कलमेश्वर की फैक्टरी में बॉयलर फटा, तीन मजदूर घायल; लकड़गंज के गोदाम में भीषण आग
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
नागपुर जिले में दो अलग हादसों ने औद्योगिक सुरक्षा और आपात तैयारियों पर फिर सवाल खड़े किए हैं। शनिवार रात कलमेश्वर एमआईडीसी में स्टीम बॉयलर फटा और रविवार सुबह लकड़गंज में प्लास्टिक गोदाम जल उठा।
नागपुर जिले में एक ही के बाद एक दो औद्योगिक हादसे हुए हैं। एक में फैक्टरी का बॉयलर फट गया और दूसरे में गोदाम में भीषण आग लग गई। नागपुर में 1 नवंबर 2026 को सामने आई इन घटनाओं के बाद कारखानों की सुरक्षा और आपात इंतजामों को लेकर चिंता फिर बढ़ गई है।
पहला हादसा शनिवार रात करीब 9:30 बजे कलमेश्वर एमआईडीसी में हुआ। वहां Chemfield Company में एक स्टीम बॉयलर अचानक जोर के धमाके के साथ फट गया। बताया जा रहा है कि धमाका इतना तेज था कि फैक्टरी की दीवार का एक हिस्सा गिर गया।
इस हादसे में तीन मजदूर नीरज यादव, रवि निषाद और 18 साल के June Bandsing को मामूली चोटें आईं। तीनों को तुरंत एक प्राइवेट अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें शुरुआती इलाज मिला। उसी रात तीनों को अस्पताल से छुट्टी भी दे दी गई। राहत की बात यह रही कि किसी की जान नहीं गई।
शुरुआती अंदाजे के मुताबिक तापमान में अचानक उतार-चढ़ाव की वजह से बॉयलर फट सकता है। हालांकि असल वजह अभी तय नहीं हुई है। कलमेश्वर पुलिस मौके पर पहुंची और उसने मामले की जांच शुरू कर दी है।
दूसरी घटना रविवार सुबह नागपुर के लकड़गंज स्मॉल इंडस्ट्रीज एस्टेट में हुई। यहां प्लास्टिक पैकेजिंग (बारदाना) के एक गोदाम में बड़ी आग लग गई। बताया गया है कि गोदाम में प्लास्टिक का कच्चा माल और तैयार माल भारी मात्रा में रखा था।
रखा हुआ सामान बहुत ज्वलनशील था, इसलिए आग तेजी से फैली और आसपास के इलाके में काले धुएं के घने बादल छा गए। दमकल की छह से सात गाड़ियां मौके पर भेजी गईं और जवान आग पर काबू पाने में जुट गए।
दमकल कर्मी लगातार पानी की बौछार कर रहे हैं ताकि लपटें काबू में आएं। साथ ही कोशिश यह भी है कि आग पड़ोस की फैक्टरियों और दूसरी औद्योगिक इकाइयों तक न पहुंचे। आसपास प्लास्टिक से जुड़ी कई इकाइयां हैं, इसलिए आग बुझाने का काम और मुश्किल हो गया है।
कम समय में हुई इन दो घटनाओं के बाद नागपुर जिले में औद्योगिक सुरक्षा के इंतजाम फिर जांच के दायरे में आ गए हैं। सवाल उठ रहे हैं कि कारखानों में मशीनों की देखरेख कैसी होती है, आग से बचाव के इंतजाम कितने हैं, ज्वलनशील सामान कैसे रखा जाता है और फैक्टरियों व गोदामों में आपात व्यवस्था कितनी कारगर है।
दोनों हादसों की सही वजह और संपत्ति को हुए नुकसान का पूरा आकलन अभी बाकी है।
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