नागपुर-चंद्रपुर एक्सप्रेस-वे पर 25 नवंबर को समुद्रपुर में होगी पर्यावरण जनसुनवाई
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प्रस्तावित नागपुर-चंद्रपुर एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेस-वे के वर्धा जिले से गुजरने वाले हिस्से को लेकर पर्यावरण जनसुनवाई 25 नवंबर 2026 को होगी। नागपुर में बैठे महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (MPCB) ने इसका सार्वजनिक नोटिस जारी किया है। नोटिस में आम लोगों, पर्यावरण संगठनों और दूसरे हितधारकों से आपत्तियां, सुझाव और टिप्पणियां मांगी गई हैं।
जनसुनवाई वर्धा जिले के समुद्रपुर में विद्या विकास कॉलेज के सामने दीपाली मंगल कार्यालय में होगी। समय 25 नवंबर 2026 की सुबह 11.30 बजे रखा गया है।
यह सुनवाई केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की 14 सितंबर 2006 की पर्यावरण मंजूरी अधिसूचना और 1 दिसंबर 2009 के उसके संशोधन के प्रावधानों के तहत की जा रही है। महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (MSRDC) के कार्यकारी अभियंता ने प्रस्तावित परियोजना की पर्यावरण आकलन प्रक्रिया के हिस्से के तौर पर MPCB से यह सुनवाई कराने को कहा था।
स्थानीय लोग, परियोजना से प्रभावित होने की संभावना वाले लोग, पर्यावरण संगठन और दूसरे इच्छुक पक्ष सुनवाई में शामिल हो सकते हैं। वे अपनी राय, आपत्तियां और सुझाव मुंह से बोलकर या लिखकर दे सकते हैं।
जो लोग लिखित में अपनी बात भेजना चाहते हैं, वे नोटिस छपने की तारीख से लेकर जनसुनवाई की तारीख तक MPCB के दो दफ्तरों में भेज सकते हैं। पहला है MPCB का क्षेत्रीय कार्यालय, नागपुर। इसका पता पांचवीं मंजिल, उद्योग भवन, सिविल लाइंस, नागपुर-440001 है। फोन नंबर 0712-2560852 और ईमेल ronagpur@mpcb.gov.in है।
दूसरा दफ्तर MPCB का उप-क्षेत्रीय कार्यालय-II, नागपुर है। यह भी पांचवीं मंजिल, उद्योग भवन, सिविल लाइंस, नागपुर में है। इसका ईमेल sronagpur2@mpcb.gov.in है।
पर्यावरण प्रभाव आकलन (EIA) रिपोर्ट और उसका कार्यकारी सारांश अंग्रेजी और मराठी, दोनों भाषाओं में देखने के लिए रखा गया है। काम के घंटों में तय सरकारी दफ्तरों में लोग इन्हें देख सकते हैं।
इनमें वर्धा का जिलाधिकारी कार्यालय, जिला उद्योग केंद्र और जिला परिषद शामिल हैं। साथ ही केंद्र और महाराष्ट्र के पर्यावरण विभागों के संबंधित दफ्तर, मुंबई में MPCB का मुख्यालय और नागपुर का क्षेत्रीय कार्यालय भी इस सूची में हैं। परियोजना के दायरे में आने वाले इलाकों के उप-विभागीय अधिकारी कार्यालय, तहसील कार्यालय, पंचायत समितियां, नगर परिषदें और ग्राम पंचायत कार्यालयों में भी रिपोर्ट देखी जा सकती है।
यह नोटिस महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, नागपुर के उप-क्षेत्रीय अधिकारी-II सुशीलकुमार राठौड़ ने जारी किया है। 25 नवंबर की सुनवाई में निवासियों और दूसरे हितधारकों को पर्यावरण से जुड़ी अपनी चिंताएं उठाने और अपने सुझाव दर्ज कराने का मौका मिलेगा। यह परियोजना की पर्यावरण आकलन प्रक्रिया का हिस्सा है।
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