माणगाव नगरपंचायत में 158 करोड़ की भूमिगत सीवर योजना 10-6 से पास, विपक्ष जाएगा कलेक्टर के पास
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माणगाव नगरपंचायत की विशेष सभा में विश्व बैंक की मदद वाली भूमिगत गटर योजना पर हंगामा हुआ। हाथ उठाकर हुए मतदान में योजना 10 के मुकाबले 6 वोट से मंजूर हुई।
माणगाव नगरपंचायत में भूमिगत सीवर योजना को लेकर गुरुवार, 29 अक्टूबर को हुई विशेष सभा में जमकर हंगामा हुआ। सभा नगरपंचायत कार्यालय के सभागार में हुई। इसमें योजना 10 के मुकाबले 6 वोट से मंजूर कर ली गई, लेकिन विपक्ष के पार्षदों ने सभा को ही नियम के खिलाफ बताया और कहा कि वे इसकी शिकायत रायगड के जिलाधिकारी से करेंगे।
यह योजना विश्व बैंक की मदद से MUWREP के तहत माणगाव नगरपंचायत के लिए आई है। इसके लिए 158 करोड़ रुपये का फंड मंजूर हो चुका है। योजना को पूरे नगरपंचायत इलाके में चलाने के लिए नगरपंचायत का बहुमत से प्रस्ताव पास होना जरूरी था। इसी वजह से गुरुवार की सभा बुलाई गई थी। सभा की पीठासन अधिकारी और नगराध्यक्ष शर्मिला सुर्वे ने इसे बुलाया था।
प्रस्ताव पर बोलते हुए नगराध्यक्ष शर्मिला सुर्वे ने कहा कि जिन पार्षदों को यह योजना मंजूर है, वे हाथ ऊपर करें। हाथ उठाकर हुए इस मतदान में योजना के पक्ष में 10 और विरोध में 6 वोट पड़े। इस तरह प्रस्ताव पास हो गया। सुर्वे का कहना था कि लोगों ने उन्हें चुनकर भेजा है, इसलिए वे विकास के कामों का कभी विरोध नहीं करेंगी और यह योजना नगरपंचायत में लागू करनी है।
इस मुद्दे पर पहले भी सभा बुलाई जा चुकी थी। पिछले 27 अगस्त को भूमिगत सीवर योजना के लिए पार्षदों की पहली सभा हुई थी। अब दो महीने बाद दोबारा सभा बुलाई गई, जो विपक्ष को खटक गई।
पूर्व नगराध्यक्ष और मौजूदा पार्षद आनंद यादव, जो राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता हैं, ने सुर्वे की बात पर एतराज जताया। यादव ने कहा कि उनका विकास के कामों से कोई विरोध नहीं है। उनके मुताबिक भूमिगत सीवर योजना होनी चाहिए, इस राय के वे भी हैं। लेकिन उनका कहना है कि अगस्त में हुई नगरपंचायत की सभा में यह योजना सर्वानुमति से रद्द कर दी गई थी। उन्होंने सवाल उठाया कि इसके बाद ऐसा क्या हुआ कि दो महीने में फिर सभा लेनी पड़ी। यादव ने यह सभा नियम के खिलाफ और अवैध बताई।
यादव ने पैसों का मुद्दा भी उठाया। उनके अनुसार योजना के लिए शुरुआत में 5 प्रतिशत रकम, यानी करीब 7 करोड़ रुपये, नगरपंचायत को भरने होंगे। उन्होंने कहा कि इस योजना की वजह से शहर के लोगों पर टैक्स लगेगा। यादव का यह भी कहना था कि नगरपंचायत की आर्थिक हालत अभी खराब है और बिजली का बिल भरने व कर्मचारियों की तनख्वाह देने के लिए भी पैसे नहीं हैं।
सभा में नगराध्यक्ष शर्मिला सुर्वे, उपनगराध्यक्ष रिया उभारे, पार्षद आनंद यादव, पूर्व नगराध्यक्ष और मौजूदा पार्षद ज्ञानदेव पवार, जलापूर्ति सभापति अजित तारलेकर और महिला व बाल कल्याण समिति की सभापति नंदिनी बामगुडे मौजूद थे। इनके अलावा पार्षद कपिल गायकवाड, दिनेश रातवडकर, राजेश मेहता, सचिन बोंबले, प्रशांत साबळे और महिला पार्षद ममता थोरे, रश्मी मुंढे, सुशीला वाढवळ, लक्ष्मी जाधव, सुविधा खैरे, हर्षदा सोंडकर भी थीं। स्वीकृत पार्षद विश्वजित जाधव और विठोबा पालकर तथा मुख्याधिकारी संतोष माळी भी सभा में हाजिर रहे।
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