थोरवे का तटकरे पिता-पुत्र पर वार, शराब फैक्टरी के आरोप पर प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिया इस्तीफे का चैलेंज
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
कर्जत के विधायक महेंद्र थोरवे ने अपने घर पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सुनील तटकरे और अनिकेत तटकरे पर निशाना साधा। खालापुर की एक कंपनी को लेकर उन्होंने जांच की बात भी कही।
कर्जत के विधायक महेंद्र थोरवे और तटकरे परिवार के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। थोरवे ने कल आरोप लगाया था कि खालापुर तहसील में अनिकेत तटकरे की शराब की फैक्टरी है। इसके बाद अनिकेत तटकरे ने कहा कि थोरवे कभी घोड़े पर तो कभी गधे पर आते हैं। इसी बात का जवाब देने के लिए थोरवे ने अपने निवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में विधायक थोरवे ने सुनील तटकरे और अनिकेत तटकरे पर जोरदार हमला बोला। थोरवे ने कहा कि वे घोड़े पर इसलिए रहते हैं कि तुम्हारा बाप गिरगिट की तरह रंग बदलता है, और इसीलिए बाप-बेटे से ऐसी ही भाषा में बात करनी चाहिए।
थोरवे ने आगे कहा कि हमने पार्टी का आदेश माना, इसी वजह से तुम विधायक बने हो। उनके मुताबिक अनिकेत तटकरे अपने या अपने पिता के काम के दम पर विधान परिषद के लिए नहीं चुने गए, बल्कि शिवसेना पार्टी की वजह से विधायक बने हैं। थोरवे ने कहा कि अगर विधायक बनने के बाद इतनी खुजली है तो इस्तीफा दे दो। उन्होंने कहा कि वे अपने बेटे को अनिकेत के सामने खड़ा कर देंगे, तब दूध का दूध हो जाएगा। यह चुनौती देने के बाद थोरवे ने यह भी कहा कि विधायक बनने के लिए सुनील तटकरे लाचार हो गए थे।
थोरवे ने एक पुराना वाकया भी सुनाया। उन्होंने कहा कि उस वक्त उन्हें 25 कॉल आए होंगे, जिनमें महेंद्र दळवी की बेटी का फॉर्म वापस लेने को कहा जा रहा था।
विकास के मुद्दे पर थोरवे ने कहा कि वे विकास को प्राथमिकता देने वाले लोग हैं और उनकी कोशिश है कि उनके निर्वाचन क्षेत्र में विकास के काम हों। इसी वजह से जब टोरंट जैसा प्रोजेक्ट आ रहा था, तो उन्होंने उसे समर्थन दिया। उन्होंने राष्ट्रवादी काँग्रेस पार्टी से कहा कि अगर विरोध करना है तो वह सत्ता से बाहर निकले और टोरंट का विरोध करती रहे।
खालापुर तहसील की चिलठण ग्राम पंचायत में रॉकिंग बॉम्बे नाम की कंपनी है। थोरवे ने कहा कि यह कंपनी खुद को इथेनॉल बनाने वाली बता रही है। उनके मुताबिक इथेनॉल का इस्तेमाल शराब बनाने में होता है, और रिहायशी इलाके में प्रदूषण करने वाली कंपनी खोलकर निर्वाचन क्षेत्र की जनता की सेहत खतरे में डाली जा रही है। थोरवे ने तटकरे से कहा कि अगर उन्हें यह प्रोजेक्ट लगाना है तो अपने निर्वाचन क्षेत्र में ले जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि शराब बनाने वाली कंपनी का असली मकसद सामने लाने का काम वे करेंगे। थोरवे ने मांग की कि प्रदूषण नियंत्रण मंडल बताए कि उस कंपनी में बनने वाले इथेनॉल का इस्तेमाल किसलिए होगा।
थोरवे ने सुनील तटकरे पर आरोप लगाया कि वे झूठे और बनावटी कागजात बनाने में माहिर हैं और जनता की आंखों में धूल झोंकेंगे। थोरवे ने कहा कि वे इस मामले की तह तक जाएंगे। उन्होंने खुले तौर पर चेतावनी दी कि वे अपने निर्वाचन क्षेत्र की जनता की सेहत खराब नहीं होने देंगे।
यह विवाद ऐसे वक्त में उठा है जब राष्ट्रवादी काँग्रेस के टोरंट प्रोजेक्ट को समर्थन देने के बाद थोरवे पहले ही चर्चा में आ चुके थे। तब उन्होंने जाहिर तौर पर कहा था कि राष्ट्रवादी काँग्रेस को बाहर निकल जाना चाहिए। अब अनिकेत तटकरे की ओर से शराब की फैक्टरी खोले जाने के आरोप के बाद ऐन दिवाली से पहले ही सियासी पटाखे फूटने लगे हैं।
कमेंट
अभी कोई कमेंट नहीं। पहले आप लिखिए।