोगों को ज्यादा तरजीह देता है जो अनिश्चितता को संभाल सकते हैं। वहां ऐसे लोगों की भर्ती होती है जो यूजर्स की जरूरतों का ख्याल रख सकें और नैतिक फैसले ले सकें। इंटरव्यू में ऐसे उदाहरण बताइए, जिनसे साफ हो कि मुश्किल घड़ी में आपने कैसे काम किया और आपकी वजह से टीम को क्या कामयाबी मिली।

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप You पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे